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Damoh News: दिनारी गांव में पेड़ से प्रकट हुई थी माता, चैत्र नवरात्र में दंड भरते हुए जवारे लाने की परंपरा
सार
ऐसी मान्यता है कि दमोह के दिनारी गांव में माता की प्रतिमा एक पेड़ से प्रकट हुई थी। चैत्र नवरात्र में दंड भरते हुए जवारे ले जाने की परंपरा है।
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मंदिर में विराजमान माता बलखंडन की प्रतिमा
विस्तार
दमोह की ग्राम पंचायत दिनारी के गांव दसोंदी में खेर माता का मंदिर है. यहां पर बलखंडन माता विराजमान हैं। माता की यह प्रतिमा एक पहाड़ी पर पेड़ के नीचे से निकली थी और यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपनी मनोकामना लेकर आते हैं। चैत्र नवरात्रि में यहां दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। मन्नत पूरी होने पर घट बोए जाते हैं। नवमी को यहां दंड भरते हुए श्रद्धालु घट लेकर जाते हैं।
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पेड़ से प्रकट हुई थी बलखंडन माता की प्रतिमा
ग्राम दसोंदा के हेमराज, नन्हे सिंह, करण यादव बताते हैं बलखंडन माता की प्रतिमा एक पहाड़ी पर पेड़ के नीचे से निकली थी। दसोंदी के खेर माता का स्थान एक पहाड़ी बना हुआ है, जहां लोग पहले सिर्फ नवरात्रि के अवसर पर जाते थे। इस स्थान की महिमा कुछ ऐसी है कि माता से मांगी गई हर मन्नत पूरी होती गई और स्थान की ख्याति गांव से जिले फिर आसपास जिलों में फैलती गई। ग्रामीणों के सहयोग से मंदिर का निर्माण किया गया। यहां चैत्र नवरात्रि का विशेष महत्व है। मन्नत पूरी होने पर लोग जवारों के घट लेकर माता के दरबार में आते हैं। नवमी तिथि को मीलों दूरी से दंड भरते पंडा अपने अपने गांव से बड़ी संख्या में घट लेकर माता के दरबार पहुंचते हैं। जवारे दर्शनों के लिए हजारों लोगों की भीड़ आस्था के मेले में तब्दील हो जाती है।
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