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Damoh Lok Sabha: कभी कांग्रेस का गढ रहा दमोह अब भाजपा का मजबूत किला, बहुसंख्यक लोधी समुदाय पर जताया भरोसा
Tue, 05 Mar 2024 07:34 PM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Tue, 05 Mar 2024 07:34 PM IST
सार
Damoh Lok Sabha: मध्य प्रदेश के दमोह लोकसभा सीट में लोधी वोटर सबसे अधिक है। इसी वजह से भाजपा ने 41 वर्षीय युवा राहुल लोधी पर भरोसा जताया है और लोकसभा चुनावों के लिए उन्हें अपना उम्मीदवार बनाया है।
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दमोह लोकसभा सीट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भाजपा ने लोकसभा चुनावों के लिए दमोह में राहुल सिंह लोधी को उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस की ओर से नाम तो सामने नहीं आया है पूर्व विधायक अजय टंडन, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मनु मिश्रा, पूर्व मंत्री राजा पटेरिया, पूर्व विधायक प्रताप सिंह जैसे नेता दावेदारी कर रहे हैं। पार्टी जल्द ही कांग्रेस के टिकट घोषित कर सकती है। तब समझ आएगा कि दमोह लोकसभा सीट पर किसके बीच में मुकाबला होगा।
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दमोह लोकसभा सीट लंबे अरसे से भाजपा का गढ़ बन चुकी है। लोधी समुदाय यहां सबसे अधिक है और भाजपा ने राहुल सिंह लोधी के तौर पर समाज को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की है। दमोह लोकसभा क्षेत्र तीन जिलों में फैला है। इसमें आठ विधानसभा क्षेत्र आते हैं। इन आठ में से सात विधानसभा सीटों पर भाजपा का कब्जा है। सिर्फ एक सीट- बड़ा मलहरा ही कांग्रेस की रामसिया भारती जीतने में कामयाब हुई थी। लोकसभा चुनावों में कांग्रेस की राह आसान नहीं है। विधानसभा चुनावों में तो लहर चली थी। इसका ही असर था कि भाजपा के ज्यादातर विधायक 50 हजार से अधिक वोटों के अंतर से जीते थे। इस बड़े अंतर को पाटना कांग्रेस की पहली चुनौती होगी।
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कांग्रेस प्रत्याशी पर सबकी निगाह
भाजपा ने 41 वर्षीय राहुल सिंह लोधी को दमोह लोकसभा से अपना प्रत्याशी बनाया है। पहले टिकट घोषित करने में तो भाजपा ने एक तरह से बाजी मार ली है। अब सबकी नजर कांग्रेस के टिकट पर टिकी है। राहुल सिंह लोधी के सामने कांग्रेस टंडन, मिश्रा, पटेरिया और प्रताप सिंह में से किसी एक को उतार सकती है।
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19 लाख वोटर चुनेंगे अपना नेता
दमोह लोकसभा क्षेत्र में आठ विधानसभा क्षेत्र आते हैं। दमोह जिले की चार विधानसभा सीटें- दमोह, हटा, पथरिया, जबेरा के साथ-साथ सागर जिले की रहली, देवरी, बंडा और छतरपुर जिले की बड़ा मलहरा विधानसभा सीटें इस लोकसभा सीट में शामिल है। दमोह लोकसभा क्षेत्र में कुल 19.09 लाख वोटर हैं। इनमें दस लाख पुरुष और 9 लाख महिला वोटर हैं। इस सीट पर 32 थर्ड जेंडर के वोटर भी हैं।
सात विधानसभा सीटों पर भाजपा का कब्जा
दमोह लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आठ विधानसभा क्षेत्र आते हैं, जिसमें से सात पर भाजपा का कब्जा है। दमोह, जबेरा, हटा, पथरिया, सागर जिले की रहली, देवरी और बंडा सीट पर भाजपा विधायक हैं। उसमें भी जबेरा और पथरिया से तो दो मंत्री भी हैं। इनका प्रभाव दमोह जिले के साथ-साथ अन्य जिलों में भी है। रहली से पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव और दमोह से पूर्व मंत्री जयंत मलैया विधायक हैं। दोनों ही बड़े नेता हैं।
लोधी समाज की है निर्णायक भूमिका
दमोह लोकसभा क्षेत्र में लोधी समाज के वोटर निर्णायक भूमिका में हैं। दमोह, जबेरा, पथरिया, देवरी, बनडा और बड़ा मलहरा में लोधी समाज की संख्या अधिक है। इसका फायदा भाजपा को मिल सकता है।
1962 में अस्तित्व में आई दमोह लोकसभा
दमोह लोकसभा सीट 1962 में अस्तित्व में आई थी। शहोद्र राय यहां से चुनाव जीते और 1977 तक यहां से बाहरी प्रत्याशी ही चुनाव जीते। 1980 में पहली बार स्थानीय प्रत्याशी प्रभु नारायण टंडन ने यहां से जीत हासिल की। इसके बाद से लगातार स्थानीय प्रत्याशी को ही जीत मिलती रही। 2014 और 2019 में जरूर बाहरी प्रत्यासी के तौर पर प्रहलाद पटेल ने यहां से चुनाव लड़ा और जीता। मोदी लहर में कांग्रेस के किले ढह गए थे, तब पटेल ने बड़ी और आसान जीत हासिल की थी। अब एक बार फिर स्थानीय प्रत्याशी के रूप में राहुल सिंह लोधी को उतारा गया है।
(दमोह से कैलाश दुबे की रिपोर्ट)
