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Damoh News: वेयर हाउस के समीप मृत मिली दर्जनों चिड़ियां, जहरीला अनाज खाने की जताई जा रही संभावना
Mon, 10 Feb 2025 10:43 AM IST
दमोह ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: दमोह ब्यूरो
Updated Mon, 10 Feb 2025 10:43 AM IST
सार
शासकीय वेयर हाउस के समीप दर्जनों की संख्या में चिड़ियों के शव मिलने से हड़कंप मच गया। घटना का कारण अज्ञात है, लेकिन किसी जहरीले अनाज को खाने से इन पक्षियों की मौत की आशंका जताई जा रही है।
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वेयर हाउस के समीप पड़े चिड़िया के शव
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लाक के शासकीय वेयर हाउस के समीप सोमवार सुबह दर्जनों की संख्या में चिड़ियों के शव मिलने से हड़कंप मच गया। सुबह जब लोगों ने इन पक्षियों को कई जगह मृत हालत में पड़ा देखा तो अन्य लोगों को सूचना दी गई। घटना का कारण अज्ञात है, लेकिन किसी जहरीले अनाज को खाने से इन पक्षियों की मौत की आशंका जताई जा रही है।
जहरीले अनाज की आशंका
जिस जगह पर चिड़ियों के शव मिले है। उसके बाजू में शासकीय वेयर हाउस है और उसमें खरीदा गया गेहूं, धान सहित चना बड़ी तादात में रखा हुआ है। अनाज को सुरक्षित रखने के लिए वेयर हाउस के कर्मचारी इसमें कीटनाशक दवा का छिड़काव करते है।
अंदाजा यह लगाया जा रहा है कि उसी कीटनाशक दवा मिले अनाज के दाने खाने से पक्षियों की मौत हो रही है। यदि किसी ने इस दवा का छिड़काव बाहर कर दिया है तो बड़ी समस्या बन सकती है। क्योंकि यहां मवेशी, कुत्ता और पक्षी भी आते है जो जमीन पर पड़े दानों को चुनते है और मवेशी उनको खाते है। सुबह स्थानीय लोगों को अलग-अलग जगह चिड़ियां के शव ढेर के रूप में मिले। कहीं-कहीं मृत पक्षियों की संख्या दो है तो कहीं तीन कहीं पांच है।
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शासकीय वेयर हाउस के मैनेजर कमलेश रैकवार का कहना है वेयर हाउस के अंदर खरीदी का गेहूं, चना और धान रखी हुई है। जिसकी सुरक्षा के लिए उनमें कीटनाशक दवा का छिड़काव पूरी सावधानी से किया जाता है। पक्षियों की मौत कैसे हुई उसकी जानकारी नहीं है। वेयर हाउस में चिड़िया के साथ कबूतर भी रहते है। वहीं पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर हरिकांत बिल्बार का कहना है पक्षियों की मौत कैसे हुई यह जांच का विषय है। मृतक पक्षियों को लैब भेजा जायेगा, क्योंकि पोस्टमार्टम में पूरी पुष्टि नहीं हो सकती।
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जहरीले अनाज की आशंका
जिस जगह पर चिड़ियों के शव मिले है। उसके बाजू में शासकीय वेयर हाउस है और उसमें खरीदा गया गेहूं, धान सहित चना बड़ी तादात में रखा हुआ है। अनाज को सुरक्षित रखने के लिए वेयर हाउस के कर्मचारी इसमें कीटनाशक दवा का छिड़काव करते है।
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अंदाजा यह लगाया जा रहा है कि उसी कीटनाशक दवा मिले अनाज के दाने खाने से पक्षियों की मौत हो रही है। यदि किसी ने इस दवा का छिड़काव बाहर कर दिया है तो बड़ी समस्या बन सकती है। क्योंकि यहां मवेशी, कुत्ता और पक्षी भी आते है जो जमीन पर पड़े दानों को चुनते है और मवेशी उनको खाते है। सुबह स्थानीय लोगों को अलग-अलग जगह चिड़ियां के शव ढेर के रूप में मिले। कहीं-कहीं मृत पक्षियों की संख्या दो है तो कहीं तीन कहीं पांच है।
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शासकीय वेयर हाउस के मैनेजर कमलेश रैकवार का कहना है वेयर हाउस के अंदर खरीदी का गेहूं, चना और धान रखी हुई है। जिसकी सुरक्षा के लिए उनमें कीटनाशक दवा का छिड़काव पूरी सावधानी से किया जाता है। पक्षियों की मौत कैसे हुई उसकी जानकारी नहीं है। वेयर हाउस में चिड़िया के साथ कबूतर भी रहते है। वहीं पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर हरिकांत बिल्बार का कहना है पक्षियों की मौत कैसे हुई यह जांच का विषय है। मृतक पक्षियों को लैब भेजा जायेगा, क्योंकि पोस्टमार्टम में पूरी पुष्टि नहीं हो सकती।
