{"_id":"675d54e6268070265001481c","slug":"damoh-suspecting-a-co-wife-the-wife-filed-a-case-against-the-husband-and-then-in-the-lok-adalat-they-took-a-vow-to-stay-together-for-the-rest-of-their-lives-damoh-news-c-1-1-noi1223-2415497-2024-12-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Damoh: सौतन के चक्कर में पड़ी दरार, पति पर दहेज उत्पीड़न का मुकदमा ठोंका; ऐसे बदले जज्बात... थामा पत्नी ने हाथ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Damoh: सौतन के चक्कर में पड़ी दरार, पति पर दहेज उत्पीड़न का मुकदमा ठोंका; ऐसे बदले जज्बात... थामा पत्नी ने हाथ
Sat, 14 Dec 2024 05:08 PM IST
दमोह ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: दमोह ब्यूरो
Updated Sat, 14 Dec 2024 05:08 PM IST
सार
Damoh News: शौतन के शक में प्रीति और प्रह्लाद के बीच झगड़े होना शुरू हो गए थे। अप्रैल में प्रीति अपने बच्चे लेकर मायके आ गई। मामला कोर्ट तक जा पहुंचा, जहां दहेज और प्रताड़ना के आरोपों के साथ भरण-पोषण का मुकदमा कोर्ट में पेश कर दिया। लेकिन अब फिर से दोनों एक हो गए हैं।
विज्ञापन
अलग हुए पति-पत्नी ने फिर एक दूसरे का हाथ थामा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दमोह जिले की राष्ट्रीय लोक अदालत में शनिवार को एक ऐसा मामला देखने को मिला जिसने यह साबित कर दिया कि संवाद और समझाइश से बिगड़े रिश्ते सुधारे जा सकते हैं। पति-पत्नी के बीच सौतन के शक से उपजे विवाद ने उन्हें कोर्ट तक पहुंचा दिया था। लेकिन न्यायाधीशों की सलाह और बच्चों के भविष्य की चिंता ने इस दंपति को फिर से एक कर दिया।
विज्ञापन
सौतन के शक से उपजा विवाद
जानकारी के मुताबिक, तेजगढ़ थाना क्षेत्र के सलैया हटरी गांव निवासी प्रीति और बटियागढ़ के करके मोहल्ला निवासी प्रह्लाद पाल की शादी 2017 में हुई थी। उनके दो बच्चे हैं, लेकिन प्रीति को प्रह्लाद पर दूसरी महिला से संबंध होने का शक हुआ। यह शक इतना बढ़ गया कि उनके रिश्ते में लगातार खटास आने लगी। अप्रैल 2024 में मामला गंभीर हो गया जब प्रीति अपने बच्चों को लेकर मायके चली गई। फिर पति के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और प्रताड़ना का मुकदमा दर्ज करा दिया। इसके साथ ही भरण-पोषण का मामला भी कोर्ट में पेश कर दिया गया।
विज्ञापन
लोक अदालत में सुलह की कोशिशें
14 दिसंबर को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रधान न्यायाधीश आनंद तिवारी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव धर्मेश भट्ट और फेमिली कोर्ट के न्यायाधीश मोहम्मद अजहर खान के मार्गदर्शन में इस विवाद को सुलझाने की कोशिश की गई। दोनों पक्षों के वकीलों राकेश प्रजापति और लक्ष्मीकांत ने समझाया कि कोर्ट-कचहरी का रास्ता परिवार को और अधिक तोड़ सकता है। साथ ही न्यायालय ने बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए दोनों को फिर से साथ रहने के लिए प्रेरित किया।
विज्ञापन
रिश्ते में विश्वास की बहाली
पीठासीन न्यायाधीश मोहम्मद अजहर खान की समझाइश और दोनों परिवारों की सहमति से प्रीति और प्रह्लाद ने अपने पुराने गिले-शिकवे भुलाकर एक-दूसरे का हाथ थामा। उन्होंने जीवन भर साथ रहने और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए मिलकर काम करने का वादा किया।
मामले की समाप्ति के समय दोनों पक्षकारों को पौधे भेंट किए गए और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। इस सुलह से यह संदेश भी दिया गया कि रिश्तों में आई दरार को संवाद और धैर्य से पाटना संभव है।
