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Damoh: प्राचीन रुक्मणी मठ का बदलेगा स्वरूप, मंत्रियों की मौजूदगी में भूमिपूजन, रूकमणि महोत्सव की तारीख होगी तय
Sat, 01 Feb 2025 10:45 PM IST
दमोह ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: दमोह ब्यूरो
Updated Sat, 01 Feb 2025 10:45 PM IST
सार
संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने घोषणा की कि रुक्मणी माता मंदिर परिसर में पारंपरिक मेला आयोजित किया जाएगा। साथ ही शासन के कैलेंडर में रुक्मणी महोत्सव की तिथि निर्धारित की जाएगी। इस परिसर को सुरक्षित रखने की आवश्यकता है।
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प्राचीन रुक्मणी मठ
विस्तार
दमोह जिले की पटेरा तहसील के कुंडलपुर स्थित प्राचीन रुक्मणी मठ अब नए स्वरूप दिखाई देगा। जल्द ही यहां करोड़ों रुपए की लागत से निर्माण कार्य शुरू होने वाला है। शनिवार को मध्य प्रदेश शासन के पंचायत मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, संस्कृति राज्य मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी और पशुपालन मंत्री लखन पटेल की उपस्थिति में विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमि पूजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर कई जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग भी उपस्थित रहे।
मंत्री प्रहलाद पटेल ने बताया कि माता रुक्मणी की प्रतिमा की स्थापना के बाद अब मंदिर परिसर के समग्र विकास की योजना बनाई गई है। स्थानीय लोगों की आस्था को देखते हुए मठ के सौंदर्यीकरण का निर्णय लिया गया है। इस योजना के तहत मंदिर परिसर में सीसी रोड, तालाब निर्माण, घाट, प्रवेश द्वार और चारदीवारी का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा, यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नहीं बने होते तो रुक्मणी माता की मूर्ति वापस नहीं आती।
संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने घोषणा की कि रुक्मणी माता मंदिर परिसर में पारंपरिक मेला आयोजित किया जाएगा और शासन के कैलेंडर में रुक्मणी महोत्सव की तिथि निर्धारित की जाएगी, क्योंकि इस परिसर को सुरक्षित रखने की आवश्यकता है।
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गौरतलब है कि वर्ष 2005 में इसी मठ से माता रुक्मणी की प्राचीन प्रतिमा चोरी हो गई थी, जो बाद में राजस्थान में बरामद हुई। प्रतिमा को पहले ग्यारसपुर संग्रहालय में रखा गया, फिर तीन वर्ष पूर्व दमोह के रानी दमयंती संग्रहालय में स्थानांतरित किया गया। अब यह प्रतिमा पुनः मूल स्थान रुक्मणी मठ में स्थापित कर दी गई है।
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मंत्री प्रहलाद पटेल ने बताया कि माता रुक्मणी की प्रतिमा की स्थापना के बाद अब मंदिर परिसर के समग्र विकास की योजना बनाई गई है। स्थानीय लोगों की आस्था को देखते हुए मठ के सौंदर्यीकरण का निर्णय लिया गया है। इस योजना के तहत मंदिर परिसर में सीसी रोड, तालाब निर्माण, घाट, प्रवेश द्वार और चारदीवारी का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा, यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नहीं बने होते तो रुक्मणी माता की मूर्ति वापस नहीं आती।
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संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने घोषणा की कि रुक्मणी माता मंदिर परिसर में पारंपरिक मेला आयोजित किया जाएगा और शासन के कैलेंडर में रुक्मणी महोत्सव की तिथि निर्धारित की जाएगी, क्योंकि इस परिसर को सुरक्षित रखने की आवश्यकता है।
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गौरतलब है कि वर्ष 2005 में इसी मठ से माता रुक्मणी की प्राचीन प्रतिमा चोरी हो गई थी, जो बाद में राजस्थान में बरामद हुई। प्रतिमा को पहले ग्यारसपुर संग्रहालय में रखा गया, फिर तीन वर्ष पूर्व दमोह के रानी दमयंती संग्रहालय में स्थानांतरित किया गया। अब यह प्रतिमा पुनः मूल स्थान रुक्मणी मठ में स्थापित कर दी गई है।

भूमिपूजन में शामिल मंत्री
