Damoh News: एमएलसी के लिए जाना पड़ता है 20 किमी दूर, एसडीएम के निरीक्षण में डॉक्टर भी मिले नदारद
थाना प्रभारी अभिषेक पटेल ने बताया कि तेजगढ़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एमएलसी नहीं होती है। यहां पदस्थ डॉक्टर नदारद रहते हैं। इस वजह से थाने की ओर से एमएलसी कराने तेंदूखेड़ा भेजना पड़ता है। सीबीएमओ डाक्टर बागरी ने भी इस बात को स्वीकार किया है।
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दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लॉक के तेजगढ़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की अनुपस्थिति ने ग्रामीणों और पुलिस को गंभीर परेशानियों में डाल दिया है। यहां तीन डॉक्टर पदस्थ हैं, लेकिन नियमित रूप से ड्यूटी पर कोई मौजूद नहीं रहता। शुक्रवार को तेंदूखेड़ा के एसडीएम सौरभ गंधर्व ने स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया, जहां डॉक्टर अनुपस्थित पाए गए।
तेजगढ़ थाना प्रभारी अभिषेक पटेल ने एसडीएम को जानकारी दी कि डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण घायलों की मेडिकल लीगल केस (एमएलसी) जांच के लिए 20 किलोमीटर दूर तेंदूखेड़ा उप स्वास्थ्य केंद्र भेजना पड़ता है।तेजगढ़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लगभग 50 गांवों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करता है। यहां मरीज रोजाना इलाज के लिए आते हैं, लेकिन डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण उन्हें निजी क्लीनिक या दवाखानों में इलाज कराना पड़ता है। ग्रामीणों के अनुसार स्वास्थ्य केंद्र की सुविधाएं केवल नाम मात्र की हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में गंभीर रूप से घायल मरीजों को मलहम-पट्टी के बाद जिला अस्पताल या तेंदूखेड़ा रेफर कर दिया जाता है। यहां उपलब्ध डॉक्टर केवल गर्भवती महिलाओं का प्रसव कराने तक सीमित रहते हैं।
डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण
- डॉ. प्रियंका शर्मा: तेजगढ़ स्वास्थ्य केंद्र में नियुक्त थीं, लेकिन नियमित नहीं आतीं।
- डॉ. वीरेंद्र लोधी: इनकी पोस्टिंग तेजगढ़ में की गई थी, लेकिन उन्होंने कभी वहां सेवाएं नहीं दीं। वर्तमान में वे तेंदूखेड़ा में कार्यरत हैं।
- डॉ. आरआर बागरी (सीबीएमओ) ने बताया कि वीरेंद्र लोधी को सागर से निर्देश मिलने पर जिले में अटैच किया गया है।
तेजगढ़ थाना प्रभारी ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण पुलिस को हर बार एमएलसी कराने के लिए तेंदूखेड़ा भेजना पड़ता है। यह स्थिति समय और संसाधनों की बर्बादी के साथ-साथ मरीजों के लिए असुविधा का कारण बनती है। ग्रामीणों ने मांग की है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। साथ ही, एमएलसी और अन्य जरूरी चिकित्सा सेवाओं के लिए डॉक्टरों की स्थायी नियुक्ति हो।
एसडीएम ने क्या कहा?
एसडीएम सौरभ गंधर्व ने निरीक्षण के दौरान डॉक्टरों की अनुपस्थिति को गंभीरता से लिया और रिपोर्ट तैयार की। उन्होंने बताया कि यह स्थिति प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा है और इसे ठीक करने के लिए सीएमएचओ को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे। वहीं, सीएमएचओ डॉ. मुकेश जैन ने कहा कि डॉक्टरों की अनुपस्थिति को लेकर नोटिस जारी किए गए हैं। एसडीएम की रिपोर्ट के आधार पर दोषी डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, तेजगढ़।

