फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Hacking from jail: Ujjain Jail prisoner allegedly hacks the phones of IPS officers, judges and secretary of the Home Minister, cyber cell started investigation

जेल से हैकिंग: उज्जैन जेल में बंद कैदी से आईपीएस अफसरों, जजों और गृहमंत्री के सचिव के फोन हैक कराए, साइबर सेल ने शुरू की जांच

Tue, 09 Nov 2021 11:26 AM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: रवींद्र भजनी Updated Tue, 09 Nov 2021 11:26 AM IST
सार

उज्जैन जेल के अधिकारियों पर एक कैदी ने दबाव डालकर आईपीएस अफसरों, जजों और गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के सचिव समेत कई लोगों के मोबाइल हैक कराने का आरोप लगाया है।  

विज्ञापन
Hacking from jail: Ujjain Jail prisoner allegedly hacks the phones of IPS officers, judges and secretary of the Home Minister, cyber cell started investigation
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

विस्तार

मध्य प्रदेश के उज्जैन जेल के अधिकारियों पर दोषी कैदी ने डिजिटल धोखाधड़ी करवाने का आरोप लगाया है। बंदी का आरोप है कि जेल अधिकारियों ने उस पर दबाव डालकर आईपीएस अफसरों, जजों और गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के सचिव समेत कई लोगों के मोबाइल हैक कराए। कैदी का यह भी आरोप है कि जेल स्टाफ ने दबाव डालकर उससे साइबर अपराध करवाए और पैसा कमाया। 
विज्ञापन


कैदी का नाम महाराष्ट्र निवासी अनंत अमर अग्रवाल है। वह जालसाजी के मामले में दोषी साबित हो चुका है। कैदी की शिकायत के बाद उसे सुरक्षा कारणों से उज्जैन से भोपाल सेंट्रल जेल ट्रांसफर कर दिया गया है। कैदी की शिकायत पर साइबर सेल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच के लिए तीन टीमें बनाई गई हैं।  
विज्ञापन


जेल में दिया गया इंटरनेट, लैपटॉप
अंग्रेजी अखबार में प्रकाशित खबर के अनुसार अनंत कई अलायस नामों से सक्रिय था- कृष्णा केशकर, अभिजीत मदने और अनंत अग्रवाल। अग्रवाल का आरोप है उज्जैन जेल में उसे लैपटॉप और इंटरनेट सुविधा दी गई थी। डार्क नेट से खरीदे गए क्रेडिट कार्ड का उपयोग कर उसने डिजिटल फ्रॉड के जरिए करोड़ों रुपए कमाए. जेल अधिकारियों ने उसे प्रदेश के वीआईपी लोगों के मोबाइल फोन में 'मैलवेयर' लोड करने को भी कहा गया था।  
विज्ञापन
विज्ञापन


ट्रायल कोर्ट के सामने की थी शिकायत
कैदी ने महिला जेल अधीक्षक और उप जेल अधीक्षक पर दबाव डालकर धोखाधड़ी करवाने के आरोप लगाए हैं। यह शिकायत उसने एक ट्रायल कोर्ट में की थी। कोर्ट ने यह शिकायत जेल विभाग को भेजी और वहां से साइबर सेल के पास पहुंची। मुख्य आरोप साबित नहीं हुए हैं, फिर भी उज्जैन के एक पूर्व जेल अधीक्षक जांच की राडार पर है, जिसने अग्रवाल को जेल में लैपटॉप और इंटरनेट सुविधा दे रखी थी। यह जेल मैनुअल का उल्लंघन है। 


आईआईटी-कानपुर से होने का दावा 
अग्रवाल ने आईआईटी-कानपुर से ग्रेजुएट होने का दावा किया है। उसने विदेशी विश्वविद्यालयों से भी पढ़ाई की है। जांचकर्ताओं ने पाया कि वह आठवीं फेल है। अन्य राज्यों में भी उसके खिलाफ जालसाजी के आरोप हैं। अधिकारियों ने पाया कि अग्रवाल को लैपटॉप और इंटरनेट सुविधा दी गई थी ताकि वह पूर्व जेल अधीक्षक को तात्या टोपे पर किताब लिखने में मदद कर सके।    
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed