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Damoh News: दो विभागों के बीच फंसी शासकीय भूमि, जुताई कर रहा ट्रैक्टर जब्त, वन और राजस्व विभाग में उलझा मामला

Mon, 09 Dec 2024 03:46 PM IST
दमोह ब्यूरो न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह Published by: दमोह ब्यूरो Updated Mon, 09 Dec 2024 03:46 PM IST
सार

गांव के लोग कह रहे हैं, जिस जगह टैक्टर जुताई कर रहा था वह वन विभाग की भूमि है। वहीं, टैक्टर चालक यह कह रहा है कि वह भूमि राजस्व विभाग की है। लगातार वह उस जमीन का जुर्माना राजस्व विभाग में जमा कर रहा है।

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Damoh Government land stuck between two departments matter entangled between forest and revenue department
जब्त किया गया ट्रैक्टर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लॉक में वन भूमि और राजस्व भूमि दोनों पर अतिक्रमण है। एक मामला इसी तरह का सामने आया, जब सोमवार सुबह ग्रामीणों ने जुताई कर रहे एक टैक्टर को पकड़ा और वन विभाग को सुपुर्द कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है, वन भूमि पर ट्रैक्टर से जुताई हो रही थी। जबकि जुताई कर रहे युवक का कहना है भूमि राजस्व विभाग की है और उसके लिए वह लगातार जुर्माना भर रहा है। अब यह तय नहीं हो पा रहा कि आखिर भूमि किस विभाग की है।

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तेंदूखेड़ा-दमोह मार्ग पर राजस्व और वन भूमि की जमीन लगी हुई है और वहां अवैध रूप से अतिक्रमण है। समय-समय पर वन विभाग और राजस्व विभाग कार्रवाई भी करता है। पिछले महीने उसी जगह पर पिंडराई निवासी बसोरी अहिवाल पर पेड़ काटने के मामले पर तेंदूखेड़ा वन परिक्षेत्र ने जुर्माना लगाया है तो कुछ महीने पहले राजस्व विभाग ने भी उसी जगह के आसपास की भूमि पर आधा दर्जन अवैध अतिक्रमण धारियों को नोटिस काटकर जुर्माना लगाया। लेकिन दो विभागों के बीच का विवाद अब ग्रामीणों के बीच बन गया है।
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गांव के लोग कह रहे हैं जिस जगह टैक्टर जुताई कर रहा था, वह वन विभाग की भूमि है। वहीं, टैक्टर चालक यह कह रहा है कि वह भूमि राजस्व विभाग की है और लगातार वह उस जमीन का जुर्माना राजस्व विभाग में जमा कर रहा है।
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ये बोले ग्रामीण
पिंडराई गांव निवासी दीप अहिरवार, बसोरी अहिरवार, शोभा लोधी सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है वह वन विभाग की जमीन है और वन कर्मी मिलीभगत से जुताई करवा रहे थे। हम लोगों को सूचना मिली तो मौके पर पहुंचे और टैक्टर पकड़ा। उसके बाद वन विभाग को सुपुर्द किया है। हम लोग कार्रवाई की मांग करते हैं। क्योंकि हम लोगों के कब्जे पूर्व में वन विभाग ने उसी जगह से हटाए हैं। इसलिए अब वहां किसी को जुताई नहीं करने देंगे।

राजस्व विभाग की है भूमि
जुताई कर रहे सरजू रैकवार का कहना है कि वन विभाग और ग्रामीणों के विवाद के कारण गांव के लोग मुझ पर गुस्सा निकाल रहे हैं। मैं जिस जगह पर जुताई कर रहा था, वह राजस्व भूमि का रकवा 993/1 है। वहां राजस्व भूमि की 25 एकड़ जमीन है और दो एकड़ जमीन पर मैंने कब्जा किया है, जिसका मैं लगातार जुर्माना भर रहा हूं और टैक्टर उसी जगह पर चला रहा था। लेकिन ग्रामीणों ने ट्रैक्टर पकड़ लिया और वन विभाग को सुपुर्द कर दिया।


तेंदूखेड़ा रेंजर मेघा पटेल का कहना है ग्रामीणों की सूचना पर वन अमले को भेजा था। ट्रैक्टर को वन अभिरक्षा में खड़ा किया गया है। जांच करवाई जाएगी और जो तथ्य निकलकर आएंगे, उसके बाद आगे कार्रवाई होगी।

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