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Damoh News: बंदरकोला जलाशय में कैद पशुओं को कराया गया मुक्त, निर्दयता करने वाले किसानों पर होगी कार्रवाई
Thu, 15 Aug 2024 05:17 PM IST
दमोह ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: दमोह ब्यूरो
Updated Thu, 15 Aug 2024 05:17 PM IST
सार
मुंडेरी गांव के किसान अपनी फसलों को बचाने के लिए आवारा मवेशियों को जलाशय में कैद कर रहे थे। इसका वीडियो मंगलवार को स्थानीय लोगों ने बनाकर वायरल कर दिया। इसमें जलाशय के उफनते पानी के बीच मवेशी खड़े दिख रहे थे।
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जलाशय की तोड़ी गई बाउंड्री वॉल
विस्तार
दमोह जिले के जबेरा ब्लॉक के मुड़ेरी गांव के किसान अपनी फसलों को बचाने आवारा मवेशियों को बंदकोला के ओवरफ्लो जलाशय के पास कैद कर रहे थे। इससे उनकी जान को खतरा था। कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर को जब किसानों द्वारा बरती जा रही क्रूरता की जानकारी लगी तो उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए मवेशियों को जलाशय से मुक्त कराया और जिस बाउंड्री के अंदर उन्हे कैद कर रखा था उसे गिराया गया। साथ ही मामला दर्ज करने के निर्देश दिए।
दरअसल मुंडेरी गांव के किसान अपनी फसलों को बचाने के लिए आवारा मवेशियों को जलाशय में कैद कर रहे थे। इसका वीडियो मंगलवार को स्थानीय लोगों ने बनाकर वायरल कर दिया। इसमें जलाशय के उफनते पानी के बीच मवेशी खड़े दिख रहे थे। गौचर समस्या के चलते मुड़ेरी गांव के किसान आवारा मवेशियों को बंदरकोला जलाशय ओवरफ्लो की बाउंड्री वॉल के अंदर प्रतिदिन शाम को बंद कर देते थे और सुबह निकाल देते हैं। किसानों का कहना था कि खेतों में खड़ी फसलों की रखवाली आवारा मवेशियों से दिन में तो कर लेते हैं, लेकिन रात्रि में यह आवारा मवेशी फसलों को खा जाते और चौपट कर देते हैं। मवेशियों के आतंक से फसलों को बचाने के लिए ओवरफ्लो की बाउंड्री वॉल में रात्रि में बंद कर देते हैं और सुबह निकाल देते हैं। पानी के बहाव में यह मवेशी न तो खड़े हो पा रहे थे और नही बैठ पा रहे थे। मवेशियों के साथ किसानों के द्वारा यह निर्दयता बरती जा रही थी। ओवरफ्लो के तेज बहाव में बहने से मवेशियों की मौतें भी हो सकती थी।
कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर को बाउंड्री वॉल बनाकर गौवंश को बंधक बनाकर रखने की सूचना प्राप्त हुई थी। इसके बाद उनके निर्देश पर जबेरा तहसीलदार विवेक व्यास, थाना प्रभारी धर्मेंद्र उपाध्याय, पशु चिकित्सक पंकज चौबे, राजस्व अमला, पुलिस अमला, पंचायत अमले के साथ मौके पर पहुंचे। तत्काल जेसीबी बुलाकर संपूर्ण बाड़े को तोड़ा गया तथा अतिक्रमण को मुक्त कराया गया। थाना प्रभारी धर्मेंद्र उपाध्याय ने बताया कि जांच के बाद पशु उत्पीड़न संहिता के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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दरअसल मुंडेरी गांव के किसान अपनी फसलों को बचाने के लिए आवारा मवेशियों को जलाशय में कैद कर रहे थे। इसका वीडियो मंगलवार को स्थानीय लोगों ने बनाकर वायरल कर दिया। इसमें जलाशय के उफनते पानी के बीच मवेशी खड़े दिख रहे थे। गौचर समस्या के चलते मुड़ेरी गांव के किसान आवारा मवेशियों को बंदरकोला जलाशय ओवरफ्लो की बाउंड्री वॉल के अंदर प्रतिदिन शाम को बंद कर देते थे और सुबह निकाल देते हैं। किसानों का कहना था कि खेतों में खड़ी फसलों की रखवाली आवारा मवेशियों से दिन में तो कर लेते हैं, लेकिन रात्रि में यह आवारा मवेशी फसलों को खा जाते और चौपट कर देते हैं। मवेशियों के आतंक से फसलों को बचाने के लिए ओवरफ्लो की बाउंड्री वॉल में रात्रि में बंद कर देते हैं और सुबह निकाल देते हैं। पानी के बहाव में यह मवेशी न तो खड़े हो पा रहे थे और नही बैठ पा रहे थे। मवेशियों के साथ किसानों के द्वारा यह निर्दयता बरती जा रही थी। ओवरफ्लो के तेज बहाव में बहने से मवेशियों की मौतें भी हो सकती थी।
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कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर को बाउंड्री वॉल बनाकर गौवंश को बंधक बनाकर रखने की सूचना प्राप्त हुई थी। इसके बाद उनके निर्देश पर जबेरा तहसीलदार विवेक व्यास, थाना प्रभारी धर्मेंद्र उपाध्याय, पशु चिकित्सक पंकज चौबे, राजस्व अमला, पुलिस अमला, पंचायत अमले के साथ मौके पर पहुंचे। तत्काल जेसीबी बुलाकर संपूर्ण बाड़े को तोड़ा गया तथा अतिक्रमण को मुक्त कराया गया। थाना प्रभारी धर्मेंद्र उपाध्याय ने बताया कि जांच के बाद पशु उत्पीड़न संहिता के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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