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Damoh News: दोनी गांव में बनी सास बहू की बहर से निकला प्राचीन शिव लिंग, लोहे की तरह दिखाई दे रही जलहरी
Tue, 12 Nov 2024 02:10 PM IST
दमोह ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: दमोह ब्यूरो
Updated Tue, 12 Nov 2024 02:10 PM IST
सार
दोनी गांव में सास बहू के नाम से एक प्राचीन बहर है, जिसके जीर्णोद्धार कार्य के दौरान एक शिव लिंग और जलहरी निकली है। जो देखने में काफी अद्भुत लग रही है। ठोकर लगने पर अजीब आवाज आ रही है और देखने में वह लोहे की तरह दिख रही है।
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शिवलिंग
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लॉक के दोनी गांव में प्रसिद्ध हनुमान मंदिर है। इसी गांव में सास बहू के नाम से एक प्राचीन बहर है, जिसके जीर्णोद्धार कार्य के दौरान एक शिव लिंग और जलहरी निकली है, जो देखने में काफी अद्भुत लग रही है। उसमें ठोकर लगने पर अजीब आवाज आ रही है और देखने में वह लोहे की तरह दिखाई दे रही है।
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बता दें कि जब से कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर के निर्देश पर पुरातत्व विभाग के द्वारा इस बहर के जीर्णोद्धार का काम शुरू किया है। तभी से अजीबो गरीब नजारे देखने मिल रहे हैं। खुदाई के दौरान यहां बड़ी संख्या में नागदेव मिले थे। उसके अलावा खुदाई में निकले पत्थरों पर भी नाग देवता बने थे।
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सास बहु के नाम से है बहर
दोनी गांव के समीप आजू बाजू दो बहर है, जो सास बहू के नाम से जानी जाती है। कलेक्टर के निर्देश के बाद सास की बहर का पूरी तरह निर्माण हो चुका है और बहू की बहर का जीर्णोधार कार्य चल रहा है। उसी बहर में पहले भगवान शिव की पिंडी मिली और उसके तीन दिन बाद जलहरी मिली। यह जो जलहरी मिली है वह पत्थर से बनी है, लेकिन देखने में वह लोहे की तरह दिखाई दे रही है। पहले पिंडी और अब जलहरी मिलने के बाद शिवलिंग का पूरा स्वरूप हो गया है। इसलिए अब पाठादो ग्राम पंचायत के सरपंच यहां एक शिव मंदिर का निर्माण करने बाले है। मंदिर निर्माण के बाद शिवलिंग की उस मंदिर में स्थापना होगी। गांव सहित दूरदराज के लोग बहर में मिली सैकड़ों वर्ष प्राचीन पिंडी और जलहरी के दर्शन करने जा रहे हैं।
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ये बोले सरपंच और सीईओ
पाठादो ग्राम पंचायत के सरपंच गोपाल सिंह ठाकुर ने बताया, कलेक्टर के निर्देश पर सास बहू बहर का जीर्णोधार कार्य प्रगति पर है। सास की बहर पूरी तरह बन चुकी है, बहू की बहर के जीर्णोद्धार के समय भगवान शिव की पिंडी और बाद में जलहरी मिली, जिसको अभी दोनी मंदिर परिसर में रखा गया है। मंदिर का निर्माण कराने के बाद उस मंदिर में शिवलिंग की स्थापना होगी।
तेंदूखेड़ा जनपद सीईओ मनीष बागरी ने बताया कि सास बहू की बहर के जीर्णोद्धार में बहू की बहर में शिवलिंग मिले हैं। रानी दुर्गावती पुरातत्व संग्रहालय के परिचायक सुरेन्द्र चौरसिया ने बताया कि सास बहू की बहर का जीर्णोधार हो रहा है। वहां प्राचीन शिवलिंग मिलने की जानकारी मिली है, वह इसके बारे में पता करवाते हैं।
