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Gwalior: नक्सलियों और जवानों के बीच मुठभेड़ में चंबल का लाड़ला शहीद, एक दिन पहले ही घर वालों से की थी बात
Wed, 31 Jan 2024 04:12 PM IST
दिनेश शर्मा
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, ग्वालियर
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, ग्वालियर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Wed, 31 Jan 2024 04:12 PM IST
सार
भिंड जिले के मेहगांव विधानसभा के अमायन थाना क्षेत्र के कुपावली गांव के रहने वाले रामकुमार सिंह भदोरिया के बेटे पवन कुमार भदौरिया मुठभेड़ में शहीद हो गए हैं। छत्तीसगढ़ के टेकलगुडेम में नक्सलियों से उनकी मुठभेड़ हुई थी।
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पवन भदौरिया
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
छत्तीसगढ़ के सुकमा और बीजापुर के सीमावर्ती क्षेत्र टेकलगुडेम में नक्सलियों और जवानों के बीच हुई मुठभेड़ में तीन जवान शहीद हो गए। इसमें शहीद हुए एक जवान पवन भदौरिया भिंड जिले के रहने वाले हैं जिनका परिवार ग्वालियर में रहता है। बताया जा रहा है कि बुधवार को शहीद का पार्थिव शरीर ग्वालियर पहुंचने वाला है।
भिंड जिले के मेहगांव विधानसभा के अमायन थाना क्षेत्र के कुपावली गांव के रहने वाले रामकुमार सिंह भदोरिया के बेटे पवन कुमार भदौरिया मुठभेड़ में शहीद हो गए हैं। परिवार को जब इसकी सूचना मिली तो घर में मातम पसर गया, वहीं शहीद की पत्नी और माता पिता का रो-रो कर बुरा हाल है। इसके साथ ही राजनेता और प्रशासन के अधिकारियों को सूचना मिलती ही वह भी शहीद के घर पहुंच गए हैं।
शहीद पवन भदौरिया अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे और इनकी शादी साल 2018 में हुई थी। शहीद पवन कुमार की दो साल की एक बेटी भी है। जब इसकी सूचना पत्नी को मिली तो वह बेसुध हो गई। साथ ही माता-पिता का भी रो-रो कर बुरा हाल है। पिता का कहना है कि रोज शाम को बेटे का फोन आता था और हाल-चाल पूछता था और कल सुबह भी बेटे से बात हुई, लेकिन अचानक इस खबर को सुनकर परिवार पूरी तरह बेसुध हो गया है।
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बताया जा रहा है कि शहीद जवान पवन भदोरिया का परिवार मोती झील पर रहता है। गृह क्षेत्र में ही राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। जब इसकी सूचना ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर को मिली तो वे शहीद के परिवार से मिलने पहुंचे और उन्होंने शोक व्यक्त किया।
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भिंड जिले के मेहगांव विधानसभा के अमायन थाना क्षेत्र के कुपावली गांव के रहने वाले रामकुमार सिंह भदोरिया के बेटे पवन कुमार भदौरिया मुठभेड़ में शहीद हो गए हैं। परिवार को जब इसकी सूचना मिली तो घर में मातम पसर गया, वहीं शहीद की पत्नी और माता पिता का रो-रो कर बुरा हाल है। इसके साथ ही राजनेता और प्रशासन के अधिकारियों को सूचना मिलती ही वह भी शहीद के घर पहुंच गए हैं।
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शहीद पवन भदौरिया अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे और इनकी शादी साल 2018 में हुई थी। शहीद पवन कुमार की दो साल की एक बेटी भी है। जब इसकी सूचना पत्नी को मिली तो वह बेसुध हो गई। साथ ही माता-पिता का भी रो-रो कर बुरा हाल है। पिता का कहना है कि रोज शाम को बेटे का फोन आता था और हाल-चाल पूछता था और कल सुबह भी बेटे से बात हुई, लेकिन अचानक इस खबर को सुनकर परिवार पूरी तरह बेसुध हो गया है।
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बताया जा रहा है कि शहीद जवान पवन भदोरिया का परिवार मोती झील पर रहता है। गृह क्षेत्र में ही राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। जब इसकी सूचना ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर को मिली तो वे शहीद के परिवार से मिलने पहुंचे और उन्होंने शोक व्यक्त किया।
