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Damoh News: स्कूल में बंदर बना परेशानी, हमले से बचने के लिए भागते समय गिरी छात्रा, दोनों पैर फैक्चर
Wed, 24 Jul 2024 12:14 PM IST
दमोह ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: दमोह ब्यूरो
Updated Wed, 24 Jul 2024 12:14 PM IST
सार
एक ही परिसर में ग्राम पंचायत, अस्पताल और स्कूल आंगनवाड़ी है। यहां मौजूद बंदर कब किस पर हमला कर दे, इसकी आशंका बनी रहती है। इसी कारण स्कूली बच्चे स्कूल जाने से कतराते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि बंदर अभी तक कई बच्चों पर हमला कर चुका है।
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उछल कूद करता बंदर
विस्तार
दमोह जिले के नोहटा गांव में संचालित सरकारी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र परिसर में एक बंदर एक सप्ताह से बच्चों के लिए परेशानी बना हुआ है। बंदर के डर से बच्चे स्कूल जाने से भी डर रहे हैं। एक छात्रा स्कूल जा रही थी, जिसे बंदर ने हमला किया। हड़बड़ाहट में छात्रा तरुणा राठौर गिर गई और उसके दोनों पैर फ्रैक्चर हो गए। दूसरे बच्चों को भी बंदर ने नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया है। इस कारण बच्चे बीते एक सप्ताह से स्कूल जाने में डर रहे हैं। स्कूल के शिक्षकों ने प्रशासन से मांग की कि बंदर को पकड़ा जाए, ताकि बच्चे सुरक्षित स्कूल जा सके।
दरअसल, एक ही परिसर में ग्राम पंचायत, अस्पताल और स्कूल आंगनवाड़ी है। यहां मौजूद बंदर कब किस पर हमला कर दे, इसकी आशंका बनी रहती है। इसी कारण स्कूली बच्चे स्कूल जाने से कतराते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि बंदर अभी तक कई बच्चों पर हमला कर चुका है। बंदर के आतंक से अब बच्चे स्कूल जाने से डरते हैं। अभी तक वन विभाग ने बंदर को पकड़ने का कोई प्रयास नहीं किया है। ग्रामीणों ने जल्द से जल्द बंदर पकड़ने की मांग की है।
बता दें नोहटा के समीप से जंगली क्षेत्र लग जाता है, इसलिए बंदर यहां से उछल कूद करते हुए रहवासी इलाके में आ जाते हैं। जिन्हे पकड़ने का जिम्मा वन विभाग का है, लेकिन जब तक वरिष्ठ अधिकारी तक बात न पहुंचे वनकर्मी इस ओर ध्यान नहीं देते।
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दरअसल, एक ही परिसर में ग्राम पंचायत, अस्पताल और स्कूल आंगनवाड़ी है। यहां मौजूद बंदर कब किस पर हमला कर दे, इसकी आशंका बनी रहती है। इसी कारण स्कूली बच्चे स्कूल जाने से कतराते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि बंदर अभी तक कई बच्चों पर हमला कर चुका है। बंदर के आतंक से अब बच्चे स्कूल जाने से डरते हैं। अभी तक वन विभाग ने बंदर को पकड़ने का कोई प्रयास नहीं किया है। ग्रामीणों ने जल्द से जल्द बंदर पकड़ने की मांग की है।
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बता दें नोहटा के समीप से जंगली क्षेत्र लग जाता है, इसलिए बंदर यहां से उछल कूद करते हुए रहवासी इलाके में आ जाते हैं। जिन्हे पकड़ने का जिम्मा वन विभाग का है, लेकिन जब तक वरिष्ठ अधिकारी तक बात न पहुंचे वनकर्मी इस ओर ध्यान नहीं देते।
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