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MP News: 'लोकतंत्र को बचाना है तो मोदी की हत्या के लिए तत्पर रहो,' टिप्पणी पर पूर्व मंत्री राजा पटेरिया बरी

Tue, 08 Oct 2024 03:52 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर Published by: अरविंद कुमार Updated Tue, 08 Oct 2024 03:52 PM IST
सार

साल 2022 में राजा पटेरिया का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वे कथित रूप से कहते हुए दिख रहे थे, लोकतंत्र को बचाना है तो मोदी की हत्या के लिए तत्पर रहो।

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MP High Court Former minister Raja Pateria acquitted in comment case on PM Modi
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट, ग्वालियर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री राजा पटेरिया को ग्वालियर के एमपी-एमएलए कोर्ट ने बरी कर दिया। मामला दिसंबर 2022 का है।

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बता दें कि साल 2022 में पटेरिया का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वे कथित रूप से कहते हुए दिख रहे थे कि लोकतंत्र को बचाना है तो मोदी की हत्या के लिए तत्पर रहो। मामले में पटेरिया को गिरफ्तार किया गया और वे दो महीने 18 दिन जेल में रहे थे।
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एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश धीरेंद्र सिंह परिहार ने पारित आदेश में कहा कि प्रकरण के किसी भी चक्षुदर्शी गवाह ने यह नहीं कहा कि पूर्व मंत्री ने 11 दिसंबर 2022 को पवई स्थित विश्राम गृह में दोपहर 12 बजे के बीच प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ टिप्पणी की। पुलिस ने उस संदिग्ध वीडियो की जांच तक नहीं कराई। डीवीडी पेन ड्राइव के जरिए यह वीडियो न्यायालय में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान आरोपी के वकील संजय शर्मा ने बताया कि 12 दिसंबर 2022 को पूर्व मंत्री के खिलाफ एफआईआर की गई और 13 दिसंबर को उन्हें गिरफ्तार कर लिए गया।
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एफआईआर में बताया कि नगर परिषद पवई नाम के एक सोशल मीडिया ग्रुप में यह वीडियो शेयर किया गया था। लेकिन अभियोजन पक्ष कोर्ट में यह साबित नहीं कर पाया कि उक्त ग्रुप ने वीडियो किस व्यक्ति ने उन्हें पेन ड्राइव में दिया। थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार सिंह ने स्वीकार किया कि वीडियो की इलेक्ट्रॉनिक विशेषज्ञ से विश्वसनीयता, डबिंग और टेम्परिंग आदि की जांच नहीं कराई गई है। इसको आधार बनाकर आरोपी के एडवोकेट ने कोर्ट को बताया कि एआई टूल्स का उपयोग कर फर्जी वीडियो तैयार किये जा रहे हैं। उनके तर्कों को स्वीकार करते हुए कोर्ट ने वीडियो को संदिग्ध मानते हुए पूर्व मंत्री राजा पटेरिया को बरी कर दिया।

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