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Dhar Bhojshala: भोजशाला में सर्वे के 31 दिन, कार्बन डेटिंग कर पत्थरों पर बनी आकृतियों-शिलालेखों को जांचा
Sun, 21 Apr 2024 08:41 PM IST
दिनेश शर्मा
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, धार
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, धार
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sun, 21 Apr 2024 08:41 PM IST
सार
रविवार को भोजशाला के सर्वे का 31वां दिन था। टीम के 31 सदस्यों के साथ 27 मजदूर भी भोजशाला पंहुचे थे। उनके साथ हिंदू पक्ष के गोपाल शर्मा, आशीष गोयल और मुस्लिम पक्ष के अब्दुल समद खान भी पहुंचे। शाम लगभग पांच बजे के आसपास ASI की टीम भोजशाला से वापस लौटी।
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धार भोजशाला के सर्वे का आज 31वां दिन है।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हाईकोर्ट इंदौर के आदेश के बाद मप्र की धार भोजशाला में चल रहे आर्कियोलॉजीकल सर्वे ऑफ इंडिया के सर्वे के आज 31वें दिन का काम भी पूरा हुआ। 22 मार्च से शुरू हुवे इस सर्वे में रविवार को ASI की टीम सुबह 8 बजे भोजशाला पहुंची थी। इस दौरान टीम के 31 सदस्यों के साथ 27 मजदूर भी भोजशाला पंहुचे थे। उनके साथ हिंदू पक्ष के गोपाल शर्मा, आशीष गोयल और मुस्लिम पक्ष के अब्दुल समद खान भी पहुंचे। शाम लगभग पांच बजे के आसपास ASI की टीम भोजशाला से वापस लौटी।
भोजशाला के 31वें दिन का वैज्ञानिक सर्वे का काम पूर्ण होने के बाद हिन्दू पक्षकार गोपाल शर्मा ने मीडिया से चर्चा में कहा कि टीम में कई नई विधा के अधिकारी जुड़े थे, जिन्होंने भोजशाला के अंदर कार्बन डेटिंग का कार्य पूरा किया। भोजशाला के अंदर जितने भी पत्थरों-शिलालेख को और कमाल मौलाना की मस्जिद लगे खंभों, दीवारों और पत्थरों पर बनी आकृति और मज्जिद के बनी आकृति की कार्बन डेटिंग कर उसको पेपर रोल पर उतारा गया। भोजशाला के बाहर उत्खनन अंदर ब्रशिंग क्लीनिंग वह भी काम हुआ। वहीं गोपाल शर्मा ने कहा कि आगे और भी लोग अलग-अलग विधाओं के नवीन उपकरणों के साथ जुड़ने वाले हैं।
वहीं अब्दुल समद ने कहा कि आज बहुत महत्वपूर्ण दिन था जो छोटी-छोटी चीजें लिखी हुई थीं। पत्थरों-दीवारों पर आकृतियां बनी हुई थीं। मस्जिद के अंदर जो आयतें लिखी हुई थीं जिसको टीम ने पहले कवर कर रखा था उसको अलग प्रकार से आज टीम में पेपर स्टाम्प पर उकेरा। दिनभर हर बारीक पहलु पर उन्होंने काम किया, वहीं गौशाला के पीछे उत्तरी क्षेत्र में एक 6/6 का गड्ढा चिन्हित किया गया है जिसमें दो ढाई फीट तक खुदाई हुई है।
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भोजशाला के 31वें दिन का वैज्ञानिक सर्वे का काम पूर्ण होने के बाद हिन्दू पक्षकार गोपाल शर्मा ने मीडिया से चर्चा में कहा कि टीम में कई नई विधा के अधिकारी जुड़े थे, जिन्होंने भोजशाला के अंदर कार्बन डेटिंग का कार्य पूरा किया। भोजशाला के अंदर जितने भी पत्थरों-शिलालेख को और कमाल मौलाना की मस्जिद लगे खंभों, दीवारों और पत्थरों पर बनी आकृति और मज्जिद के बनी आकृति की कार्बन डेटिंग कर उसको पेपर रोल पर उतारा गया। भोजशाला के बाहर उत्खनन अंदर ब्रशिंग क्लीनिंग वह भी काम हुआ। वहीं गोपाल शर्मा ने कहा कि आगे और भी लोग अलग-अलग विधाओं के नवीन उपकरणों के साथ जुड़ने वाले हैं।
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वहीं अब्दुल समद ने कहा कि आज बहुत महत्वपूर्ण दिन था जो छोटी-छोटी चीजें लिखी हुई थीं। पत्थरों-दीवारों पर आकृतियां बनी हुई थीं। मस्जिद के अंदर जो आयतें लिखी हुई थीं जिसको टीम ने पहले कवर कर रखा था उसको अलग प्रकार से आज टीम में पेपर स्टाम्प पर उकेरा। दिनभर हर बारीक पहलु पर उन्होंने काम किया, वहीं गौशाला के पीछे उत्तरी क्षेत्र में एक 6/6 का गड्ढा चिन्हित किया गया है जिसमें दो ढाई फीट तक खुदाई हुई है।
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