फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Gwalior News ›   Gwalior News: Gwalior's disabled player Prachi won the bronze medal, the first Indian to get a medal in the Para Canoe World Cup

Gwalior News: ग्वालियर की दिव्यांग खिलाड़ी प्राची ने जीता ब्रांज मेडल, पैरा कैनो वर्ल्ड कप में पदक लाने वालीं पहली भारतीय

Mon, 30 May 2022 08:58 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर Published by: दिनेश शर्मा Updated Mon, 30 May 2022 08:58 PM IST
सार

प्राची पोलैंड के पोंजनान में चल रहे पैरा कैनो विश्व कप की महिला वीएल2 200 मीटर स्पर्धा में पदक जीतने वालीं पहली भारतीय बन गई हैं। प्राची ने 1:04.71 सेकेंड के समय से ब्रांज मेडल जीता। 

विज्ञापन
Gwalior News: Gwalior's disabled player Prachi won the bronze medal, the first Indian to get a medal in the Para Canoe World Cup
प्राची यादव ने पोलैंड में आयोजित ‘पैरा कैनो वर्ल्ड कप’ में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मध्य प्रदेश के ग्वालियर की बेटी दिव्यांग खिलाड़ी प्राची यादव ने पोलैंड में आयोजित ‘पैरा कैनो वर्ल्ड कप’ में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। प्राची पोलैंड के पोंजनान में चल रहे पैरा कैनो विश्व कप की महिला वीएल2 200 मीटर स्पर्धा में पदक जीतने वालीं पहली भारतीय बन गई हैं।  
विज्ञापन

 
बता दें कि भारत का 26 मई से शुरू होकर रविवार को खत्म होने वाली प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। प्राची ने 1:04.71 सेकेंड के समय से ब्रांज मेडल जीता। वे कनाडा की रजत पदक विजेता ब्रियाना हेनेसी (1:01.58s) और स्वर्ण पदक विजेता ऑस्ट्रेलिया की सुजान सेपेल (1:01.54s) से पीछे रहीं। इससे पहले प्राची यादव पैरा ओलंपिक में मेडल लाने से चूक गई थीं। इसके बाद दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी ने मुलाकात के दौरान प्राची यादव का हौसला बढ़ाया था।
विज्ञापन

 
पैरा कैनो वर्ल्ड कप में भारत का चार सदस्यीय दल भाग लेने गया। इनमें से तीन खिलाडि़यों ने फाइनल में जगह बनाकर देश की उम्मीदें बांध दीं। प्राची के पति मनीष कौरव (केएल पुरुष 200 मीटर) और मंजीत सिंह (वीएल2 पुरूष 200 मीटर) ने अपनी स्पर्धाओं के फाइनल्स में प्रवेश किया है जो टूर्नामेंट के इतिहास में पहली बार हुआ है। प्राची यादव ने अपनी शुरुआती ट्रेनिंग चंबल के छोटे से जिले में गौरी सरोवर में ली। इसके बाद वह ग्वालियर आईं। ग्वालियर में लगातार संघर्ष करते हुए प्राची ने अपना लक्ष्य हासिल किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed