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MP News: दमोह में इस गांव की पहाड़ी से रत्न निकलने के चलते नाम पड़ा रतन टोरिया, क्या कहना है ग्रामीणों का
Sat, 02 Sep 2023 03:58 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: अरविंद कुमार
Updated Sat, 02 Sep 2023 03:58 PM IST
सार
मध्यप्रदेश के दमोह जिले में रतन टोरिया नाम के जगह की अपनी एक खास पहचान है। यहां के ग्रामीण बताते हैं कि यहां मौजूद पहाड़ी से रत्न निकलता है। इसलिए इस पहाड़ी का नाम रतन टोरिया पड़ गया।
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रत्न निकलने के चलते नाम पड़ा रतन टोरिया
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दमोह में हटा ब्लाक के आदिवासी अंचल ग्राम चोरइया में विभिन्न प्रकार के बेशकीमती रत्नों और खनिज संपदाओं से भरपूर पहाड़ी है रतन टोरिया। यहां भरपूर मात्रा में कच्चे हीरा, शीशा नुमा पत्थर, लेड धातु आयरन और खनिज तत्वों के अवशेष मिलने से इस पहाड़ी का नाम रतन टोरिया पड़ गया।
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रतन टोरिया से लगे झरयार, वराना नदी के तटों सहित यहां पहाड़ी में कई प्रकार की खनिज संपदाओं के भंडार की उम्मीद हमेशा से यहां के लोग जताते आ रहे हैं। बारिश के दिनों में यहां विभिन्न प्रकाद के नग, कच्चे हीरा, कटिंग के पत्थर, शीशा और अन्य धातु और खनिज ग्रामीणों को जमीनी सतह पर मिल जाते हैं। जबकि पहाड़ी और नदी के आसपास खुदाई में भी यह रत्न संपदा लोगों को आसानी से मिल जाती है।
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चोरइया की रतन टोरिया, झरयार और वराना नदी के आसपास मिलने वाले यह पत्थर बिल्कुल हीरे जैसे हैं। इसलिए यहां के लोग भी इन्हें कच्चे हीरे और बड़े आकार के पत्थरों को शीशा का नाम देते हैं। रत्नगर्भा पन्ना जिले से लगे यह पहाड़ी इलाके बुंदेलखंड में कई खनिज संपदाओं की अपार संभावनाओं के साक्षी बनते हैं।
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करीब 20 से 25 साल पूर्व यहां दिल्ली की एक कंपनी द्वारा जमीनों में मशीनें लगाकर लौह अयस्क, शीशा और लेड धातु के भंडार का पता लगाने सर्वे भी किया गया। लेकिन जन चर्चाओं में है कि कंपनी को यहां मशीनें और संयंत्र स्थापित करने में अधिक व्यय और लागत की तुलना में खनिज भंडार की कम उपलब्धता से कंपनी कुछ ही दिनों में वापस लौट गई थी।
