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Damoh News: पिता की मौत का मुआवजा पाने प्रतिदिन 13 किमी पैदल चल रहा बेटा, फिर भी मिल रही निराशा; जानें

Mon, 24 Feb 2025 04:45 PM IST
Damoh bureau दमोह ब्यूरो
Updated Mon, 24 Feb 2025 04:45 PM IST
सार

धीरज गोंड इमलीडोल गांव का निवासी है। 14 अगस्त 2023 को उसके पिता चेतराम की कुएं में गिरने से मौत हो गई थी। अगले दिन पुलिस ने शव निकालकर पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद पटवारी ने पंचनामा तैयार कर पूरा प्रकरण तहसीलदार को भेज दिया। सभी जरूरी दस्तावेज मौजूद होने के बावजूद अभी तक चार लाख रुपये की सहायता राशि नहीं मिली है।

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Son walks 13 km every day to get compensation for his father's death
आपबीती सुनाता बेटा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लॉक के इमलीडोल गांव के धीरज गोंड अपने पिता की मौत के मुआवजे के लिए प्रतिदिन 13 किलोमीटर पैदल चलकर तेंदूखेड़ा तहसील कार्यालय पहुंच रहा है। बावजूद इसके, दो महीने से उसका काम नहीं हो पा रहा। हर बार उसे आश्वासन देकर वापस भेज दिया जाता है।
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धीरज गोंड इमलीडोल गांव का निवासी है। 14 अगस्त 2023 को उसके पिता चेतराम की कुएं में गिरने से मौत हो गई थी। अगले दिन पुलिस ने शव निकालकर पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद पटवारी ने पंचनामा तैयार कर पूरा प्रकरण तहसीलदार को भेज दिया। सभी जरूरी दस्तावेज मौजूद होने के बावजूद अभी तक चार लाख रुपये की सहायता राशि नहीं मिली है।
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दो महीने से तहसील के चक्कर लगा रहा धीरज
धीरज का कहना है कि वह पिछले दो महीने से लगातार तेंदूखेड़ा तहसील कार्यालय के चक्कर लगा रहा है। उसने पांच महीने पहले ही अपनी मां के नाम से सभी आवश्यक दस्तावेज जमा कर दिए थे, लेकिन अब तक मुआवजा नहीं मिला। हर दिन उसे केवल आश्वासन दिया जाता है।
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26 किलोमीटर पैदल चलने को मजबूर
धीरज के अनुसार, उसके परिवार में अब केवल उसकी मां बची हैं। वह मजदूरी कर किसी तरह घर चला रहा है। इमलीडोल से तेंदूखेड़ा तक कोई वाहन उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण उसे प्रतिदिन 13 किलोमीटर पैदल आना और 13 किलोमीटर वापस जाना पड़ता है। कभी-कभी कोई परिचित बाइक पर बैठा लेता है, अन्यथा उसे पैदल ही सफर करना पड़ता है।


तहसीलदार का बयान
तेंदूखेड़ा तहसीलदार डॉ. विवेक व्यास ने बताया कि मुआवजे की फाइल लगभग पूरी हो चुकी है, लेकिन अभी तक पुलिस की जांच रिपोर्ट नहीं आई है। इस कारण प्रकरण लंबित है। तहसील से पत्र भेजा गया है, लेकिन पुलिस ने अभी तक रिपोर्ट नहीं भेजी, जिससे मुआवजा प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। धीरज गोंड और उसका परिवार प्रशासन से जल्द से जल्द मुआवजा जारी करने की मांग कर रहा है ताकि वे अपने जीवनयापन में कुछ राहत पा सकें।
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