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Gwalior News: सरकारी बंगले की जर्जर दीवार ढही, पास में खेल रहे बच्चे की दबकर मौत
Mon, 24 Jun 2024 08:38 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Mon, 24 Jun 2024 08:38 PM IST
सार
सरकारी बंगले की जर्जर दीवार अचानक ढह गई। पास में खेल रहा बच्चा दीवार गिरने से उसके नीचे दब गया, जिससे उसकी दबकर मौत हो गई।
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बंगले की जर्जर दीवार ढही
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
ग्वालियर में थाटीपुर इलाके के भदौरिया मार्केट दर्पण कालोनी में एक खाली सरकारी बंगले की जर्जर दीवार अचानक ही ढह गई। पास ही खेल रहा मासूम इस दीवार की चपेट में आ गया। दीवार गिरने की आवाज सुनकर बच्चे के स्वजन आए और दमलबे को खोदकर बच्चे को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। परिजन बच्चे को अंतिम संस्कार के लिए आगरा के पास टूंडला लेकर चले गए।
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बता दें, भदौरिया मार्केट के पीछे सरकारी बंगलों को थाटीपुर पुनर्घनत्वीकरण कार्य के लिए खाली करा लिया गया था। बंगले के पीछे लेबर क्वॉर्टर बने हुए हैं, जिसमें राकेश बाथम, उनकी पत्नी शांति बाथम और बेटी मधु रह रहे थे। मधु की ससुराल आगरा के पास टूंडला में हैं। वह पिछले तीन माह से मायके आई हुई थी। आसपास मधु का डेढ़ साल का बेटा साहिल घर के आंगन में खेल रहा था। तभी बंगले के पिछले हिस्से में मौजूद जर्जर दीवार अचानक ही गिर गई।
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दीवार गिरने की आवाज सुनते ही साहिल के परिजन व अन्य पड़ोसी मौके पर पहुंचे, तो देखा कि बच्चा दीवार के नीचे दब गया है। परिजनों ने काफी प्रयासों के बाद दीवार के मलबे को हटाकर बच्चे को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी नब्ज धीमी हो चुकी थी। उसे अस्पताल लेकर गए, जहां डाक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया।
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इसके बाद साहिल के शव को उसके स्वजन उसके पिता इंद्रजीत बाथम के पास टूंडला लेकर चले गए। घटना की प्रत्यक्षदर्शी साहिल की नानी शांति बाथम ने बताया कि बच्चा अक्सर आंगन में खेलता था। वह पहले साइकिल चला रहा था, लेकिन बाद में साइकिल छोड़कर दीवार के पास ही खेल रहा था। पुलिस का कहना है कि फिलहाल परिजन बच्चों को लेकर अंतिम संस्कार के लिए निकल गए उनके द्वारा अगर कोई शिकायत की जाएगी तो आगामी कार्रवाई की जाएगी।
