एमपीः परीक्षा के तनाव से 24 घंटे में चार छात्रों ने की आत्महत्या
- अलग अलग घटनाओं में चार छात्र-छात्राओं की मौत
- सुसाइड नोट में लिखा दबाव न सह पाने का कारण
- शिवराज ने विधायकों की कमेटी बना बैठाई जांच
- कोटा में भी एक छात्र ने की आत्महत्या
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परीक्षाओं का बढ़ता तनाव और अभिभावकों की अपेक्षाओं का भारी बोझ छात्र-छात्राओं की जान का दुश्मन बनता जा रहा है। पिछले 24 घंटों में मध्यप्रदेश के चार छात्र-छात्राओं ने तनाव न झेल पाने के कारण खुदकुशी कर अपनी जान दे दी। एक के बाद एक चार छात्रों की मौत को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने विधायकों की एक जांच कमेटी गठित कर दी है।
जानकारी के अनुसार सागर जिले के बीना कस्बे की रहने वाली 12वीं की छात्रा दीपिका चौबे ने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। पिता के नाम छोड़े सुसाइड नोट में छात्रा ने लिखा, "पापा मैं परीक्षाओं में अच्छे नंबर नहीं ला सकती"। छात्रा की मौत के बाद उसके घर में कोहराम मचा है।
वहीं एक अन्य घटना में 12वी के ही छात्र अभिषेक साहू की जान फिजिक्स ने ले ली। वह शनिवार को परीक्षा देने के लिए गया था लेकिन परीक्षा केन्द्र पर नहीं पहुंचा। गुरुवार को उसने खुद को अपने घर में फांसी के फंदे पर लटका लिया। पिता के नाम छोड़े सुसाइड नोट में उसने लिखा, "सॉरी पापा मैं फिजिक्स नहीं समझ सकता।" इसके बाद वह फांसी के फंदे पर झूल गया। घर में किसी को यकीन नहीं हो रहा कि पलभर में ही उनकी सारी खुशियां उजड़ गईं।
मुख्यमंत्री ने जांच के लिए गठित की विधायकों की कमेटी
वहीं एक अन्य घटना में 22 साल की बीएससी की छात्रा रक्षा सेलट ने भी खुदकुशी कर अपनी जान दे दी। ममता गौरी कालेज की छात्रा रक्षा फोर्थ सेमेस्टर में फेल हो गई थी, लेकिन उसने अपने घरवालों को बताया कि वह परीक्षा में पास हो गई।
लेकिन घरवालों से बोला गया यह झूठ उसकी अंतरात्मा को कचोटता रहा और उसने एक खौफनाक फैसला लेते हुए शुक्रवार को अपनी जान दे दी। अपने सुसाइड नोट में उसने लिखा कि वह अपने माता पिता की एक अच्छे भविष्य की अपेक्षाओं को पूरा नहीं कर सकी।
सुसाइड नोट में उसने यह भी लिखा कि उसने अपने पास होने के बारे में घरवालों से झूठ बोला था। आप फाइल में से निकालकर मेरी सही मार्कशीट देख सकते हैं।
वहीं एक अन्य घटना में राजस्थान के कोटा में इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहे मध्यप्रदेश के एक छात्र ने शुक्रवार को आत्महत्या कर ली। मध्यप्रदेश के भिंड निवासी अरविंद कुशवाहा ने इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए खुद को काबिल न मानकर अपना जीवन खत्म कर लिया। छात्र-छात्राओं द्वारा लगातार की गई आत्महत्या की घटना सामने आने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विधायकों की एक कमेटी गठित कर दी है।
