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Damoh News: शासकीय स्कूलों की अर्धवार्षिक परीक्षा में केवल 60 प्रतिशत बच्चे एग्जाम पास किए, वजह ये बताई जा रही

Sat, 18 Jan 2025 04:33 PM IST
दमोह ब्यूरो न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह Published by: दमोह ब्यूरो Updated Sat, 18 Jan 2025 04:33 PM IST
सार

घोषित हुए छह माही परीक्षा के परिणाम में इस बार कक्षा 9वीं से 12वीं में केवल 60 फीसदी बच्चे ही पास हो पाए हैं। शेष 40 फीसदी बच्चों को सी, डी और ई ग्रेड ही मिला है। रिजल्ट बिगड़ने के पीछे स्कूल शिक्षा विभाग की लापरवाही सामने आ रही है।

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Damoh Only 60 percent children passed half-yearly examination of government schools
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दमोह जिले में सरकारी स्कूलों के हाईस्कूल के छह माही परीक्षा परिणाम में केवल 60 प्रतिशत बच्चे ही पास हो पाए हैं, जिससे एक बार फिर शासकीय स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था की हकीकत सामने आ गई है। जबकि इस साल नवमीं से बारहवीं तक की कक्षाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि परीक्षा परिणाम बेहतर रहे। लेकिन हाल ही में घोषित हुए छह माही परीक्षा के परिणाम ने एक बार फिर सरकारी स्कूलों में चल रही पढ़ाई की पोल खोल दी है। इस बार कक्षा 9वीं से 12वीं में केवल 60 फीसदी बच्चे ही पास हो पाए हैं। शेष 40 फीसदी बच्चों को सी, डी और ई ग्रेड ही मिला है।

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रिजल्ट बिगड़ने के पीछे स्कूल शिक्षा विभाग की लापरवाही सामने आ रही है। दरअसल, हर साल स्कूलों में खाली पड़े पदों पर जुलाई माह में ही अतिथि शिक्षकों को नियुक्त कर दिया जाता है, लेकिन इस बार जुलाई से अक्तूबर माह तक स्थानीय स्तर पर अतिशेष शिक्षकों व उच्च प्रभार पदों की काउंसलिंग चलती रही। इसमें प्रक्रिया में तीन माह का समय निकल गया। इसके बाद जैसे-तैसे अक्तूबर, नवंबर में अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति हो पाई। इस बीच बच्चों की पढ़ाई ठप रही। नवंबर माह से ही बच्चों की पढ़ाई प्रारंभ हुई। लेकिन सिलेबस पूरा होने के पूर्व ही अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं आ गईं, जिससे पहले तिमाही परीक्षा का रिजल्ट खराब रहा, अब अर्द्धवार्षिक परीक्षा का परिणाम भी बेहतर नहीं रहा।
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गौरतलब है कि बीते साल दमोह जिले का 9वीं से 12वीं की परीक्षा का रिजल्ट प्रदेश भर में सबसे फिसड्डी रहा था, जिसके चलते 30 फीसदी से कम रिजल्ट लाने वाले स्कूलों के प्राचायों और शिक्षकों को नोटिस दिए गए थे। इसके बावजूद भी शैक्षणिक सत्र शुरूआत होने के बाद पढ़ाई पर विशेष ध्यान नहीं दिया गया। गौरतलब है कि 25 फरवरी से बोर्ड परीक्षाएं प्रारंभ होना है, जिसको लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस बार जिले के 84 केंद्रों पर परीक्षाएं होंगी।
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9वीं में 19442 छात्र परीक्षा में बैठे, 11625 ही पास हुए
इस बार कक्षा नौवीं में 19442 बच्चों ने परीक्षा दी। इनमें से 11625 बच्चे ही पास हुए। इनमें ए प्लस ग्रेड में 343, ए ग्रेड में 690, बी ग्रेड में 2240, सी ग्रेड में 5266, डी ग्रेड में 3056, ई-1 ग्रेड में 2936 एवं ई- 2 ग्रेड में 2706 बच्चे रहे। ज्यादातर अंग्रेजी, गणित, सामाजिक विज्ञान व विज्ञान विषय का रिजल्ट बिगड़ा।

कक्षा 10वीं 13570 में से केवल 9030 बच्चे ही पास
इस बार 10वीं में 13570 बच्चे शामिल हुए। इनमें 9030 बच्चे ही पास हुए। इनमें ए-प्लस में 451, ए ग्रेड में 678, बी ग्रेड में 2218, सी ग्रेड में 3751, डी ग्रेड में 1932, ई-1 ग्रेड में 3454 एवं ई-2 ग्रेड में 1086 बच्चे ही पास हुए। इसमें भी इनमें गणित, संस्कृत, विज्ञान व अंग्रेजी विषय का रिजल्ट बिगड़ा।

कक्षा 11वींभौतिक में 2653 में से 2298 बच्चे पास
कक्षा 11वीं में इस बार ज्यादातर बच्चों को भौतिक, रसायन व जीवविज्ञान में कम नंबर मिले हैं। भौतिक शास्त्र में 2653 छात्र परीक्षा में बैठे थे, जिनमें से केवल 2298 बच्चे ही पास हुए हैं। इनमें ग्रेड ए प्लस में केवल 117, ए में 208, ग्रेड बी में 644, ग्रेड सी में 1025 बच्चे आए। इसी तरह रसायन व जीवविज्ञान में भी यही स्थिति रही।

कक्षा 12वीं भौतिक, रसायन में कम बच्चे पास
कक्षा 12वीं में भौतिक विषय में 3391 में से 2960 बच्चे ही पास हुए। इनमें 718 बच्चे ग्रेड बी, 1135 बच्चे ग्रेड सी एवं 535 बच्चे ग्रेड सी में आए। इसी तरह रसायन में 3375 बच्चों में 784 बच्चे ग्रेड बी, 1329 बच्चे ग्रेड सी, 454 बच्चे ग्रेड डी में आए। जबकि ए प्लस में 173 व ए ग्रेड में 230 बच्चे आए। जीव विज्ञान में भी 2508 में से 2200 बच्चे ही पास हुए।


जिला शिक्षा अधिकारी एसके नेमा का कहना है इस बार कमजोर बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। रेमेडियल कक्षाएं लगाई जा रही हैं। डी एवं ई ग्रेड वाले बच्चों पर विशेष फोकस रहेगा। इन बच्चों को माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा भेजी गई शिक्षण सामग्री के आधार पर तैयारियां कराई जा रही हैं। इस बार रिजल्ट बेहतर रहेगा।

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