{"_id":"64b025b5754e8a3ead04e287","slug":"abv-iiitm-convocation-president-murmu-says-students-should-find-solutions-of-country-their-own-thinking-2023-07-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"ABV-IIITM Convocation: राष्ट्रपति मुर्मु बोलीं- विद्यार्थी अपनी सोच से देश-दुनिया की समस्याओं का समाधान खोजें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ABV-IIITM Convocation: राष्ट्रपति मुर्मु बोलीं- विद्यार्थी अपनी सोच से देश-दुनिया की समस्याओं का समाधान खोजें
Thu, 13 Jul 2023 09:56 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Thu, 13 Jul 2023 09:56 PM IST
सार
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा, विद्यार्थी आत्मविश्वास के साथ दुनिया में कदम रखें और आगे बढ़ते जाएं। लक्ष्य से निगाह न हटने दें। कोई भी बाधा और कोई भी चुनौती आपको अपना लक्ष्य हासिल करने से नहीं रोक पाएगी। सफल होकर आप सब दूसरों को भी आगे बढ़ने में मदद करें। साथ ही शिक्षा का उपयोग कर देश को आगे ले जाएं और अपनी सोच व कार्यों से देश-दुनिया की समस्याओं का समाधान ढूंढने में योगदान दें।
विज्ञापन
अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन संस्थान ग्वालियर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु गुरुवार को अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन संस्थान ग्वालियर (ट्रिपल आईटीएम) के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को संबोधित कर रही थीं। समारोह में प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केन्द्रीय नागरिक उड्डयन एवं इस्पात मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, ट्रिपल आईटीएम संचालक मण्डल के अध्यक्ष दीपक घैसास और ट्रिपल आईटीएम के निदेशक प्रो श्रीनिवास सिंह मंचासीन थे।
विज्ञापन
इस अवसर पर जिले के प्रभारी एवं जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) भारत सिंह कुशवाह, सांसद विवेक नारायण शेजवलकर और ट्रिपल आईटीएम संचालक मण्डल के सदस्यगण मौजूद रहे। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने ट्रिपल आईटीएम के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में परमाणु ऊर्जा आयोग के पूर्व चेयरमेन पद्मविभूषण डॉ. अनिल काकोडकर को डॉक्टर ऑफ साइंस की मानद उपाधि से विभूषित किया। साथ ही सात विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल प्रदान किए। ट्रिपल आईटीएम से वर्ष 2023 में पास आउट 283 विद्यार्थियों को दीक्षांत समारोह में बीटेक, एमटेक एवं मैनेजमेंट की उपाधियां प्रदान की गईं। दीक्षांत समारोह में शामिल होने पहुंचीं राष्ट्रपति मुर्मु ने ट्रिपल आईटीएम में 500 बेड के छात्रावास की आधारशिला भी रखी। साथ ही मलिन बस्तियों के बच्चों से मुलाकात कर उन्हें पुस्तकें भेंट की।
विज्ञापन
दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुर्मु ने विद्यार्थियों से अपेक्षा व्यक्त की कि आप सब समाज के उन लोगों के बारे में भी सोचें जो विकास की यात्रा में थोड़े पीछे रह गए हैं। समाज के प्रति उत्तरदायित्व की धारणा आपकी प्रगति के लिये भी उपयोगी सिद्ध होगी। उन्होंने कहा, दूसरों की सहायता करने से स्वयं की क्षमताओं का भी विकास होता है, यह मेरा भी निजी अनुभव है। राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा, अनुसूचित जनजाति की सबसे बड़ी आबादी मध्यप्रदेश में रहती है। प्रसन्नता की बात है कि मध्यप्रदेश में कमजोर वर्गों एवं महिलाओं का कल्याण करने की भावना के साथ अच्छे कदम उठाए जा रहे हैं। जनजातीय गौरव दिवस मनाने की शुरूआत भी सबसे पहले मध्यप्रदेश ने की है। उन्होंने मध्यप्रदेश की अपनी पिछली यात्रा के दौरान शहडोल में आयोजित हुए समारोह का जिक्र करते हुए कहा कि मुझे वहां पर पेसा एक्ट का शुभारंभ करने का अवसर मिला था। यह एक्ट जनजातीय समुदाय के लोगों के हित में लागू किया गया है।
विज्ञापन
