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Damoh: गोंडवाना एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों से कम किए स्लीपर और जनरल कोच, एसी में रिजर्वेशन कराना मजबूरी
Mon, 12 Aug 2024 05:21 PM IST
दमोह ब्यूरो
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: दमोह ब्यूरो
Updated Mon, 12 Aug 2024 05:21 PM IST
सार
जबलपुर पश्चिम मध्य रेल के पीआरओ हर्षित श्रीवास्तव का कहना है, अब सभी ट्रेनों में धीरे-धीरे स्लीपर व जनरल कोच बढ़ाए जाएंगे। इस संबंध में रेलवे बोर्ड द्वारा आदेश जारी किए जा चुके हैं।
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दमोह स्टेशन पर खड़ी ट्रेन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दमोह स्टेशन से होकर निकलने वाली अधिकांश एक्सप्रेस ट्रेनों की बोगियां रेलवे द्वारा घटा दी गई है, जिससे लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। दमोह में पहले से ही बहुत कम यात्री ट्रेनें रुकती हैं और जो रुकती हैं, उनमें भी इस तरह से बोगियां कम कर देने से यात्रियों की समस्या बढ़ गई है। जबलपुर निजामुद्दीन गोंडवाना सुपरफास्ट एक्सप्रेस सहित दयोदय और अन्य ट्रेनों से स्लीपर कोच की बोगियां रेलवे द्वारा कम कर दी है, जिससे यात्रियों को मजबूरी में एसी में रिजर्वेशन कराना पड़ रहा है।
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रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक है, जिससे अभी से ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ दिखने लगी है। वहीं, रेलवे द्वारा ट्रेनों में स्लीपर एवं जनरल कोच कम कर दिए गए हैं। 22 बोगी की ट्रेन में दो से तीन जनरल बोगियां एवं पांच से छह स्लीपर कोच दिए जा रहे हैं। जबकि एसी कोच की संख्या 12 से 15 हो गई है। बीते महीने ही स्लीपर कोच में टिकट कंफर्म न होने पर वेटिंग सिस्टम भी खत्म कर दिया गया है।
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अब यात्रियों को या तो मजबूरी में एसी टिकट लेना पड़ रही है या फिर जनरल बोगी में यात्रा करनी पड़ रही है। स्लीपर से एसी कोच का किराया ज्यादा होता है, जिससे यात्रियों को मजबूरी में अधिक किराया देकर अपनी जेब ढीली करनी पड़ रही है। दूसरी ओर ट्रेनों में जनरल बोगियां कम होने से लंबी दूरी तक यात्रा करने वाले यात्रियों को बैठने तक की जगह नहीं मिल रही है। इसके बावजूद भी रेलवे द्वारा यात्रियों की परेशानी पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
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इन ट्रेनों में घटाई बोगियों की संख्या
बेरोजगारों और मजदूरों की लाइफ लाइन कही जाने वाली गाड़ी संख्या 22181/22182 जबलपुर-निजामद्दीन गोंडवाना सुपरफास्ट एक्सप्रेस में पहले स्लीपर के एस-1 से एस-11 तक 11 कोच होते थे। जो अब एस-1 से एस-5 तक ही बचे हैं। इस तरह इस ट्रेन में छह स्लीपर कोच कम कर दिए गए हैं। इसी तरह जनरल बोगी भी चार से घटाकर तीन कर दी गई है। जबकि इस ट्रेन में एसी कोच की संख्या 12 हो गई है।
वहीं, गाड़ी संख्या 12181/12182 जबलपुर-अजमेर दयोदय सुपरफास्ट ट्रेन में पहले जनरल डिब्बे थे, जिनकी संख्या अब दो रह गई है। जबकि इसी ट्रेन में एसी के 12 डिब्बे कर दिए गए हैं। इसी तरह गाड़ी संख्या 22911/22912 में हावडा-इंदौर क्षिप्रा एक्सप्रेस में जनरल डिब्बों की संख्या चार से घटाकर दो हो गई है। इसी तरह गाड़ी संख्या 9607 कोलकता मद्रास में चार, भोपाल-बिलासपुर में चार, गोरखपुर-अहमदाबाद में चार जनरल बोगियां हैं।
दूसरे राज्यों में करने जाते हैं मजदूरी
बता दें कि दमोह जिले के ग्रामीण अंचलों से अधिकांश लोग दूसरे राज्यों में मजदूरी के लिए जाते हैं। जो त्योहार के सीजन में वापस अपने घर आते हैं। ये लोग या तो स्लीपर या फिर जनरल बोगियों में सफर करते हैं। बोगियां कम होने से अब जनरल बोगियों में यात्रियों की काफी अधिक भीड़ रहती है। अधिकारियों के मुताबिक, थर्ड एसी इकोनामी का किराया थर्ड एसी से थोड़ा काम होता है। लोगों को बेहतर सुविधा देने के लिए रेलवे की ओर से स्लीपर कोच की जगह थर्ड एसी इकोनामी कोच ट्रेनों में लगाए जा रहे हैं।
अपनी आमदनी बढ़ा रही रेलवे
रेल संघर्ष समिति के प्रांजल चौहान का कहना है कि रेलवे द्वारा यात्रियों की सुविधाओं पर नहीं बल्कि अपनी आमदनी बढ़ाने पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। कोरोना काल से ही जिले में नौ ट्रेनें बंद चल रही हैं। दो ट्रेनों के स्टॉपेज दमोह में नहीं हैं। दूसरी ओर स्लीपर व जनरल बोगियां कम कर एसी कोच बढ़ाए जा रहे हैं। यह आम जनता की सुविधाओं का हनन हैं। जबलपुर पश्चिम मध्य रेल के पीआरओ हर्षित श्रीवास्तव का कहना है, अब सभी ट्रेनों में धीरे-धीरे स्लीपर व जनरल कोच बढ़ाए जाएंगे। इस संबंध में रेलवे बोर्ड द्वारा आदेश जारी किए जा चुके हैं।
