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Damoh: जंगली जानवरों से घिरा तेंदूखेड़ा अपने आप में है पर्यटन स्थल, दो किमी दूर से शुरू हो जाता है जंगली इलाका
Tue, 19 Nov 2024 04:30 PM IST
दमोह ब्यूरो
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: दमोह ब्यूरो
Updated Tue, 19 Nov 2024 04:30 PM IST
सार
दमोह जिले में तेंदूखेड़ा और जबेरा ऐसा क्षेत्र है, जहां जिले का 75 प्रतिशत जंगल है। यह वन विभाग के अनुसार बताया जा रहा है। यदि जमीनी स्तर पर बात करें तो जबेरा का जंगली क्षेत्र भी तेंदूखेड़ा के जंगल से लगा हुआ है।
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तेंदूखेड़ा में घूमते जानवर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दमोह जिले का तेंदूखेड़ा ब्लॉक चारो ओर जंगल से घिरा हुआ है। यदि सही मायने में देखा जाए तो तेंदूखेड़ा अपने आप में पर्यटन स्थल है। जहां तरह-तरह के पेड़, नदी, पहाड़, जंगल और जंगली जानवर हैं और यह सभी जिस स्थान पर होते हैं, वह अपने आप में पर्यटन कहलाता है। जिन्हें देखने लोग दूरदराज से आते हैं। अंतर केवल इतना है कि इसको अधिकारियों ने गौर से नहीं देखा और न इसकी ज्यादा चर्चा हुई है।
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तेंदूखेड़ा नगर की सीमा दो किलोमीटर दूर ख़त्म हो जाती है। उसके बाद ग्रामीण क्षेत्र लग जाता है। ग्रामीण क्षेत्र की यदि बात करें तो पूर्व में तेंदूखेड़ा ब्लॉक में 62 ग्राम पंचायत थी, अब 61 बची है और इनमें रहने वाले लोगों का आज भी 65 प्रतिशत व्यवसाय वन उपज से चलता है। तेंदूखेड़ा नगर से यदि आप मुख्य मार्ग से जाते हैं तो आपको चारो ओर जंगल मिलेगा और यदि आप जंगली क्षेत्र में एक या दो किलोमीटर दूर घुसते हैं तो इतना भयनाक जंगल है कि आपको भय लगने लगेगा। यहां अनेक तरह के पक्षी और जानवरों की आवाज इस क्षेत्र में गूंजती है।
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तेंदूखेड़ा से मुख्य मार्ग होकर आप झलोन जाएंगे तो बमोहरी के आगे से जंगल लग जाता है। दूसरा मार्ग तेंदूखेड़ा, दमोह यहां पंजी से लेकर तेजगढ़ के बीच अच्छा खासा जंगल देखने मिलता है, जो मुख्य मार्ग से दिख जाता है। तीसरा मार्ग तेंदूखेड़ा जबलपुर मार्ग जहां नरगांव से घटिया तक जंगल ही जंगल है। इसी तरह इमलीडोल मार्ग जो नगर से एक किलोमीटर दूरी से शुरू हो जाता है। यहां भी चारो ओर जंगल लग जाता है। जहां पेड़ ही पेड़ दिखाई देंगे। तेंदूखेड़ा में भालू, हिरन, मोर, लकड़बग्घा, नीलगाय, बंदर, भेड़िया आज भी तेंदूखेड़ा में बड़ी संख्या में हैं, जिनको देखने लोग दूरदराज से अभयरण या टाइगर रिजर्व जाते हैं, लेकिन तेंदूखेड़ा ब्लॉक के जंगलों में या मुख्य मार्गों पर दिख जाते हैं।
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जिले का 70 प्रतिशत जंगल तेंदूखेड़ा में
दमोह जिले में तेंदूखेड़ा और उसके बाद जबेरा ऐसा क्षेत्र है, जहां जिले का 75 प्रतिशत जंगल है। यह वन विभाग के अनुसार बताया जा रहा है। यदि जमीनी स्तर पर बात करें तो जबेरा का जंगली क्षेत्र भी तेंदूखेड़ा के जंगल से लगा हुआ है। सिग्रामपुर रेंज में आज भी तेंदूखेड़ा ब्लॉक के जंगली क्षेत्र को जोड़ा गया है, जिसके बाद उसको रेंज का दर्जा मिला है। जिले भर में वन विभाग को नौ रेंजों में बाटा गया है, जिसमें चार तेंदूखेड़ा ब्लॉक में है और दो जबेरा ब्लॉक में इसमें भी तेंदूखेड़ा के राजस्व गांव का जंगली क्षेत्र जुड़ा हुआ है, जबकि तीन पूरे जिले में है।
