फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Damoh News ›   Damoh Villagers claim that the statue of snake god is drinking milk, professor says this is not possible

Damoh News: ग्रामीणों का दावा- नाग देवता की प्रतिमा पी रही दूध, प्रोफेसर बोलीं यह संभव नहीं

Fri, 09 Aug 2024 07:49 PM IST
दमोह ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह Published by: दमोह ब्यूरो Updated Fri, 09 Aug 2024 07:49 PM IST
सार

दमोह में नाग देवता की प्रतिमा के दूध पीने का दावा किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रतिमा दूध ग्रहण कर रही है। जबकि विज्ञान के जानकार इसे नकार रहे है। 

विज्ञापन
Damoh Villagers claim that the statue of snake god is drinking milk, professor says this is not possible
प्रतिमा को दूध पिलाते ग्रामीण

विस्तार

दमोह जिले मडियादो थाना क्षेत्र के चंदेना गांव में नागपंचमी के दिन नाग देवता की प्रतिमा द्वारा दूध पीने की बात कही जा रही है। जैसे ही यह बात ग्रामीणों को पता चली तो उस घर में भजन कीर्तन शुरू हो गया और गांव के लोग पहुंच गए। हालांकि केमिस्ट्री की प्रोफेसर का कहना है यह संभव नहीं है ऐसा नहीं हो सकता।
विज्ञापन


बता दें शुक्रवार को दमोह जिले में नाग पंचमी का त्योहार धूमधाम से मनाया जा रहा है। लोग अपने घरोंं में नागदेव की पूजा-पाठ कर रहे हैं। साथ ही सपेरे भी लोगों के घर पहुंचकर उनसे दान ले रहे हैं। इन सपेरे द्वारा ले गए नाग देवता की पूजा कर रहे हैं। शुक्रवार दोपहर चंदेना गांव के लेखराम रजक के घर में रखी नाग देवता की पीतल की प्रतिमा द्वारा दूध पीने की बात कही गई। लेखराम ने कहा कि वह चम्मच में भरकर नाग देवता की प्रतिमा के फन के पास दूध लेकर गए और कुछ ही समय में चम्मच का दूध खत्म हो गया। इसके बाद कई लोगों ने यह दावा किया कि नाग देवता की प्रतिमा दूध पी रही है और उसके बाद सैकड़ों की संख्या में लोग उस घर में पहुंच गए और भजन, कीर्तन का काम शुरू हो गया। हालांकि इसको लेकर लोगों का अलग-अलग मत है, कई लोगों का कहना है कि ऐसा संभव नहीं है। लोग इसे नाग पंचमी पर्व को लेकर जरूर जोड़ रहे हैं, लेकिन उनका यह वहम हो सकता है।
विज्ञापन


पीजी कॉलेज की प्रोफेसर डॉ. प्रियंका चौहान से इस बारे में बात की गई तो उन्होंने बताया कि पीतल सहित अन्य जितनी भी धातु है वह इस प्रकार की चीज अवशोषित नहीं करती। इसलिए यदि कोई कहे कि पीतल की प्रतिमा दूध पी रही है तो यह संभव नहीं है। इसे ग्रामीणों की आस्था ही कहा जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed