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Damoh: रेलवे स्टेशन पर बच्चे की मौत मामले में आरोपी बोला- ‘बच्चा मर चुका था, मैंने जीवित करने मारे थे थप्पड़’

Sun, 09 Jun 2024 07:57 PM IST
दमोह ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह Published by: दमोह ब्यूरो Updated Sun, 09 Jun 2024 07:57 PM IST
सार

Damoh: दमोह रेलवे स्टेशन पर शनिवार सुबह ढाई माह के मासूम शिवम आदिवासी की हत्या के आरोपी को रेलवे पुलिस ने देर रात में छतरपुर के गुलगंज से गिरफ्तार कर लिया और दमोह लाया गया। जिसे दमोह जीआरपी पुलिस के हवाले किया गया।

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The accused revealed in the case of the death of a child at Damoh railway station
जीआरपी चौकी में बैठा आरोपी

विस्तार

दमोह रेलवे स्टेशन पर शनिवार सुबह ढाई माह के मासूम शिवम आदिवासी की हत्या के आरोपी को रेलवे पुलिस ने देर रात में छतरपुर के गुलगंज से गिरफ्तार कर लिया और दमोह लाया गया। जिसे दमोह जीआरपी पुलिस के हवाले किया गया। आरोपी का कहना है कि उसने बच्चे को जीवित करने थप्पड़ मारे थे। क्योंकि उसे सिद्धियां प्राप्त है इसलिए यदि बच्चे को उसके तीन थप्पड़ लग जाते तो वह जीवित हो जाता, क्योंकि वह पहले ही मृत हो चुका था। हालांकि इस मामले में जीआरपी पुलिस को अभी पूरा खुलासा करना है।
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आरोपी बोला, देवी मां से सीधे स्टेशन जाने का मिला था आदेश
दमोह शहर के जटाशंकर कॉलोनी में रहने वाले आरोपी कमलेश विश्वकर्मा 40 का कहना है कि वह कई सालों से देवी मां की आराधना कर रहा है। शनिवार सुबह 3 बजे वह न्यू दमोह के पास एक देवी मंदिर में पूजन करने गया था। जहां उसे सिद्धि प्राप्त हुई कि वह किसी को भी जीवित कर सकता है। देवी मां के आदेश से वह रेलवे स्टेशन पहुंचा, जहां उसे एक महिला रोते हुए मिली और आसपास काफी लोगों की भीड़ लगी हुई थी। उसने महिला से पूछा तो उसे बताया गया कि उसका बेटा मृत हो चुका है। मैंने उसके बेटे को जीवित करने के लिए दो थप्पड़ मारे, जैसे ही मैं तीसरा थप्पड़ मारने वाला था तभी उसका पिता बीच में आ गया और मैने तीसरा थप्पड़ पिता को मार दिया यदि मेरे तीनों थप्पड़ उस बच्चों को लग जाते है तो वह जीवित हो जाता। मुझे ऐसी सिद्धि प्राप्त हो चुकी है। जब उससे पूछा कि तुम स्कूटी से छतरपुर क्यों पहुंचे तो, उसने कहा कि स्टेशन पर विवाद की स्थिति बनी तो मैं वहां से बाहर आ गया और बागेश्वर धाम जा रहा था और वहां से उसे अयोध्या जाना था।
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पूजा पाठ से हो रहा गुजर बसर
आरोपी ने बताया कि वह केवल पूजा पाठ करता है। घर पर दिनाई और पथरी भी निकलता है। इसी से उसका गुजारा होता है और खाने पीने की जरूरत की पूर्ति होती रहती है। उसने बताया कि वह बीते 15 सालों से साधना कर रहा है। जब उससे पूछा कि जीवन में क्या करना चाहते हो तो उसका कहना है कि मैं धर्म ध्वजा लहराना चाहता हूं। इसके लिए मेरा पूरा जीवन है। मुझे जो सिद्धि मिली है यदि उनसे किसी का भला होता है तो मैं भला करूंगा। उसने फिर कहा कि यदि मेरे तीन थप्पड़ बच्चे को लग जाते, तो वह बच्चा जीवित हो जाता।
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अभी इस मामले में जीआरपी पुलिस को खुलासा करना है पुलिस आरोपी से लगातार पूछताछ कर रही है। बता दें शनिवार सुबह दमोह स्टेशन पर दिल्ली से दमोह पहुंचे घोघरा गांव निवासी लेखराम आदिवासी के ढाई माह के बेटे शुभम को आरोपी ने थप्पड़ मारे थे। इसके साथ ही मां रामसखी और पिता को भी मारा था जिसके बाद आरोपी भाग गया था। परिजनों का कहना था कि आरोपी ने उनके बेटे की पिटाई कर हत्या की है। घटना के बाद पुलिस आरोपी की तलाश में जुट गई थी। वहीं शोर्ट पीएम में बच्चे को कोई चोट नहीं निकली और बच्चा अतिकुपोषित निकला था। जिसके बाद रेलवे पुलिस ने मर्ग कायम किया था और रात में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
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