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Damoh News: आठ माह के बच्चे का शव लेकर थाने पहुंचे परिजन, डॉक्टर पर लगाया लापरवाही से इलाज का आरोप
Fri, 01 Nov 2024 06:32 PM IST
दमोह ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: दमोह ब्यूरो
Updated Fri, 01 Nov 2024 06:32 PM IST
सार
दमोह में एक बच्चे की मौत होने के बाद हंगामा हो गया। परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
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थाने में मौजूद परिजन
विस्तार
दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लॉक में संचालित लोक स्वास्थ्य केंद्र में एक बच्चे की मौत के बाद डॉक्टरों पर लापरवाही से इलाज करने का आरोप लगा है। परिजन शुक्रवार दोपहर आठ माह के बच्चे का शव लेकर तेंदूखेड़ा थाने पहुंचे और कार्रवाई की मांग की।
परिजनों ने बताया उनका बच्चा बीमार था उसका इलाज कराने अस्पताल लाए थे, लेकिन कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। महराजपुर देवरी निवासी मोनू आदिवासी ने बताया कि उनके आठ माह का बेटा मयंक कुछ दिनों से बीमार चल रहा था। उसको पूर्व में कहीं आराम नहीं लगा था। इसलिए तेंदूखेड़ा लोक स्वास्थ्य केंद्र लेकर आए थे। जहां उसको आराम लग गया था। तीन दिन से फिर उसे बुखार था उसका उपचार लोकल में कराया, लेकिन उसको आराम नहीं लगा। शुक्रवार को पुनः उसको बुखार होने के बाद लोक स्वास्थ्य केंद्र लेकर आए। जहां उसका उपचार हुआ और दो घंटे बाद सोया तो उठा ही नहीं उसके इलाज में लापरवाही हुई है।
लोक स्वास्थ्य केंद्र का संचालन रिटायर्ड बीएमओ डॉक्टर जेपी खरे करते है। उन्होंने बताया कि मासूम बच्चे को लेकर सुबह कुछ लोग लेकर आए थे। उसको 104 डिग्री बुखार था खून की कमी भी थी। मैंने उनको जबलपुर जाने के लिए कहा था, लेकिन उन्होंने कुछ उपचार करने की बात कही थी। इसके बाद मैंने केवल एक इंजेक्शन दिया था बाद में पता चला बच्चे की मौत हो गई है। बच्चे की मौत में कोई लापरवाही नहीं हुई है। उसकी हालत पूर्व में ही गंभीर थी। आरोप निराधार हैं। तेंदूखेड़ा टीआई विजय अहिरवार का कहना है कि कुछ लोग मृत अवस्था में आठ माह के बच्चे का शव लेकर आए थे। मर्ग क़ायम कर पोस्टमार्टम कराया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हकीकत पता चलेगी।
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परिजनों ने बताया उनका बच्चा बीमार था उसका इलाज कराने अस्पताल लाए थे, लेकिन कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। महराजपुर देवरी निवासी मोनू आदिवासी ने बताया कि उनके आठ माह का बेटा मयंक कुछ दिनों से बीमार चल रहा था। उसको पूर्व में कहीं आराम नहीं लगा था। इसलिए तेंदूखेड़ा लोक स्वास्थ्य केंद्र लेकर आए थे। जहां उसको आराम लग गया था। तीन दिन से फिर उसे बुखार था उसका उपचार लोकल में कराया, लेकिन उसको आराम नहीं लगा। शुक्रवार को पुनः उसको बुखार होने के बाद लोक स्वास्थ्य केंद्र लेकर आए। जहां उसका उपचार हुआ और दो घंटे बाद सोया तो उठा ही नहीं उसके इलाज में लापरवाही हुई है।
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लोक स्वास्थ्य केंद्र का संचालन रिटायर्ड बीएमओ डॉक्टर जेपी खरे करते है। उन्होंने बताया कि मासूम बच्चे को लेकर सुबह कुछ लोग लेकर आए थे। उसको 104 डिग्री बुखार था खून की कमी भी थी। मैंने उनको जबलपुर जाने के लिए कहा था, लेकिन उन्होंने कुछ उपचार करने की बात कही थी। इसके बाद मैंने केवल एक इंजेक्शन दिया था बाद में पता चला बच्चे की मौत हो गई है। बच्चे की मौत में कोई लापरवाही नहीं हुई है। उसकी हालत पूर्व में ही गंभीर थी। आरोप निराधार हैं। तेंदूखेड़ा टीआई विजय अहिरवार का कहना है कि कुछ लोग मृत अवस्था में आठ माह के बच्चे का शव लेकर आए थे। मर्ग क़ायम कर पोस्टमार्टम कराया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हकीकत पता चलेगी।
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