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Damoh News: जिले में जल जीवन मिशन की कछुआ चाल, गांवों में अभी तक नहीं पहुंचा सतधारू डेम का पानी
Sat, 11 May 2024 02:07 PM IST
उदित दीक्षित
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: उदित दीक्षित
Updated Sat, 11 May 2024 02:07 PM IST
सार
दमोह जिले के अधरोटा गांव के पास निर्मित सतधरू मध्यम सिंचाई परियोजना से 675 गांव में वर्ष 2021 तक पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य था, लेकिन यह अब तक पूरा नहीं हो सका है।
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सतधारु डैम से होनी है पानी की सप्लाई।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दमोह में जल जीवन मिशन के अंतर्गत सतधरू डेम से 675 गांव में घर-घर पेयजल पहुंचाने की योजना पांच साल बाद भी पूरी नहीं हो पाई है। इस योजना के तहत अब तक केवल 350 गांव में प्रतिदिन जल सप्लाई शुरू हुई है, बाकी 325 गांव में अभी भी टेस्टिंग चल रही है। ऐसे में जिन गांव में यह योजना चालू नहीं हो पाई हैं, वहां के लोगों को इस बार भी गर्मी में पानी के लिए यहां-वहां भटकना पड़ेगा।
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दमोह जिले के अधरोटा गांव के पास निर्मित सतधरू मध्यम सिंचाई परियोजना से जिले के दमोह, पटेरा, जबेरा और तेंदूखेड़ा ब्लॉक के 675 गांव में वर्ष 2021 में पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया था। यह कार्य 600 करोड़ की लागत से पूरा होना था। लेकिन, एजेंसी द्वारा इस काम में देरी की गई। शेष बची 54 पानी की टंकियां पूर्ण न होने की वजह से जल निगम के अधिकारियों द्वारा इस योजना को पूरा करने की समय सीमा एक साल और बढ़ाकर वर्ष 2022 कर दी गई। इसके बावजूद भी यह काम पूरा नहीं हो पाया। इस बीच इस योजना में कुछ और गांव को शामिल कर लिया और फिर इसके पूरे होने की समय-सीमा 2023 कर दी गई।
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योजना के तहत 7 हजार हेक्टेयर में होगी सिंचाई
योजना के तहत जैसे-तैसे पानी की टंकियां तो बन गई, लेकिन शेष बचे करीब 150 गांव में पाइप लाइन की खुदाई और उसे बिछाने में देरी हो गई। अब वर्ष 2024 के पांचवां महीना शुरू हो गया है, लेकिन अब तक यह योजना मूर्त रूप नहीं ले पाई हैं। कई गांव में अभी टेस्टिंग का काम भी पूरा नहीं हुआ है। इधर, 39 गांव के फसलों की सिंचाई की योजना भी अब तक मूर्त रूप नहीं ले पाई है। इसके तहत चयनित गांव में प्रेशराइज्ड तकनीक से खेतों में पानी पहुंचाया जाना है। जिसमें इस योजना के तहत 7 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। पहले कोरोना और अब लेबर न मिलने की वजह से काम में देरी होने की बात कही जा रही है।
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जहां सप्लाई जुड़ी, वहां पर भी नहीं पहुंच रहा पानी
जल निगम द्वारा इस योजना के तहत जिन 300 गांव में पानी सप्लाई शुरू की है, वहां भी नियमित रूप से जलापूर्ति नहीं की जा रही है। क्योंकि, जो पाइप लाइन बिछाई गई हैं वह जगह-जगह से फूट जाती हैं। जिससे एक-एक सप्ताह तक पेयजल सप्लाई बाधित रहती है। शहर से सटे हिरदेपुर, आमचौपरा, समन्ना सहित अन्य गांव में जल सप्लाई बाधित है। दूसरी ओर नल कनेक्शन के लिए डाली गई पाइप लाइनों को भी जमीन से महज 2 इंच की गहराई कर खोदा गया है, जिससे वाहनों के निकलने से कई गांव की पाइप लाइन में लीकेज हो गए हैं। इस प्रोजेक्ट में देरी होने के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। कई जंगली क्षेत्र से पाइप लाइन निकलती है, जिसमें वन विभाग की अनुमति देरी से मिलना बताया जा रहा है। कोरोना काल की वजह से भी काम में देरी हुई है। इस समय हर जिले में जल जीवन मिशन के तहत काम चल रहा है, जिससे पर्याप्त लेबर नहीं मिल पा रहा है। जिससे एजेंसी समय पर काम नहीं कर पा रही है।
अभी 550 गांव में चल रही हैं टेस्टिंग
जल निगम के मैनेजर प्रशांत तिवारी ने बताया की सतधरू डेम से पानी पहुंचाने की योजना का अभी पूरा नहीं हुआ है। इसमें कई तरह की परेशानी सामने आ रहीं हैं। वर्तमान में करीब 550 गांव में टेस्टिंग चल रही है, जो अंतिम दौर में है। जून महीने तक अधिकांश काम पूर्ण हो जाएगा।
