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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Damoh News ›   In Samnapur village of Damoh, villagers are going three kilometers away in search of water by bullock cart

Damoh News: दमोह के गांवों में जलसंकट ने दी दस्तक, तीन किमी दूर से पानी ला रहे ग्रामीण

Mon, 08 Apr 2024 05:32 PM IST
Damoh bureau दमोह ब्यूरो
Updated Mon, 08 Apr 2024 05:32 PM IST
सार

गर्मियों के दस्तक देते ही दमोह के ग्रामीण इलाकों में जलसंकट शुरू हो गया है। समनापुर के ग्रामीणों को पानी की खोज में तीन किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है। पानी लाने के लिए बैलगाड़ी का इस्तेमाल भी किया जा रहा है। 

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In Samnapur village of Damoh, villagers are going three kilometers away in search of water by bullock cart
बैलगाड़ी में पानी भरकर लाते ग्रामीण

विस्तार

दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लॉक की समनापुर ग्राम पंचायत में गर्मी की दस्तक के साथ ही जलसंकट शुरू हो गया है। ग्रामीण बैलगाड़ी में पानी की टंकी रखकर तीन किमी दूर पानी भरने जा रहे हैं। तब जाकर घर के लोग निस्तार कर पा रहे हैं।

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तेंदूखेड़ा ब्लॉक के दर्जनों गांव ऐसे हैं जहां हर साल गर्मी में जलसंकट होता है। कई लोग तो पलायन कर मवेशियों के साथ समीप ही लगे दूसरे जिले में चले जाते हैं। बारिश शुरू होते ही वापस आ जाते हैं। तेंदूखेड़ा ब्लॉक में सौ से अधिक गांव आते हैं। इनमें से करीब एक दर्जन से अधिक गांवों में गर्मियों में जलसंकट रहता है। शासन ने इस समस्या से निपटने के लिए तीन तरह की योजनाए चलाई हैं। इसके बाद भी ग्रामीणों को पानी की तलाश में भटकना पड़ रहा है। तीन प्रकार की योजनाओं और विभागों में पहला पीएचई विभाग जिसने हैंडपंप सुधार कार्य के लिए वाहन भी अधिग्रहित किए हैं। इसके बाद भी क्षेत्र में हैंडपंप बंद पड़े हैं। दूसरी ग्राम पंचायत की पेयजल योजना जो पंचायत द्वारा संचालित की जाती है। तीसरी सतधरू योजना है जिसका संचालन जल निगम विभाग की है। यह तीन योजनाएं कागजों पर तो अपना पूरा काम कर रही हैं, लेकिन हकीकत में इसका लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल रहा है।
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बैलगाड़ी से जलसंकट दूर
वैसे तो पानी की समस्या अधिकांश ग्राम पंचायतों में बनी है, लेकिन तेंदूखेड़ा ब्लॉक की समनापुर ग्राम पंचायत के लोग इन दिनों पानी की भीषण समस्या का सामना कर रहे हैं। गांव में हैंडपंप लगे हैं, लेकिन उनमें से पानी कम हवा ज्यादा निकल रही है। इसी तरह ग्राम पंचायत की पेयजल योजना का पानी चार से पांच दिन में एक बार ग्रामीणों को मिल रहा है। वहीं सतधरू योजना जिसका संचालन जल निगम द्वारा किया जा रहा है, उसमें पानी ही नहीं आ रहा है। समनापुर निवासी चंदन पाल ने बताया कि समनापुर गांव में पानी की भीषण समस्या बनी हुई है। हम लोगों को बैलगाड़ी में ड्रम रखकर पानी के लिए दो से तीन किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। उसके बाद पानी मिलता है। गांव में जो हैंडपंप हैं, पंचायत की पेयजल योजना की लाइन है, सतधरू योजना की लाइन है, ये कुछ ही मिनट के लिए चलती है। इसमें एक या दो बाल्टी पानी ही मिल पाता है। बाकी पानी के लिए नदी या गांव से दूरदराज लगे हैंडपंप पर जाना पड़ता है। सचिन जैन ने बताया कि परिवार में कई सदस्य हैं। ग्राम पंचायत में घर-घर जो पानी मिलता है, उसमें एक या दो सदस्यों का ही गुजारा हो सकता है। इस जल योजना से तीन से चार दिन में एक बार पानी मिलता है। पानी की समस्या को लेकर समनापुर सरपंच प्रतिनिधि नोनेलाल यादव ने बताया कि जलस्तर नीचे चला गया है। इससे पेयजल योजना का पानी प्रतिदिन सप्लाई नहीं कर सकते। सतधरू योजना को लेकर उन्होंने कहा कि कई बार जल निगम के अधिकारियों को प्रतिदिन सप्लाई करने के लिए पत्राचार कर चुके हैं। वह ध्यान ही नहीं दे रहे है इसलिए पानी की समस्या बनी हुई है।

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