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कमलनाथ सरकार को झटका, ओबीसी को 27 फीसदी आरक्षण पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने लगाई रोक
Tue, 19 Mar 2019 06:30 PM IST
संदीप भट्ट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप भट्ट
Updated Tue, 19 Mar 2019 06:30 PM IST
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मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
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मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने के कमलनाथ सरकार के फैसले पर रोक लगा दी है। इस आदेश से राज्य सरकार को झटका लगा है। जस्टिस आरएस झा व संजय द्विवेदी की खंडपीठ ने आदेश में कहा है कि 25 मार्च से एमबीबीएस में चयन के लिए प्रस्तावित काउंसिलिंग में ओबीसी को 14 प्रतिशत आरक्षण रहेगा।
जबलपुर निवासी असिता दुबे, भोपाल निवासी ऋचा पांडे और सुमन सिंह की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि संविधान के अनुच्छेद 16 में प्रावधान है कि एससीएसटी-ओबीसी को मिलाकर आरक्षण 50 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए।
वर्तमान में एससी को 16 प्रतिशत, एसटी को 20 और ओबीसी को 14 प्रतिशत आरक्षण मिल रहा है। मध्यप्रदेश सरकार ने 8 मार्च को अध्यादेश जारी कर ओबीसी का आरक्षण 14 प्रतिशत से बढाकर 27 कर दिया, जोकि असंवैधानिक है। अधिवक्ता आदित्य संघी के तर्कों को सुनने के बाद जबलपुर हाईकोर्ट ने यह निर्णय सुनाया।
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जबलपुर निवासी असिता दुबे, भोपाल निवासी ऋचा पांडे और सुमन सिंह की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि संविधान के अनुच्छेद 16 में प्रावधान है कि एससीएसटी-ओबीसी को मिलाकर आरक्षण 50 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए।
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वर्तमान में एससी को 16 प्रतिशत, एसटी को 20 और ओबीसी को 14 प्रतिशत आरक्षण मिल रहा है। मध्यप्रदेश सरकार ने 8 मार्च को अध्यादेश जारी कर ओबीसी का आरक्षण 14 प्रतिशत से बढाकर 27 कर दिया, जोकि असंवैधानिक है। अधिवक्ता आदित्य संघी के तर्कों को सुनने के बाद जबलपुर हाईकोर्ट ने यह निर्णय सुनाया।
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