{"_id":"68ea2c6d912a49e82003263c","slug":"eight-bangladeshis-arrested-in-gwalior-for-forging-documents-to-secure-jobs-sim-cards-and-bank-accounts-gwalior-news-c-1-1-noi1227-3506800-2025-10-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gwalior: ग्वालियर में 8 बांग्लादेशी गिरफ्तार, 12 साल से फर्जी दस्तावेजों पर रह रहे थे, जानें कैसे खुला राज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gwalior: ग्वालियर में 8 बांग्लादेशी गिरफ्तार, 12 साल से फर्जी दस्तावेजों पर रह रहे थे, जानें कैसे खुला राज
Sat, 11 Oct 2025 04:15 PM IST
ग्वालियर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,ग्वालियर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,ग्वालियर
Published by: ग्वालियर ब्यूरो
Updated Sat, 11 Oct 2025 04:15 PM IST
सार
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में पुलिस और खुफिया एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई में 8 बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया गया है। ये सभी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पिछले 12 वर्षों से भारत में रह रहे थे।
विज्ञापन
ग्वालियर में पकड़े गए 8 बांग्लादेशी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भारत में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ चल रहे अभियान के दौरान ग्वालियर में बड़ा खुलासा हुआ है। हरियाणा में पकड़े गए बांग्लादेशियों के कनेक्शन ग्वालियर तक पहुंच गया है। इसी सूचना के आधार पर ग्वालियर पुलिस ने यहां से 8 बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है, जो फर्जी दस्तावेजों के सहारे रह रहे थे।
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में खुफिया एजेंसी और ग्वालियर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए इन सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच में पता चला है कि ये सभी पिछले 12 वर्षों से भारत में रह रहे थे और फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से खुद को भारतीय नागरिक दिखा रहे थे। इस कार्रवाई की शुरुआत हरियाणा पुलिस की सूचना पर की गई।
दरअसल, हाल ही में हरियाणा पुलिस ने पानीपत में कुछ बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उन्होंने बताया कि उनके कुछ रिश्तेदार मध्य प्रदेश के ग्वालियर में भी रह रहे हैं। इसके बाद हरियाणा पुलिस ने ग्वालियर पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही महाराजपुरा थाना पुलिस ने खुफिया एजेंसी के साथ संयुक्त छापेमारी की।
विज्ञापन
पुलिस जांच में सामने आया कि ये 8 बांग्लादेशी नागरिक महाराजपुरा क्षेत्र में देवेंद्र कंसाना नाम के व्यक्ति के मकान में किराए पर रह रहे थे। पूछताछ में खुलासा हुआ कि करीब 12 साल पहले मोहम्मद शरीफ नाम का व्यक्ति बांग्लादेश के जेस्सोर जिले से भारत आया था और ग्वालियर में बस गया था। इसके बाद उसने अपने अन्य रिश्तेदारों को भी यहां बुलाकर बसाने की कोशिश की।
इन सभी ने भारत में आधार कार्ड समेत कई फर्जी दस्तावेज तैयार करवा लिए थे। इन्हीं दस्तावेजों की मदद से वे अलग-अलग जगहों पर काम कर रहे थे। पुलिस ने जांच के दौरान इनके फर्जी दस्तावेज, मोबाइल सिम कार्ड और बैंक खातों से जुड़ी जानकारी भी बरामद की है।
ये भी पढ़ें- Cough Syrup: 'ड्रग कंट्रोलर को क्लीन चिट क्यों? मतलब भ्रष्टाचार हुआ' जीतू पटवारी ने स्वास्थ्य मंत्री को घेरा
ग्वालियर पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने बताया कि पूरे प्रदेश में संदिग्ध नागरिकता वालों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। ग्वालियर में 8 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। उनकी नागरिकता की पुष्टि के लिए संबंधित राज्य को पत्र भेजा जाएगा। यदि जांच में यह साबित होता है कि वे विदेशी नागरिक हैं, तो उन्हें भारत से निर्वासित (डिपोर्ट) किया जाएगा।
एसपी धर्मवीर सिंह ने यह भी कहा कि पुलिस अब शहर के अन्य संभावित ठिकानों की जांच कर रही है, जहां ऐसे और अवैध रूप से रह रहे नागरिक हो सकते हैं। फिलहाल सभी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और खुफिया एजेंसियों को भी पूरे मामले की जानकारी दे दी गई है।
विज्ञापन
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में खुफिया एजेंसी और ग्वालियर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए इन सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच में पता चला है कि ये सभी पिछले 12 वर्षों से भारत में रह रहे थे और फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से खुद को भारतीय नागरिक दिखा रहे थे। इस कार्रवाई की शुरुआत हरियाणा पुलिस की सूचना पर की गई।
विज्ञापन
दरअसल, हाल ही में हरियाणा पुलिस ने पानीपत में कुछ बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उन्होंने बताया कि उनके कुछ रिश्तेदार मध्य प्रदेश के ग्वालियर में भी रह रहे हैं। इसके बाद हरियाणा पुलिस ने ग्वालियर पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही महाराजपुरा थाना पुलिस ने खुफिया एजेंसी के साथ संयुक्त छापेमारी की।
विज्ञापन
पुलिस जांच में सामने आया कि ये 8 बांग्लादेशी नागरिक महाराजपुरा क्षेत्र में देवेंद्र कंसाना नाम के व्यक्ति के मकान में किराए पर रह रहे थे। पूछताछ में खुलासा हुआ कि करीब 12 साल पहले मोहम्मद शरीफ नाम का व्यक्ति बांग्लादेश के जेस्सोर जिले से भारत आया था और ग्वालियर में बस गया था। इसके बाद उसने अपने अन्य रिश्तेदारों को भी यहां बुलाकर बसाने की कोशिश की।
इन सभी ने भारत में आधार कार्ड समेत कई फर्जी दस्तावेज तैयार करवा लिए थे। इन्हीं दस्तावेजों की मदद से वे अलग-अलग जगहों पर काम कर रहे थे। पुलिस ने जांच के दौरान इनके फर्जी दस्तावेज, मोबाइल सिम कार्ड और बैंक खातों से जुड़ी जानकारी भी बरामद की है।
ये भी पढ़ें- Cough Syrup: 'ड्रग कंट्रोलर को क्लीन चिट क्यों? मतलब भ्रष्टाचार हुआ' जीतू पटवारी ने स्वास्थ्य मंत्री को घेरा
ग्वालियर पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने बताया कि पूरे प्रदेश में संदिग्ध नागरिकता वालों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। ग्वालियर में 8 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। उनकी नागरिकता की पुष्टि के लिए संबंधित राज्य को पत्र भेजा जाएगा। यदि जांच में यह साबित होता है कि वे विदेशी नागरिक हैं, तो उन्हें भारत से निर्वासित (डिपोर्ट) किया जाएगा।
एसपी धर्मवीर सिंह ने यह भी कहा कि पुलिस अब शहर के अन्य संभावित ठिकानों की जांच कर रही है, जहां ऐसे और अवैध रूप से रह रहे नागरिक हो सकते हैं। फिलहाल सभी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और खुफिया एजेंसियों को भी पूरे मामले की जानकारी दे दी गई है।
