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Jiwaji University Gwalior: बीकॉम की 150 स्टूडेंट को दिया जीरो नंबर, एक हजार को एक ही सब्जेक्ट में किया फेल

Sat, 14 Sep 2024 06:56 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर Published by: अरविंद कुमार Updated Sat, 14 Sep 2024 06:56 PM IST
सार

जीवाजी विश्वविद्यालय का नया कारनामा सामने आया है। यहां बीकॉम की डेढ़ सौ स्टूडेंट को ज़ीरो नंबर दे दिया गया। जबकि 1,000 स्टूडेंट को एक ही सब्जेक्ट में फेल कर दिया गया।

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Jiwaji University Gwalior 150 B.Com students were given zero marks one thousand were failed in same subject
जीवाजी विश्वविद्यालय के छात्र - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ग्वालियर की जीवाजी यूनिवर्सिटी हमेशा ही अपने अजीबो गरीब कारनामों के लिए चर्चा में रहती है।ताजा मामला बीकॉम के रिजल्ट से जुड़ा सामने आया है। हाल ही में जीवाजी विश्वविद्यालय ने अपना बीकॉम का रिजल्ट घोषित किया तो, लेकिन इसके अंतर्गत आने वाले शासकीय विजयराजे कन्या विद्यालय मुरार में बीकॉम में पढ़ने वाली छात्राओं में से डेढ़ सौ को तो जीरो नंबर दे दिए, जबकि एक हजार छात्राओं को एक ही सब्जेक्ट में सप्लीमेंट्री दे दी।

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इससे नाराज छात्राएं जीवाजी विश्वविद्यालय में प्रदर्शन जारी है। शनिवार को सैकड़ों की संख्या में एनएसयूआई कार्यकर्ता और छात्र-छात्रा जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलगुरु अविनाश तिवारी के बंगले पर पहुंच गए। वहां उन्होंने जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस और छात्राओं के बीच भी झड़प देखने को मिली। NSUI छात्राएं कुलगुरु प्रो. अविनाश तिवारी के बंगले में घुसने की कोशिश कर रहे थे, गेट पर चढ़े छात्र और छात्राएं से पुलिस की जमकर झड़प भी हुई।
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छात्राओं का कहना है कि यूनिवर्सिटी ने हमारे साथ की एक हजार छात्राओं को एक ही सब्जेक्ट में सप्लीमेंट्री और 150 छात्राओं को पूरी तरह जीरो नंबर देकर फेल कर दिया गया है। ये कैसे हो सकता है? छात्राओं का ये भी कहना है कि हमारे सामने हम सब की कॉपियां दोबारा ओपन की जाएं और जिन लोगों ने कॉपी चेक किया जाए कि किस आधार पर उन्होंने जीरो नंबर दिया है। क्योंकि हम सब  कॉपी में सारे क्वेश्चन के आंसर लिखकर आए, फिर भी जीरो नंबर दिए गए।


छात्राओं ने विवि की कॉपी चेक करने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जो लोग भी कॉपी चेक करते हैं, उन सब की लिस्ट सार्वजनिक की जाए, जिससे हमें पता चले कि जो लोग कॉपी चेक करते हैं उनकी योग्यता क्या है?

धरने में पहुंचे एनएसयूआई के जीवाजी यूनिवर्सिटी इकाई के अध्यक्ष पारस यादव ने कहा कि विवि घोटालों का केंद्र है। जहां कॉपी जांचने वाला एक गिरोह काम कर रहा है। यहां की कॉपी ठेके पर जांच कराने के लिए भेजते हैं। जहां बगैर पढ़े लिखे लोग इनको जांचते हैं। इनके पारिश्रमिक में से पचास फीसदी कमीशन पहले ही विश्वविद्यालय से जुड़े लोगों द्वारा लिया जाता है। वहीं, यूनिवर्सिटी के कुलसचिव ने छात्राओं की बात सुनी और उनको आश्वासन देते हुए कहा है कि आपकी जो भी परेशानी है, उनको जल्दी निराकरण किया जाएगा। लेकिन वे मीडिया से बात करने को तैयार नहीं हैं।

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