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Damoh: जाना था सरकारी अस्पताल, 108 के कर्मचारियों ने घायल को कराया निजी अस्पताल में भर्ती, पैसे लेकर दी छुट्टी

Tue, 05 Nov 2024 11:30 AM IST
दमोह ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह Published by: दमोह ब्यूरो Updated Tue, 05 Nov 2024 11:30 AM IST
सार

108 के जिला प्रबंधक श्याम सुंदर यादव ने बताया, मरीज को सिर्फ सरकारी अस्पताल ले जाने का नियम है। जानकारी लेता हूं कि तेंदूखेड़ा से कौन सा वाहन गया है। यदि वाहन 108 निकलता है तो उस स्टॉफ पर निश्चित कार्रवाई होगी।

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Damoh Had to go to government hospital 108 employees got injured admitted to private hospital
निजी अस्पताल में इलाजरत घायल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दमोह जिले में 108 एंबुलेंस के कर्मचारी किस प्रकार से घायलों के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। इसका एक नजारा तेंदूखेड़ा क्षेत्र में देखने मिला। जब सोमवार की सुबह एक युवक सड़क हादसे में घायल हो गया था और स्थानीय लोगों ने उसे 108 एंबुलेंस उपलब्ध कराई। तब 108 के कर्मचारी घायल युवक को तेंदूखेड़ा शासकीय अस्पताल और जबलपुर के मेडिकल कॉलेज न ले जाकर जबलपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कर वहां से निकल गए। घायल ने परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद परिजन निजी अस्पताल पहुंचे और वहां पेमेंट करने के बाद घायल की छुट्टी की गई। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पूरे जिले में 108 के कर्मचारी किस प्रकार से घायल के साथ बर्ताव करते होंगे और शासकीय योजनाओं का लाभ उसे कितना मिल रहा होगा।

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सोमवार की सुबह साढ़े नो बजे तेंदूखेड़ा थाना अंतर्गत जबलपुर मार्ग पर सड़क दुर्घटना में प्रदीप जैन नामक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसको 108 वाहन लेकर जबलपुर पंहुचा युवक को पूरा होश भी नहीं था। बाद में घटना की जानकारी घायल युवक के परिजनों को लगी तो वह जबलपुर पहुंचे और घायल रिश्तेदार की खोजबीन मेडिकल कॉलेज में करने लगे। बाद में उनको पता चला कि 108 वाहन के कर्मचारी उनके रिश्तेदार को दीनदयाल चौक पर एक निजी अस्पताल में छोड़कर चले गए।
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परिजनों ने घायल का उपचार कराने से मना किया तो अस्पताल प्रबंधन ने छुट्टी करने के पूर्व परिजनों से पहले पैसे जमा करवाये उसके बाद छुट्टी दी। घायल सागर से जबलपुर अपनी बाइक से जा रहा था। तेंदूखेड़ा थाने अंतर्गत सीमा पर उसकी बाइक एक पेड़ से टकरा गई। राहगीरों ने घटना की जानकारी 108 पर दी। एक वाहन मौके पर पहुंचा और घायल युवक को सीधे जबलपुर ले गया। जबकि नियम अनुसार 108 को घायल व्यक्ति को तेंदूखेड़ा स्वास्थ्य केंद्र लाना था। उसके बाद उसको रेफर किया जाता, लेकिन वह घायल मरीज तेंदूखेड़ा शासकीय स्वास्थ्य केंद्र नहीं आता और सीधे जबलपुर की निजी अस्पताल पहुंच गया। जो वाहन घायल व्यक्ति को लेकर पहुंचा उसका अस्पताल में कोई रिकार्ड भी नहीं है।
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निवेश जैन ने बताया कि उनका भांजा सड़क हादसे में घायल हुआ था। जानकारी लेने पर पता चला की उसको 108 वाहन की मदद से जबलपुर भेजा गया है। हम लोगों ने सोचा ज़ब 108 से भांजा आ रहा है तो वह मेडिकल कॉलेज जायेगा, लेकिन वह मेडिकल नहीं पहुंचा। बाद में जानकारी ली तो घंटो बाद पता चला कि उनका भांजा दीनदयाल चौक पर एक नई निजी अस्पताल में भर्ती है। वह गये उस वाहन की जानकारी ली जो उसको अस्पताल में छोड़ गया तो वाहन की जानकारी नहीं मिली। बाद में हम लोगो ने अपने भांजे की वहां से छुट्टी कराई तो अस्पताल प्रबंधन ने पहले नौ हजार रुपये लिए जबकि उपचार के नाम पर मात्र एक एक्सरा किया था।


तेंदूखेड़ा सीबीएमओ आरआर बागरी ने बताया कि सुबह से तेंदूखेड़ा में कोई भी घायल व्यक्ति अस्पताल नहीं आया न किसी को जबलपुर रेफर किया गया है। 108 के जिला प्रबंधक श्याम सुंदर यादव ने बताया, मैं सोमवार सुबह नौ बजे से दस बजे तक की जानकारी लेता हूं कि तेंदूखेड़ा से कौन सी जानकारी आई थी और कौन सा वाहन गया है। यदि वाहन 108 निकलता है तो उस स्टॉफ पर निश्चित कार्रवाई होगी।

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