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि यह दीक्षांत समारोह इसलिये भी विशेष महत्वपूर्ण है, क्योंकि संस्थान ने अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। उन्होंने उपाधियां प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों व उनके परिजनों एवं प्राध्यापकों को बधाई व शुभकामनायें दीं। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा, यह खुशी की बात है कि ट्रिपल आईटीएम ग्वालियर शिक्षा का एक ऐसा उत्कृष्ट केन्द्र बनने की ओर अग्रसर है, जहां उच्च स्तर की शिक्षा और अनुसंधान को निरंतर बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा, खुशी की बात है इस संस्था ने स्थानीय समुदायों की मदद के लिये विभिन्न गतिविधियां शुरू की हैं। संस्थान के विद्यार्थी व प्राध्यापक स्थानीय समुदायों के कमजोर परिवारों के बच्चों को सलाह और मार्गदर्शन दे रहे हैं। मुझे ऐसे बच्चों से मिलकर आज संतोष हुआ कि हमारे शिक्षण संस्थान बच्चों के बारे में सोच रहे हैं। राष्ट्रपति मुर्मु ने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि आर्थिक लाभ महत्वपूर्ण होता है, लेकिन संतुष्टि उससे भी महत्वपूर्ण है। इसलिए जीवन में खुद से सवाल कर अपने को बेहतर बनाने के प्रयास निरंतर जारी रखें।
राष्ट्रपति मुर्मु ने ग्वालियर शहर की सराहना करते हुए कहा कि यह शहर मध्यप्रदेश के सबसे खूबसूरत शहरों में से एक है। यह शहर महलों, मंदिरों और किलों के लिये तो प्रसिद्ध है ही, भारतीय इतिहास में भी इसका महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने मराठाओं द्वारा किए गए संघर्ष और सिंधिया राजवंश द्वारा ग्वालियर के विकास में दिए गए योगदान का भी विशेष रूप से जिक्र किया। साथ ही कहा कि ग्वालियर अपनी समृद्ध, सांस्कृतिक विरासत के लिये भी जाना जाता है। प्रसन्नता की बात है कि ग्वालियर जिले में स्थित संगीत सम्राट तानसेन के गांव को तानसेन नगर का नाम दिया गया है। उन्होंने कहा, यह एक सर्वमान्य तथ्य है कि शून्य भारत की देन है। भारत द्वारा प्राचीनकाल में विकसित शून्य की अवधारणा के स्पष्ट प्रमाण ग्वालियर दुर्ग स्थित चतुर्भुज मंदिर में देखे जा सकते हैं।
'सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग सामाजिक न्याय के साधन के रूप में हो'
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि कल्याणकारी राज्य में वही प्रौद्योगिकी सफल है, जिसका उपयोग सामाजिक न्याय के एक साधन के रूप में हो सके। समग्र विकास के लिये आज की जरूरत है कि स्मार्ट उपकरण और प्रणालियां सामान्य लोगों की पहुंच में हों। विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि नवाचारों के माध्यमों से नागरिकों के कल्याण और विकास के नए समाधान प्रस्तुत करने के लिये तत्परता से कार्य करें। राज्यपाल पटेल ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ के रूप में देश व समाज को आपसे बहुत आशा है। इसलिए राष्ट्र का कल्याण आपका लक्ष्य होना चाहिए। आप सबने पढ़ाई के दौरान जो सामाजिक कौशल और तकनीक हासिल की है, उसका उपयोग पिछड़े और वंचित लोगों के जीवन में सुधार लाने के लिये करें। अपनी मेधा का उपयोग दिव्यांग लोगों, सीनियर सिटीजन तथा अन्य जरूरतमंद लोगों की सहायता में अवश्य करें।
'टैलेंट, टेक्नालॉजी, प्रबंधन और नेतृत्व का संगम भारत को बनायेगा विश्व गुरू'
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आज भारत के पास टैलेंट, टेक्नालॉजी, प्रबंधन और नेतृत्व का संगम है, जो भारत को आने वाले समय में विश्व गुरू बनायेगा, जिस प्रकार 18वीं सदी में औद्योगिक क्रांति के दौरान वैश्विक अर्थ-व्यवस्था को गतिमान रखने के लिये डीजल और पेट्रोल की आवश्यकता थी। उसी प्रकार 21वीं सदी में गति के लिये डेटा ईंधन का काम कर रहा है। एनालेटिक्स, मशीन लर्निंग, बिग डाटा और क्वांटम कम्प्यूटिंग सभी आज के युग की बड़ी आवश्यकता हैं। विद्यार्थी इन सभी में महारत हासिल कर स्वयं, समाज और देश को आगे बढ़ायें।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि इस संस्थान की स्थापना स्वर्गीय माधव राव सिंधिया ने की थी। जब वे देश के मानव संसाधन विकास मंत्री थे। अटल बिहारी वाजपेयी का मध्यप्रदेश से अटूट नाता रहा है। वाजपेयी ओजस्वी, तेजस्वी और यशस्वी व्यक्तित्व थे। उनके जीवन का संदेश था कि हमको जीवन में कभी हार नहीं मानना है, हमेशा आगे बढ़ते रहना है। विद्यार्थियों को उनके संदेश का अनुकरण कर अपने जीवन को सफल बनाना है। आज आप सभी को सौभाग्य मिला है कि आप अपनी योग्यता से देश और समाज के लिये कार्य करें। आपको अर्निंग के साथ लर्निंग का भी पूरा ध्यान रख कर निरंतर प्रगति करना है।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश संभावनाओं का प्रदेश है। यहां की ग्रोथ रेट निरंतर 18 प्रतिशत के आसपास रहती है। यहां की जीएसडीपी, जो वर्ष 2005-06 में 71 हजार करोड़ थी, आज 15 लाख करोड़ को पार कर गई है। प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। विद्यार्थी अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग कर प्रदेश को और अधिक गतिमान करें। सभी को मेरी शुभकामनाएं।
