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MP: 35 लाख की लागत से हो रहे गौरैया नदी के सौंदर्यकरण का भूमि पूजन, पानी सूखा देख मंत्री के भाई ने कही ये बात
Fri, 03 Jan 2025 08:33 AM IST
दमोह ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
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Published by: दमोह ब्यूरो
Updated Fri, 03 Jan 2025 08:33 AM IST
सार
भूमि पूजन करने के बाद पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह के भाई सतेंद्र सिंह ने ठंड में ही गुरैया नदी में पानी कम देखा तो कहा जब नदी में पानी ही नहीं रुकेगा तो सौंदर्यता का क्या महत्व। उन्होंने पानी रोकने के उपाय के बारे में जानकारी ली।
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भूमि पूजन करते मंत्री के भाई
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जिले के तेंदूखेड़ा ब्लाक से निकली गुरैया नदी का अमृत योजना के तहत 35 लाख की लागत से सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। गुरुवार उसका भूमि पूजन हुआ, जिसमें पर्यटन राज्यमंत्री धर्मद्र सिंह लोधी की अनुपस्थिति में उनके छोटे भाई सतेंद्र सिंह लोधी मौजूद रहे।
जिन्होंने नगर परिषद अध्यक्ष सुरेश कुमार जैन व गणमान्य लोगों की मौजूदगी में सौंदर्यीकरण कार्यों का भूमि पूजन किया। इस दौरान पर्यटन मंत्री के भाई ने ठंड में नदी का पानी सूखा देखा तो उन्होंने कहा जब नदी में पानी ही नहीं रुकेगा तो सौंदर्यता का क्या महत्व। उन्होंने मौजूद जनप्रतिनिधियों से पानी रोकने का उपाय पूछा।
ये बोले जनप्रतिनिधि
नगर परिषद अध्यक्ष सुरेश कुमार जैन ने बताया कि गौरैया नदी में एक चेक डैम या फिर छोटे पुल के दरवाजे बंद हो जाते है तो गौरैया नदी में आठ माह आसनी से पानी रुक सकता है। दूसरा उपाय है कि अमवाही जलाशय की नहर रामदेही तक आई है। यदि उसका पानी गौरैया नदी में गिराया जा सके तो बारह माह नदी में पानी रुक सकता है। वर्तमान समय में नहर की दूरी गौरैया नदी से एक किलोमीटर है। जो पाइप लाइन डालकर पूरी की जा सकती है। क्योंकि नदी के पानी का उपयोग दैनिक कार्यों के साथ किसान फसलों के समय उपयोग कर लेते है। जिसके कारण पानी नहीं रुक पाता।
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ये होंगे 35 लाख में कार्य
जिन कार्यों का भूमि पूजन हुआ है। उनमें नदी की एक और की पूरी पिचिंग है। क्योंकि नदी का उस तरफ का भाग पानी के भराव में कटता जा रहा है। यदि उसको शीघ्र नहीं रोका गया तो खेत भी नदी बन जाएंगे। इसलिए पिचिंग का कार्य होना है। पुराने स्टाप डैम की मरम्मत का कार्य होगा। उसके बाजू में घाट बनाये जाएंगे। साथ ही देवी विसर्जन और गणेश विसर्जन के लिए एक रैंप बनाया जायेगा, पौधारोपण होगा।
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जिन्होंने नगर परिषद अध्यक्ष सुरेश कुमार जैन व गणमान्य लोगों की मौजूदगी में सौंदर्यीकरण कार्यों का भूमि पूजन किया। इस दौरान पर्यटन मंत्री के भाई ने ठंड में नदी का पानी सूखा देखा तो उन्होंने कहा जब नदी में पानी ही नहीं रुकेगा तो सौंदर्यता का क्या महत्व। उन्होंने मौजूद जनप्रतिनिधियों से पानी रोकने का उपाय पूछा।
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ये बोले जनप्रतिनिधि
नगर परिषद अध्यक्ष सुरेश कुमार जैन ने बताया कि गौरैया नदी में एक चेक डैम या फिर छोटे पुल के दरवाजे बंद हो जाते है तो गौरैया नदी में आठ माह आसनी से पानी रुक सकता है। दूसरा उपाय है कि अमवाही जलाशय की नहर रामदेही तक आई है। यदि उसका पानी गौरैया नदी में गिराया जा सके तो बारह माह नदी में पानी रुक सकता है। वर्तमान समय में नहर की दूरी गौरैया नदी से एक किलोमीटर है। जो पाइप लाइन डालकर पूरी की जा सकती है। क्योंकि नदी के पानी का उपयोग दैनिक कार्यों के साथ किसान फसलों के समय उपयोग कर लेते है। जिसके कारण पानी नहीं रुक पाता।
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ये होंगे 35 लाख में कार्य
जिन कार्यों का भूमि पूजन हुआ है। उनमें नदी की एक और की पूरी पिचिंग है। क्योंकि नदी का उस तरफ का भाग पानी के भराव में कटता जा रहा है। यदि उसको शीघ्र नहीं रोका गया तो खेत भी नदी बन जाएंगे। इसलिए पिचिंग का कार्य होना है। पुराने स्टाप डैम की मरम्मत का कार्य होगा। उसके बाजू में घाट बनाये जाएंगे। साथ ही देवी विसर्जन और गणेश विसर्जन के लिए एक रैंप बनाया जायेगा, पौधारोपण होगा।
