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Gwalior: नर्स पेपर लीक मामले में धराए आरोपियों को पुलिस ने रिमांड पर लिया, सूत्रधार को पकड़ने 20 टीमें निकलीं
Thu, 09 Feb 2023 04:34 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Thu, 09 Feb 2023 04:34 PM IST
सार
संविदा स्टाफ नर्स भर्ती परीक्षा का पर्चा लीक मामले में अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गुरुवार को सभी को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से तीन आरोपियों को तीन दिन के लिए पुलिस रिमांड पर सौंप दिया गया, जबकि पांच को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
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ग्वालियर कोर्ट ने नर्स पेपर लीक मामले में तीन आरोपियों को पुलिस रिमांड पर भेजा है।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
ग्वालियर पुलिस और क्राइम ब्रांच ने संविदा स्टाफ नर्स भर्ती परीक्षा का पर्चा लीक मामले में अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया है। गुरुवार को सभी को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने पुलिस की अर्जी को स्वीकार करते हुए तीन आरोपियों को तीन दिन के लिए पुलिस रिमांड पर सौंप दिया जबकि पांच को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। गिरोह के मुख्य सरगना की अभी पुलिस को तलाश है जो कि उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद का रहने वाला है।
बता दें कि नेशनल हेल्थ मिशन मध्यप्रदेश की 7 फरवरी को आयोजित संविदा स्टाफ नर्स भर्ती परीक्षा का पर्चा लीक होने के बाद एग्जाम को निरस्त कर दिया गया है। मामले में गिरफ्तार आरोपियों में से तीन का रिमांड पुलिस को मिल गया है। पुलिस ने इनसे इनसे पूरे गोरखधंधे के नेटवर्क को लेकर विस्तृत पूछताछ करेगी। साथ ही गिरोह के सरगना को लेकर भी पूछताछ की जाएगी। सरगना अब भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। साथ ही पुलिस ने आरोपियों से बरामद हुए लीक पेपर को मिलान के लिए संबंधित एजेंसी को भेजा है जिसके बाद पता लग सकेगा कि पेपर में कितने क्वेश्चन एक जैसे थे ?
पुलिस ने सभी आरोपियों के पांच दिन के रिमांड की अर्जी में लगाई थी लेकिन कोर्ट ने सौरभ तिवारी सहित पांच आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए, जबकि मनीष, दीपू पांडे और धनंजय को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर सौंप दिया। ग्वालियर के एसएसपी अमित सांघी ने बताया कि पुलिस ने डबरा के टेकनपुर स्थित होटल से 33 लोगों को पकड़ा था इनमें से सात आरोपी थे, जो पर्चा बेच रहे थे। दो आरोपी उत्तरप्रदेश के इलाहबाद के रहने वाले हैं। बाकी दो आरोपी हरियाणा और तीन ग्वालियर के रहने वाले हैं। पुलिस को अभी इनके एक मुख्य साथी की तलाश है जो कि उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद का रहने वाला है।
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आरोपियों से बरामद हुए मोबाइल की भी पुलिस द्वारा जांच पड़ताल की जा रही है। पुलिस ने मुख्य आरोपी को दबोचने के लिए 20 से अधिक अलग-अलग टीमें तैयार की हैं ताकि मास्टर माइंड को जल्द से जल्द पकड़ा जा सके। उसके पकड़ने के बाद ही पता लग सकेगा कि मुख्य आरोपी द्वारा यह पेपर कैसे प्राप्त किया गया और कौन-कौन लोग इस मामले में इंवॉल्व हैं। पुलिस की अलग-अलग टीमें ग्राउंड लेवल पर काम कर रही हैं और यह भी पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि जिस कंपनी को पेपर तैयार कराने का ठेका दिया गया था उसकी भूमिका क्या है ?
