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सिर की हड्डी को ऑपरेशन कर पेट में रखा, अब सर्जरी का उपकरण न होने पर खतरे में मरीज की जान
Thu, 25 Jul 2019 08:45 AM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Priyesh Mishra
Updated Thu, 25 Jul 2019 08:45 AM IST
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हमीदिया अस्पताल
- फोटो : सोशल मीडिया
मध्यप्रदेश के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति भयावह हो गई है। ऑपरेशन के लिए मरीजों को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल का चक्कर काटना पड़ रहा है। ताजा मामला विदिशा जिले की रहने वाली गीताबाई सेन से जुड़ा है।
गीताबाई पिछले छह माह से ऑपरेशन के लिए हमीदिया अस्पताल का चक्कर लगा रही हैं। लेकिन हर बार ऑपरेशन के लिए जरुरी उपकरणों का अभाव बता कर उन्हें लौटा दिया जाता है।
आज से 11 महीने पहले बाइक से गिरने के कारण उन्हें सिर में गंभीर चोट लग गई थी। जिसके बाद उन्हें विदिशा जिला अस्पताल ने भोपाल के हमीदिया रेफर कर दिया। यहां सिर में खून का थक्का जमने के कारण ऑपरेशन किया गया।
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दिमाग का आकार बढ़ सके इसके लिए डॉक्टरों ने गीताबाई के सिर को खोल दिया और सिर की एक हड्डी को पेट की स्किन के नीचे रख दिया। सिर का सूजन खत्म होने के बाद इस हड्डी को फिर से सिर में लगाना था।
डॉक्टरों ने छह महीने बाद दूसरा ऑपरेशन कराने की सलाह दी थी। लेकिन अब जरुरी सामान का अभाव बताकर उनका ऑपरेशन करने से मना किया जा रहा है। हमीदिया अस्पताल के डॉक्टर उन्हें जबलपुर या इंदौर के अस्पताल में इलाज कराने की सलाह दे रहे हैं।
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गीताबाई पिछले छह माह से ऑपरेशन के लिए हमीदिया अस्पताल का चक्कर लगा रही हैं। लेकिन हर बार ऑपरेशन के लिए जरुरी उपकरणों का अभाव बता कर उन्हें लौटा दिया जाता है।
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आज से 11 महीने पहले बाइक से गिरने के कारण उन्हें सिर में गंभीर चोट लग गई थी। जिसके बाद उन्हें विदिशा जिला अस्पताल ने भोपाल के हमीदिया रेफर कर दिया। यहां सिर में खून का थक्का जमने के कारण ऑपरेशन किया गया।
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दिमाग का आकार बढ़ सके इसके लिए डॉक्टरों ने गीताबाई के सिर को खोल दिया और सिर की एक हड्डी को पेट की स्किन के नीचे रख दिया। सिर का सूजन खत्म होने के बाद इस हड्डी को फिर से सिर में लगाना था।
डॉक्टरों ने छह महीने बाद दूसरा ऑपरेशन कराने की सलाह दी थी। लेकिन अब जरुरी सामान का अभाव बताकर उनका ऑपरेशन करने से मना किया जा रहा है। हमीदिया अस्पताल के डॉक्टर उन्हें जबलपुर या इंदौर के अस्पताल में इलाज कराने की सलाह दे रहे हैं।
