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Damoh News: नए साल को यादगार बनाने दमोह में हैं अनोखे पर्यटन स्थल, कर्क रेखा भी यादगार पलों में हुई शामिल
Tue, 31 Dec 2024 03:47 PM IST
दमोह ब्यूरो
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: दमोह ब्यूरो
Updated Tue, 31 Dec 2024 03:47 PM IST
सार
नए साल का जश्न मनाने के लिए दमोह जिले में ऐसे कई पर्यटन स्थल हैं। जहां बुधवार को नए साल का आगाज करने हजारों की संख्या में सैलानी पहुंचेंगे। जिले के जबेरा और तेंदूखेड़ा ब्लॉक में यह पर्यटन स्थल हैं, जहां लोग अपने परिवार के साथ नया साल मनाने पहुंचेंगे।
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यहां पहुंचेंगे सैलानी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
नए साल का जश्न मनाने के लिए दमोह जिले में ऐसे बहुत से पर्यटन स्थल हैं। जहां बुधवार को नए साल का आगाज करने हजारों की संख्या में सैलानी पहुंचेंगे। जिले के जबेरा और तेंदूखेड़ा ब्लॉक में यह पर्यटन स्थल हैं, जहां लोग अपने परिवार के साथ नया साल मनाने पहुंचेंगे। इसमें कर्क रेखा भी इस साल जुड़ गई है, जहां लोग फोटो खिंचाने पहुंचेंगे।
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तेंदूखेड़ा ब्लॉक प्राकृतिक सुंदरता और धरोहरों के लिए पूरे जिले सहित प्रदेश भर में चर्चित है।ब्लॉक में टपका सिद्ध क्षेत्र, किशनगढ़ क्षेत्र, पंडा बाबा के अलावा दोनी मंदिर, कंचनपूरी का हनुमान मंदिर शामिल है। इस वर्ष से वीरांगना टाइगर रिजर्व, निदानकुंड सहित भी अन्य नई जगहों पर नया साल मनाने लोग पहुंचेंगे।
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कर्क रेखा बनी शेल्फी पॉइंट
इस वर्ष से कर्क रखा भी पर्यटन के क्षेत्र में एक नई धरोहर बन गई है, जो तेंदूखेड़ा ब्लॉक में पिंडराई और बगदरी गांव के समीप मुख्य मार्ग से होकर गुजरी है। युवाओं की यह पहली पसंद बन गई है। जब भी लोग इन मार्गों से गुजरते हैं, कर्क रेखा के सूचना पटल के पास रुककर सेल्फी लेते हैं।
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यह है पुरानी धरोहर और सिद्ध क्षेत्र
इसी तरह कोडल का प्राचीन मंदिर है, जहां भगवान शिव की अति प्राचीन पिंडी है और अनेक तरह की पुरानी धरोहर है। यह मंदिर वर्तमान में पुरातत्त्व विभाग के पास है। यहां पर बड़ी संख्या में नए साल के दिन लोग पूरे परिवार के साथ पहुंचते हैं। भगवान शिव की पूजा अर्चना करने के बाद राजाओं-महराजाओं की धरोहरों और उनकी कलाओं को देखते हैं, जो अपने आप में अद्भुत है।
