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Damoh News: खडेरी में हुआ पंचकल्याणक महोत्सव, अयोध्यापुरी में मनी बाल तीर्थंकर के जन्मकल्याणक की खुशियां
Fri, 08 Mar 2024 06:49 PM IST
दमोह ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: दमोह ब्यूरो
Updated Fri, 08 Mar 2024 06:49 PM IST
सार
Damoh News: खडेरी में पंचकल्याणक महोत्सव का आयोजन हुआ। इस दौरान अयोध्यापुरी में बाल तीर्थंकर के जन्मकल्याणक की खुशियां मनाई गई।
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दमोह में पंचकल्याणक महोत्सव।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दमोह जिले के बटियागढ़ ब्लॉक के खड़ेरी में आयोजित पंचकल्याणक महोत्सव में फाल्गुन कृष्ण तेरस को हजारों श्रेष्ठीगण एवं श्रावक-श्राविकाओं ने विविध अनुष्ठानों के साथ प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ भगवान का जन्मकल्याणक महोत्सव मनाया। साथ ही मंगलगान गाकर बधाइयां दी।
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महोत्सव के मीडिया प्रभारी दीपक राज जैन ने बताया कि मंगल महोत्सव का शुभारंभ मंगल बेला पर शांति जाप से हुआ। इसके बाद बड़ी संख्या में श्रावकों ने अयोध्यापुरी में श्री जिनेन्द्र पूजन कर मेरठ से पधारे पंडित मनीष शास्त्री के श्रीमुख से मां जिनवाणी सुनकर प्रतिष्ठित होने वाले जिनबिंब एवं मां जिनवाणी का सच्चा स्वरूप जानकर जिनेन्द्र परमात्मा की मंगलकारी प्रतिमा की महिमा जानी।
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इंद्र सभा एवं राज सभा में मनाई खुशियां
देवलोक में सौधर्म इंद्र का आसन कम्पायमान होने से सौधर्म इंद्र ने अपने अवधि ज्ञान से जाना कि भारत क्षैत्र में प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ भगवान का जन्म हो चुका है। उन्होंने उत्सव मनाकर अपने दूत को अयोध्या नगरी भेजा जहां राजा नाभीराय के दरबार में दूत ने यह शुभ सूचना दी। पूरी नगरी सहित राजदरबार खुशियों से झूम उठा। राजा रानियों और इंद्र-इंद्राणियों सहित अष्टकुमारिकाओं ने जन्मकल्याणक की खुशियां मनाई। उसके बाद सागर मुमुक्षु मंडल ने जन्म कल्याणक की खुशी में सकल समाज को साधर्मी वात्सल्य भोज कराया।
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निकला चल समारोह
जन्म कल्याणक की खुशी में विशाल चल समारोह निकाला गया। इसमें सौधर्म इंद्र एवं शचि इंद्राणी रश्मि माधव शास्त्री ने ऐरावत हांथी पर बाल तीर्थंकर को लेकर सुमेरू पर्वत की ओर शोभायात्रा के साथ प्रस्थान किया। वहां प्रभु को पंडुक शिला पर विराजमान कर झीर सागर के पवित्र जल से 1008 कलशों से मंगल अभिषेक कर अपना जीवन धन्य किया। इनके साथ पूरे देश से पधारे पधारे हजारों जैन बंधुओं ने भी बाल तीर्थंकर का जन्माभिषेक कर अपने हाथों को पावन किया। जन्मकल्याणक की खुशी में माता पिता कुसुम पंडित नरोत्तमदास जैन खड़ैरी द्वारा पूरे नगर में मिष्ठान का वितरण कर शुभकामनाएं दी गई।
सौधर्म इंद्र ने किया तांडव नृत्य
पंडुक शिला पर अभिषेक कर सौधर्म इंद्र सहित सकल समाज अयोध्यापुरी पहुंची जहां जन्म कल्याणक की खुशी में सौधर्म इंद्र ने तांडव नृत्य कर अपनी खुशियां व्यक्त की ओर अभी को जन्मोत्सव की शुभकामनाएं दी। मंगलगान से गूंज उठी अयोध्यापुरी जन्मोत्सव की खुशी में समस्त राजा रानियों सहित इंद्र इंद्राणियों के अपार जन समुदाय ने जन्म कल्याणक की खुशियां मनाई जिसका सम्पूर्ण विधि-विधान बाल ब्रह्मचारी पंडित अभिनंदन सहित उनके सहयोगी विद्वानों द्वारा किया गया।
