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Damoh: जननी वाहन के चालक पर आरोप, दो किमी दूर गाड़ी खड़ी कर प्रसूता से पैदल आने को कहा, घर पर ही हो गया प्रसव

Mon, 14 Oct 2024 08:09 PM IST
दमोह ब्यूरो न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह Published by: दमोह ब्यूरो Updated Mon, 14 Oct 2024 08:09 PM IST
सार

वाहन चालक और सहायक डॉक्टर महिला को दो किलोमीटर दूर पैदल लाने की बात परिजनों से करते रहे। उनका कहना था कि पुल क्षतिग्रस्त है। वाहन उस पर से नहीं निकल सकता। जबकि ग्रामीण कह रहे थे कि इस पुल से प्रतिदिन वाहन निकलते हैं।

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Damoh Driver Janani vehicle accused of parking vehicle two km away and asking pregnant woman to come on foot
दो किमी दूर खाली खड़ा जननी वाहन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लॉक में आने वाले नन्ही देवरी गांव में एक प्रसूता को महिला दर्द होने पर जननी वाहन उसे लेने पहुंचा। लेकिन वाहन के चालक और डॉक्टर ने दो किमी दूर वाहन खड़ा कर दिया और महिला को पैदल आने कहा। परिजनों ने आरोप लगाते हुए बताया कि उन्होंने काफी मिन्नत की पर कर्मचारी नहीं माने और बाद में एंबुलेंस वापस ले आए और महिला का घर पर ही प्रसव हो गया, जिससे ग्रामीण काफी आक्रोशित हैं। वहीं कर्मचारियों की मनमानी भी देखने मिली है। एक ओर शासन सुरक्षित प्रसव के लिए महिलाओं के लिए इतनी योजनाएं चला रही है। वहीं, इसी शासन द्वारा संचालित एक जननी वाहन का लाभ भी प्रसूता महिला को नहीं मिल पाया।

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नन्ही देवरी गांव निवासी गोकुल मरावी ने बताया, उनकी गर्भवती बहू नेहा दर्द से तड़प रही थी। परिवार के लोगों ने मदद के लिए जननी वाहन की मदद मांगी, एंबुलेंस पहुंची। लेकिन गांव से दो किलोमीटर दूर रुक गई। क्योंकि बीच में एक क्षतिग्रस्त पुल था। वाहन चालक और सहायक डॉक्टर बहू को दो किलोमीटर दूर पैदल लाने की बात करते रहे। वाहन के चालक और डॉक्टर का कहना था कि पुल क्षतिग्रस्त है। वाहन उस पर से नहीं निकल सकता। जबकि ग्रामीण और परिजन कह रहे थे इस पुल से प्रतिदिन वाहन निकलते हैं।
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दो घंटे पुल को लेकर बाद विवाद चलता रहा, लेकिन वाहन गांव तक नहीं गया और वापस लौट आया। बाद में परिजनों ने निजी किराये का वाहन बुलवाया जो गांव पहुंच गया, लेकिन उसी दौरान महिला ने बच्चे को घर में ही जन्म दे दिया। परिवार के लोग महिला को लेकर अस्पताल नहीं आये, लेकिन अब ग्रामीण शासन से समस्या के निराकरण की मांग कर रहे हैं। पहला पुल का निर्माण और दूसरा चालक और डॉक्टर पर कार्रवाई।
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गोकुल ने बताया कि गांव से दो किलोमीटर पहले नदी पर पुल बना है। जो कई वर्ष से छतिग्रस्त हालत में है। छोटे वाहन और ट्रैक्टर बाजू से और ऊपर से आते-जाते हैं। लेकिन पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण बड़े वाहन उस पर से नहीं निकलते। बहु दर्द से दो घंटे तड़पती रही, उसे एंबुलेंस की मदद नहीं मिली। नन्ही देवरी पचास घरों की बस्ती है। यहां पर आदिवासी समाज के लोग रहते हैं। जिन्होंने बताया कि पुल छतिग्रस्त है, जिसके निर्माण के लिए लगातार मांग की जा रही है।


जननी वाहन के चालक पर लगे आरोप के संबंध में सीएमएचओ डॉ. मुकेश जैन का कहना है कि वह इस मामले की जानकारी लेते हैं। आखिर वाहन महिला के घर तक क्यों नहीं पहुंचा। जनपद सीईओ मनीष बागरी का कहना है मैं दिखवाता हूं सड़क और पुल किस विभाग से है। यदि पंचायत में आते हैं तो में खुद सुधार करवा दूंगा।

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