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MP: पिता ने पढ़ाई के लिए गिफ्ट किया था फोन, फ्री फायर गेम की लत से परेशान होकर छीना, बेटे ने लगाई फांसी
Sun, 13 Nov 2022 10:21 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Sun, 13 Nov 2022 10:21 AM IST
सार
दमोह जिले में फ्री फायर गेम की लत ने एक छात्र की जान ले ली। 17 वर्षीय छात्र को पिता ने दिवाली पर ऑनलाइन क्लासेस के लिए मोबाइल फोन गिफ्ट किया था,लेकिन छात्र को गेम की लत लग गई, जब पिता ने कुछ वक्त के लिए मोबाइल फोन छीना तो बेटे ने फांसी लगा ली।
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परिजनों के साथ विकास
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्यप्रदेश के दमोह जिले में ऑनलाइन गेम ने फिर एक छात्र की जान ले ली। मामला दमोह जिले के एमपीएम नगर का है। यहां17 साल के छात्र विकास सिंह लोधी ने फ्री फायर गेम की लत के चलते फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि पिता वीरेंद्र सिंह ने दीपावली पर बेटे को पढ़ाई के लिए स्मार्ट फोन गिफ्ट किया था, लेकिन उसे ऑनलाइन गेम की लत लग गई। सुबह 7 बजे जब पिता ने उसे गेम खेलते देखा तो मोबाइल छीन लिया और कुछ मिनट बाद ही उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
तेजगढ़ के टौरी गांव निवासी वीरेंद्र सिंह लोधी बच्चों की पढ़ाई के लिए दमोह के एसपीएम नगर में बेटे विकास सिंह लोधी, बेटी दिपाशा लोधी और पत्नी यशोदा सिंह के साथ किराए के मकान में रहते हैं। सुबह वीरेंद्र अपनी बेटी दिपाशा को कोचिंग से लेने के लिए गए थे। कोचिंग से लौटने पर बहन दिपाशा ने भाई के रूम का दरवाजा खटखटाया, लेकिन 15 मिनट तक दरवाजा नहीं खुला, जिस पर परिजनो को संदेह हुआ और उन्होंने खिड़की से कमरे के अंदर झांककर देखा तो विकास फंदे पर लटका हुआ था। यह देखते ही परिजनों के होश उड़ गए उन्होंने दरवाजा तोड़ा और विकास को फंदे से उतारकर इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर आए जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
कोतवाली टीआई विजय सिंह राजपूत ने मर्ग कायम कर मामला जांच में लिया है
इकलौते बेटे की मौत से पिता वीरेंद्र सिंह लोधी का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता ने बताया बेटा विकास सुबह पांच बजे उठा और रनिंग करने गया, वहां से वापस लौटा तो मोबाइल पर गेम खेलने लगा। यह देखते ही मैंने मोबाइल छीन लिया और मोबाइल अपने साथ लेकर बेटी को कोचिंग लेने चला गया और वापस आने पर बेटा फंदे से झूलता मिला।
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दमोह में फ्री फायर गेम की लत के कारण मौत होने का यह दूसरा मामला है। एक महीने पूर्व एक युवक को उसके परिजन संदिग्ध परिस्थितियों में जिला अस्पताल लेकर आए थे, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया था। मृतक का तीन महीने पहले विवाह हुआ था और पत्नी का कहना था की पति मोबाइल पर फ्री फायर गेम खेल रहे थे। गेम खेलने के बाद मुंह से झाग आने लगा और अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया था। प्रदेश के अन्य शहरों में भी इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं।
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तेजगढ़ के टौरी गांव निवासी वीरेंद्र सिंह लोधी बच्चों की पढ़ाई के लिए दमोह के एसपीएम नगर में बेटे विकास सिंह लोधी, बेटी दिपाशा लोधी और पत्नी यशोदा सिंह के साथ किराए के मकान में रहते हैं। सुबह वीरेंद्र अपनी बेटी दिपाशा को कोचिंग से लेने के लिए गए थे। कोचिंग से लौटने पर बहन दिपाशा ने भाई के रूम का दरवाजा खटखटाया, लेकिन 15 मिनट तक दरवाजा नहीं खुला, जिस पर परिजनो को संदेह हुआ और उन्होंने खिड़की से कमरे के अंदर झांककर देखा तो विकास फंदे पर लटका हुआ था। यह देखते ही परिजनों के होश उड़ गए उन्होंने दरवाजा तोड़ा और विकास को फंदे से उतारकर इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर आए जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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कोतवाली टीआई विजय सिंह राजपूत ने मर्ग कायम कर मामला जांच में लिया है
इकलौते बेटे की मौत से पिता वीरेंद्र सिंह लोधी का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता ने बताया बेटा विकास सुबह पांच बजे उठा और रनिंग करने गया, वहां से वापस लौटा तो मोबाइल पर गेम खेलने लगा। यह देखते ही मैंने मोबाइल छीन लिया और मोबाइल अपने साथ लेकर बेटी को कोचिंग लेने चला गया और वापस आने पर बेटा फंदे से झूलता मिला।
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दमोह में फ्री फायर गेम की लत के कारण मौत होने का यह दूसरा मामला है। एक महीने पूर्व एक युवक को उसके परिजन संदिग्ध परिस्थितियों में जिला अस्पताल लेकर आए थे, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया था। मृतक का तीन महीने पहले विवाह हुआ था और पत्नी का कहना था की पति मोबाइल पर फ्री फायर गेम खेल रहे थे। गेम खेलने के बाद मुंह से झाग आने लगा और अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया था। प्रदेश के अन्य शहरों में भी इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं।