सांघी ने बताया कि आरोपियों से बरामद हुए पेपर मिलान के लिए भेज दिए गए पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि जो पेपर लीक हुआ है वह पहली पाली का था या दूसरी पाली का। तलाशी में आरोपियों के पास से कई स्टूडेंट्स के डॉक्यूमेंट्स भी मिले हैं। जो पर्चा लीक मामले में कथित आरोपियों ने गारंटी के तौर पर रखे थे। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि जिन उम्मीदवारों से पर्चे का सौदा हुआ था, उन सभी से टोकन अमाउंट लिया गया था। बकाया राशि एग्जाम के बाद लिया जाना तय हुआ था। पुलिस इस मामले में NHM के अफसरों की भूमिका भी जांच रही है।
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बता दें कि नेशनल हेल्थ मिशन मध्यप्रदेश की 7 फरवरी को आयोजित संविदा स्टाफ नर्स भर्ती परीक्षा का पर्चा लीक होने के बाद एग्जाम को निरस्त कर दिया गया है। मामले में गिरफ्तार आरोपियों में से तीन का रिमांड पुलिस को मिल गया है। पुलिस ने इनसे इनसे पूरे गोरखधंधे के नेटवर्क को लेकर विस्तृत पूछताछ करेगी। साथ ही गिरोह के सरगना को लेकर भी पूछताछ की जाएगी। सरगना अब भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। साथ ही पुलिस ने आरोपियों से बरामद हुए लीक पेपर को मिलान के लिए संबंधित एजेंसी को भेजा है जिसके बाद पता लग सकेगा कि पेपर में कितने क्वेश्चन एक जैसे थे ?
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पुलिस ने सभी आरोपियों के पांच दिन के रिमांड की अर्जी में लगाई थी लेकिन कोर्ट ने सौरभ तिवारी सहित पांच आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए, जबकि मनीष, दीपू पांडे और धनंजय को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर सौंप दिया। ग्वालियर के एसएसपी अमित सांघी ने बताया कि पुलिस ने डबरा के टेकनपुर स्थित होटल से 33 लोगों को पकड़ा था इनमें से सात आरोपी थे, जो पर्चा बेच रहे थे। दो आरोपी उत्तरप्रदेश के इलाहबाद के रहने वाले हैं। बाकी दो आरोपी हरियाणा और तीन ग्वालियर के रहने वाले हैं। पुलिस को अभी इनके एक मुख्य साथी की तलाश है जो कि उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद का रहने वाला है।
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आरोपियों से बरामद हुए मोबाइल की भी पुलिस द्वारा जांच पड़ताल की जा रही है। पुलिस ने मुख्य आरोपी को दबोचने के लिए 20 से अधिक अलग-अलग टीमें तैयार की हैं ताकि मास्टर माइंड को जल्द से जल्द पकड़ा जा सके। उसके पकड़ने के बाद ही पता लग सकेगा कि मुख्य आरोपी द्वारा यह पेपर कैसे प्राप्त किया गया और कौन-कौन लोग इस मामले में इंवॉल्व हैं। पुलिस की अलग-अलग टीमें ग्राउंड लेवल पर काम कर रही हैं और यह भी पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि जिस कंपनी को पेपर तैयार कराने का ठेका दिया गया था उसकी भूमिका क्या है ?
सांघी ने बताया कि आरोपियों से बरामद हुए पेपर मिलान के लिए भेज दिए गए पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि जो पेपर लीक हुआ है वह पहली पाली का था या दूसरी पाली का। तलाशी में आरोपियों के पास से कई स्टूडेंट्स के डॉक्यूमेंट्स भी मिले हैं। जो पर्चा लीक मामले में कथित आरोपियों ने गारंटी के तौर पर रखे थे। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि जिन उम्मीदवारों से पर्चे का सौदा हुआ था, उन सभी से टोकन अमाउंट लिया गया था। बकाया राशि एग्जाम के बाद लिया जाना तय हुआ था। पुलिस इस मामले में NHM के अफसरों की भूमिका भी जांच रही है।
