{"_id":"638a05fb639bd40b892e8fb2","slug":"mp-news-solver-sentenced-to-four-years-in-pmt-forgery-case-special-cbi-court-verdict","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP News: पीएमटी फर्जीवाड़ा मामले में सॉल्वर को चार साल की सजा, CBI की विशेष अदालत ने सुनाया फैसला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP News: पीएमटी फर्जीवाड़ा मामले में सॉल्वर को चार साल की सजा, CBI की विशेष अदालत ने सुनाया फैसला
Fri, 02 Dec 2022 07:34 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Fri, 02 Dec 2022 07:34 PM IST
सार
पीएमटी फर्जीवाड़े में सीबीआई की विशेष अदालत ने एक सॉल्वर को चार साल की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर आठ हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
विज्ञापन
cbi court
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मध्य प्रदेश के चर्चित पीएमटी फर्जीवाड़े में सीबीआई की विशेष अदालत ने एक सॉल्वर को चार साल की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर आठ हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। इस सॉल्वर को गुना के पीजी कॉलेज में आयोजित हो रही पीएमटी परीक्षा के दौरान पकड़ा गया था।
जानकारी के अनुसार सीबीआई की विशेष अदालत ने पीएमटी फर्जीवाड़ा मामले में सॉल्वर निर्मल वर्मा को सजा सुनाई है। निर्मल वर्मा उत्तर प्रदेश के फैजाबाद में रहता है। 5 जुलाई 2009 को निर्मल गुना जिले में किसी राहुल के नाम पर पीएमटी की परीक्षा में शामिल हुआ था।
जांच के दौरान गुना से निर्मल वर्मा के अलावा सिकंदर, दुर्गेश मिश्रा, जावेद को भी पकड़ा गया था। परीक्षा भवन में हस्ताक्षर और फोटो मिसमैच होने के कारण ये आरोपी पकड़ में आए थे। दुर्गेश मिश्रा एवं सिकंदर सिंह को एडीजे कोर्ट गुना ने 8 जनवरी 2015 को सजा सुनाई थी। जबकि इस मामले में मोहम्मद जावेद अभी तक फरार है। निर्मल वर्मा बाद में कोर्ट में हाजिर हो गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार सीबीआई की विशेष अदालत ने पीएमटी फर्जीवाड़ा मामले में सॉल्वर निर्मल वर्मा को सजा सुनाई है। निर्मल वर्मा उत्तर प्रदेश के फैजाबाद में रहता है। 5 जुलाई 2009 को निर्मल गुना जिले में किसी राहुल के नाम पर पीएमटी की परीक्षा में शामिल हुआ था।
विज्ञापन
जांच के दौरान गुना से निर्मल वर्मा के अलावा सिकंदर, दुर्गेश मिश्रा, जावेद को भी पकड़ा गया था। परीक्षा भवन में हस्ताक्षर और फोटो मिसमैच होने के कारण ये आरोपी पकड़ में आए थे। दुर्गेश मिश्रा एवं सिकंदर सिंह को एडीजे कोर्ट गुना ने 8 जनवरी 2015 को सजा सुनाई थी। जबकि इस मामले में मोहम्मद जावेद अभी तक फरार है। निर्मल वर्मा बाद में कोर्ट में हाजिर हो गया था।
विज्ञापन
