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Damoh News: पिता मजदूर, बेटे ने बनाई सौर ऊर्जा से चलने वाली प्लांटेशन मशीन, गड्ढा खोदकर लगाएगी पौधा, खासियत यह
Fri, 22 Nov 2024 10:14 AM IST
दमोह ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: दमोह ब्यूरो
Updated Fri, 22 Nov 2024 10:14 AM IST
सार
छात्र चंद्रपाल पटेल ने सोलर एनर्जी से चलने वाली ऐसी मशीन बनाई है, जो पौधारोपण का पूरा काम अकेले ही करती है। एक से डेढ़ फीट तक गड्ढा खोद सकती है, पौधा लगाकर उसमें खाद और पानी भी डाल सकती है।
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छात्र ने बनाई प्लांटेशन मशीन।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दमोह जिले के हटा ब्लॉक के हिनौता हायर सेकंडरी स्कूल में पढ़ने वाले कक्षा 11वीं के एक छात्र ने 2,700 रुपए में पौधारोपण करने वाली मशीन तैयार की है। यह मशीन न केवल गड्ढा खोदती है, बल्कि पौधा लगाकर तुरंत उसमें पानी भी देती है।
खास बात यह है कि इसमें कोई शारीरिक मेहनत नहीं करनी पड़ती, क्योंकि यह मशीन सौर ऊर्जा से चलती है। छात्र के इस मॉडल का चयन राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में होने के बाद अब राष्ट्रीय स्तर के विज्ञान मेले के लिए किया गया है। इससे पहले यह छात्र एक रोबोट भी तैयार कर चुका है।
पिता हरियाणा में करते हैं मजदूरी
हटा ब्लॉक के धूरखेड़ा गांव के छात्र चंद्रपाल पटेल ने सोलर एनर्जी से चलने वाली ऐसी मशीन बनाई है, जो पौधारोपण का पूरा काम अकेले ही करती है। इस मशीन को केवल एक व्यक्ति द्वारा संचालित किया जा सकता है। छात्र ने बताया कि उसे बचपन से ही मशीनों को खोलने और जोड़ने का शौक था। धीरे-धीरे उसमें वैज्ञानिक बनने की ललक बढ़ने लगी। चंद्रपाल ने अपने घर की दीवारों पर पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम और अन्य बड़े नेताओं की तस्वीरें लगाई हुई हैं।
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पहले बना चुका है रोबोट
चंद्रपाल ने पहले प्लास्टिक के पुतले में ऐसा रोबोट बनाया था जो बोलने, गर्दन हिलाने और हाथ चलाने का काम करता था। सीमित संसाधनों के बावजूद उसने यह मशीन बनाई। कुछ सामान उसने ऑनलाइन मंगाया, तो कुछ कबाड़ से एकत्रित किया। चंद्रपाल के अनुसार, यह मशीन वन विभाग के लिए बहुत उपयोगी साबित हो सकती है, क्योंकि पौधारोपण के लिए विभाग को बहुत मेहनत करनी पड़ती है। इस मशीन के उपयोग से मजदूरों की समस्या का समाधान हो सकता है।
यह सब करेगी एक मशीन
अभी मशीन को मॉडल के रूप में तैयार किया गया है। यह एक से डेढ़ फीट तक गड्ढा खोद सकती है, पौधा लगाकर उसमें खाद और पानी डाल सकती है।
पिता का सहयोग
चंद्रपाल के पिता दुर्गा प्रसाद हरियाणा में एक दूध डेयरी में मजदूरी करते हैं। उन्होंने बताया कि अपनी मजदूरी से बचाए गए पैसे बेटे को उपलब्ध कराते हैं, ताकि उसे शोध करने में किसी प्रकार की दिक्कत न हो। उन्होंने बेटे के लिए एक कमरे में पूरी प्रयोगशाला भी तैयार करवाई है। जहां, मटेरियल और कंप्यूटर रखकर चंद्रपाल हर दिन कुछ नया करने की कोशिश करता है।
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खास बात यह है कि इसमें कोई शारीरिक मेहनत नहीं करनी पड़ती, क्योंकि यह मशीन सौर ऊर्जा से चलती है। छात्र के इस मॉडल का चयन राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में होने के बाद अब राष्ट्रीय स्तर के विज्ञान मेले के लिए किया गया है। इससे पहले यह छात्र एक रोबोट भी तैयार कर चुका है।
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पिता हरियाणा में करते हैं मजदूरी
हटा ब्लॉक के धूरखेड़ा गांव के छात्र चंद्रपाल पटेल ने सोलर एनर्जी से चलने वाली ऐसी मशीन बनाई है, जो पौधारोपण का पूरा काम अकेले ही करती है। इस मशीन को केवल एक व्यक्ति द्वारा संचालित किया जा सकता है। छात्र ने बताया कि उसे बचपन से ही मशीनों को खोलने और जोड़ने का शौक था। धीरे-धीरे उसमें वैज्ञानिक बनने की ललक बढ़ने लगी। चंद्रपाल ने अपने घर की दीवारों पर पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम और अन्य बड़े नेताओं की तस्वीरें लगाई हुई हैं।
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पहले बना चुका है रोबोट
चंद्रपाल ने पहले प्लास्टिक के पुतले में ऐसा रोबोट बनाया था जो बोलने, गर्दन हिलाने और हाथ चलाने का काम करता था। सीमित संसाधनों के बावजूद उसने यह मशीन बनाई। कुछ सामान उसने ऑनलाइन मंगाया, तो कुछ कबाड़ से एकत्रित किया। चंद्रपाल के अनुसार, यह मशीन वन विभाग के लिए बहुत उपयोगी साबित हो सकती है, क्योंकि पौधारोपण के लिए विभाग को बहुत मेहनत करनी पड़ती है। इस मशीन के उपयोग से मजदूरों की समस्या का समाधान हो सकता है।
यह सब करेगी एक मशीन
अभी मशीन को मॉडल के रूप में तैयार किया गया है। यह एक से डेढ़ फीट तक गड्ढा खोद सकती है, पौधा लगाकर उसमें खाद और पानी डाल सकती है।
पिता का सहयोग
चंद्रपाल के पिता दुर्गा प्रसाद हरियाणा में एक दूध डेयरी में मजदूरी करते हैं। उन्होंने बताया कि अपनी मजदूरी से बचाए गए पैसे बेटे को उपलब्ध कराते हैं, ताकि उसे शोध करने में किसी प्रकार की दिक्कत न हो। उन्होंने बेटे के लिए एक कमरे में पूरी प्रयोगशाला भी तैयार करवाई है। जहां, मटेरियल और कंप्यूटर रखकर चंद्रपाल हर दिन कुछ नया करने की कोशिश करता है।
