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ग्वालियर: पांच रुपये 71 पैसे के लिए लड़ा डेढ़ साल, उपभोक्ता फोरम ने कैरी बैग के नाम पर लिए रुपये लौटाने के दिए आदेश
Sat, 23 Apr 2022 11:41 AM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sat, 23 Apr 2022 11:41 AM IST
सार
ग्वालियर में कैरीबैग के नाम पर लिए जा रहे पैसे के खिलाफ मामला कोर्ट में पहुंच गया। पांच रुपये 71 पैसे के लिए एक उपभोक्ता ने डेढ़ साल लड़ाई लड़ी और जीत हासिल की। कोर्ट ने प्रसिद्ध कंपनी के केएफसी के रेस्टोरेंट मालिक को 30 दिन में रुपये लौटाने के आदेश दिए हैं।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
ग्वालियर में पांच रुपये 71 पैसे के लिए एक उपभोक्ता ने डेढ़ साल लड़ाई लड़ी और जीत हासिल की। कोर्ट ने प्रसिद्ध कंपनी के केएफसी के रेस्टोरेंट मालिक को 30 दिन में रुपये लौटाने के आदेश दिए हैं। साथ ही शिकायतकर्ता को क्षतिपूर्ति के रूप में दो हजार रुपये एवं प्रकरण खर्च के रूप में पंद्रह सौ रुपये देने का भी आदेश दिया है। मामला कैरीबैग से जुड़ा है।
जानकारी के अनुसार ग्वालियर के रहने नंदन कुमार दुबे ने उपभोक्ता फोरम में 12 अक्टूबर 2020 को शिकायत की थी। उन्होंने शिकायत में बताया कि 20 अगस्त 2020 को उन्होंने ग्वालियर के डीबी मॉल में स्थित केएफसी रेस्टॉरेंट से एक बिग सेविंग बकेट और एक वेज जिंजर ऑर्डर किया था। जब वे ऑर्डर लेने पहुंचे तो रेस्टॉरेंट ने उन्हें इस तरह ऑर्डर दिया कि उसे घर ले जाना संभव नहीं था, जब उन्होंने रेस्टॉरेंट स्टाफ से कहा तो उन्होंने कैरीबैग लेने के लिए कहा और बिल में कैरी बैग के नाम पर 5 रुपये 71 पैसे भी जोड़ लिए।
नंदन कुमार दुबे ने इस मामले में उपभोक्ता फोरम की शरण ली। उपभोक्ता ने सुनवाई के दौरान केएफसी रेस्टॉरेंट की सेवा में कमी माना। उपभोक्ता फोरम ने कहा कि रेस्टॉरेंट को खरीदी गई सामग्री ऐसी स्थिति में देनी चाहिए थी कि उपभोक्ता उसे आसानी से ले जा सके। रेस्टॉरेंट द्वारा ग्राहक को कैरी बैग खरीदने के लिए बाध्य करना कानून का उल्लंघन है, साथ ही रेस्टॉरेंट का ग्राहक के साथ अनुचित व्यवहार भी है। ऐसा कर वे पैसा कमा रहे हैं। उनके इस कृत्य से शिकायतकर्ता को न केवल आर्थिक नुकसान हुआ है बल्कि उसे मानसिक तनाव भी झेलना पड़ा है।
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सुनवाई के बाद उपभोक्ता फोरम ने केएफसी रेस्टॉरेंट डीबी मॉल ग्वालियर और रेस्टॉरेंट के मुख्यालय सफायर फूड्स प्राइवेट लिमिटेड गोरेगांव मुंबई को नोटिस भेजे। लेकिन उनकी तरफ से कोर्ट में कोई नहीं पहुंचा। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ग्वालियर के अध्यक्ष अरुण सिंह तोमर ने रेस्टॉरेंट को आवेदक नंदन कुमार दुबे से कैरी बैग के नाम पर वसूली गई राशि 5 रुपये 71 पैसे उन्हें एक महीने में लौटाने का आदेश दिया है।
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जानकारी के अनुसार ग्वालियर के रहने नंदन कुमार दुबे ने उपभोक्ता फोरम में 12 अक्टूबर 2020 को शिकायत की थी। उन्होंने शिकायत में बताया कि 20 अगस्त 2020 को उन्होंने ग्वालियर के डीबी मॉल में स्थित केएफसी रेस्टॉरेंट से एक बिग सेविंग बकेट और एक वेज जिंजर ऑर्डर किया था। जब वे ऑर्डर लेने पहुंचे तो रेस्टॉरेंट ने उन्हें इस तरह ऑर्डर दिया कि उसे घर ले जाना संभव नहीं था, जब उन्होंने रेस्टॉरेंट स्टाफ से कहा तो उन्होंने कैरीबैग लेने के लिए कहा और बिल में कैरी बैग के नाम पर 5 रुपये 71 पैसे भी जोड़ लिए।
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नंदन कुमार दुबे ने इस मामले में उपभोक्ता फोरम की शरण ली। उपभोक्ता ने सुनवाई के दौरान केएफसी रेस्टॉरेंट की सेवा में कमी माना। उपभोक्ता फोरम ने कहा कि रेस्टॉरेंट को खरीदी गई सामग्री ऐसी स्थिति में देनी चाहिए थी कि उपभोक्ता उसे आसानी से ले जा सके। रेस्टॉरेंट द्वारा ग्राहक को कैरी बैग खरीदने के लिए बाध्य करना कानून का उल्लंघन है, साथ ही रेस्टॉरेंट का ग्राहक के साथ अनुचित व्यवहार भी है। ऐसा कर वे पैसा कमा रहे हैं। उनके इस कृत्य से शिकायतकर्ता को न केवल आर्थिक नुकसान हुआ है बल्कि उसे मानसिक तनाव भी झेलना पड़ा है।
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सुनवाई के बाद उपभोक्ता फोरम ने केएफसी रेस्टॉरेंट डीबी मॉल ग्वालियर और रेस्टॉरेंट के मुख्यालय सफायर फूड्स प्राइवेट लिमिटेड गोरेगांव मुंबई को नोटिस भेजे। लेकिन उनकी तरफ से कोर्ट में कोई नहीं पहुंचा। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ग्वालियर के अध्यक्ष अरुण सिंह तोमर ने रेस्टॉरेंट को आवेदक नंदन कुमार दुबे से कैरी बैग के नाम पर वसूली गई राशि 5 रुपये 71 पैसे उन्हें एक महीने में लौटाने का आदेश दिया है।