'विद्यार्थी छोटे लक्ष्य से संतुष्ट न होकर सदैव आगे बढ़ने का भाव रखें'
केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने विद्यार्थियों का आहृवान किया कि अपने मन में सदैव यह भाव रखें कि हम केवल एक लक्ष्य की पूर्ति से संतुष्ट न होकर सदैव आगे बढ़ने का प्रयास करते रहेंगे। साथ ही जिस संस्थान से आप सबने शिक्षा ग्रहण की है, उस संस्थान का मान-सम्मान रखकर देश का गौरव बढ़ाने में अपना योगदान देते रहें। उन्होंने कहा कि भारत तेजी के साथ आर्थिक तरक्की कर रहा है। कुछ साल पहले तक भारत 11वीं आर्थिक शक्ति हुआ करता था जो अब पांचवीं आर्थिक शक्ति बन गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि वर्ष 2030 तक भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश बन जायेगा। देश के भविष्य निर्माण में आप सबका सहयोग भी जरूरी है।
'विषमता मिटाने के प्रयास जरूरी'
पोखरण परमाणु परीक्षण में अहम भूमिका निभाने वाले देश के सुविख्यात परमाणु विज्ञानी एवं परमाणु ऊर्जा आयोग के पूर्व अध्यक्ष पद्मविभूषण डॉ. अनिल काकोड़कर ने कहा कि भारत अच्छी प्रगति कर रहा है। हम सबको साझा प्रयास कर वैश्विक स्तर की प्रतिस्पर्धा में देश को आगे रखकर, देश के भीतर विषमता मिटाने के प्रयास जारी रखने होंगे।
संस्थान के निदेशक प्रो. श्रीनिवास सिंह ने स्वागत उदबोधन दिया एवं प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस अवसरपर संभाग आयुक्त श्री दीपक सिंह, एडीजीपी श्री डी श्रीनिवास वर्मा, कलेक्टर श्री अक्षय कुमार सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री राजेश चंदेल, नगर निगम आयुक्त श्री हर्ष सिंह, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विवेक कुमार एवं स्मार्ट सिटी की सीईओ श्रीमती नीतू माथुर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
शोभा यात्रा के साथ दीक्षांत समारोह में पहुंचीं राष्ट्रपति मुर्मु...
अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन संस्थान के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया एवं संस्थान के संचालक मण्डल के अध्यक्ष व सदस्यगण एवं निदेशक शोभा यात्रा के साथ पहुंचे। संस्थान के ऑडिटोरियम में आयोजित हुए भव्य दीक्षांत समारोह का राष्ट्रपति मुर्मु सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया। समारोह का आगाज व समापन आर्मी बैंड द्वारा प्रस्तुत राष्ट्रगान के साथ हुआ।
राष्ट्रपति मुर्मु ने मलिन बस्तियों के बच्चों से मुलाकात कर पुस्तकें भेंट की...
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन संस्थान के विद्यार्थियों द्वारा संचालित स्टूडेंट ज्ञान मूमेंट योजना के तहत अध्ययनरत मलिन बस्तियों के 10 बच्चों से मुलाकात की। पांचवीं से दसवीं कक्षा तक की पढ़ाई कर रहे इन बच्चों को उन्होंने पुस्तकें, बैग और चाकलेट भेंट की। साथ ही उनसे बातचीत भी की। उल्लेखनीय है, संस्थान के प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों द्वारा आसपास की मलिन बस्तियों में निवासरत बच्चों की नियमित कक्षाएं संचालित की जाती हैं। द्वितीय वर्ष के विद्यार्थी इन कक्षाओं के संयोजन की भूमिका निभाते हैं। वर्ष 2016 से संस्थान द्वारा यह कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है, जिन 10 बच्चों से राष्ट्रपति महोदया ने भेंट की, उनमें रागिनी राठौर, ज्योति, अमन बाथम, मोहित नामदेव, शिवांगी, रितिक पटेल, शीतल, गौरी सिकरवार, देवकी बाथम और बृजेन्द्र पाल शामिल हैं। राष्ट्रपति महोदया से मुलाकात के दौरान कोमल बाथम नामक बालिका ने पेंसिल से बनाया गया उनका स्कैच भेंट किया। ब्रम्हाकुमारी की दो बहनों और दो भाईयों ने भी राष्ट्रपति महोदया से मुलाकात कर उन्हें पवित्र प्रतीक चिन्ह भेंट किए।
इन विद्यार्थियों को मिले गोल्ड मेडल...
पीयूष चेटवानी एमबीए, रितिका तोमर एमटेक, सौम्या पाठक एमबीए, यश अग्रवाल एमटेक (सीएन), अश्विनी कुमार पादी एमटेक (आईएस), मुशिर उल हक एमटेक (वीएलएसआई) और देबादित्य पाल बीटेक, पीयूष चेटवानी और रितिका तोमर को डबल गोल्ड मेडल प्रदान किए गए।
