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Damoh: फर्जी ट्रेडिंग कंपनी की लिंक भेजकर युवती से ऐंठे 42 लाख रुपये, 6 लाख रुपये किए वापस; जानें मामला
Mon, 13 Jan 2025 11:35 AM IST
दमोह ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: दमोह ब्यूरो
Updated Mon, 13 Jan 2025 11:35 AM IST
सार
Damoh: दमोह एसपी श्रृतकीर्ति सोमवंशी ने बताया परिजनों ने 42 लाख रुपए की ठगी के संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। मामले में एफआइआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। छह लाख रुपए रिकवर हो गए हैं।
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थाना हटा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जिले में लगातार ऑनलाइन ठगी की घटनाएं बढ़ती जा रही है। अब जिले के हटा थाना क्षेत्र के कुआंखेड़ा बांजी में 28 वर्षीय युवती से ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। ऑनलाइन फर्जी ट्रेडिंग कंपनी की लिंक भेजकर ठगों द्वारा करीब 42 लाख रुपए की धोखाधड़ी की गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना में लिया है। हालांकि साइबर सेल ने 6 लाख रुपए वापस भी कराए हैं।
शिकायत में युवती ने बताया कि उसके टेलीग्राम पर ग्रुप में मैसेज आया, जिसमें ट्रेडिंग करना होता है। उसमें सबसे पहले 5 हजार रुपए उसके एकाउंट में डाले, उसके बाद 6776 रुपए डाले गए, जिसमें उसे लाभ दिखाई दिया और उसने 110 रुपए निकालकर देखा तो पैसे निकल भी आए। इसके बाद पीड़िता ने लगातार इंवेस्टमेंट के हिसाब से 5-5 हजार रुपए के लगातार ट्रांजेक्शन किए। जिसमें लाभ और हानि दिखाई दिया।
करीब एक माह तक पीड़िता से लगातार पेमेंट कराए गए। पेमेंट निकालने के लिए भी राशि की मांग की गई, लेकिन पीड़िता के खाते में रिटर्न पैसा नहीं आया। पीड़िता ने बताया कि उसके खाते में फायदे का पूरा पैसा दिखने लगा तो उसे पूरा पैसा निकालने के लिए तीन प्रतिशत राशि जमा करने पर 90 हजार पुनः जमा करा लिए। हद तो तब हो गई जब 25 दिसंबर को 3 लाख रुपए का पेमेंट जमा कराया गया और 30 लाख रुपए दिलाने की दिलासा दिया गया। पीड़िता से अज्ञात व्यक्ति ने आईसीई सिंगापुर एवं अन्य फर्जी ट्रेडिंग कंपनी के नाम पर करीब 42 लाख 46 हजार 550 रुपए की ठगी की है। जिस पर हटा पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 318 (4), 338,33 319(2), 6(3) 340 (2) बीएनएस के तहत मामला पंजीबद्धकर विवेचना में लिया है।
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छह लाख रुपए हुए रिकवर
युवती द्वारा इन्वेस्ट किए गए 42 लाख रुपए में से छह लाख रुपए ही रिकवर हो पाए हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक युवती के पिता ने एक मकान बेचा था। उसी राशि को युवती ने फर्जी ग्रुप के माध्यम से शेयर में लगा दिया।
ठगी के आरोपियों के यूपी से जुड़े तार
साइबर जांच में सामने आया है कि फर्जी ग्रुप चलाने वाले ठग यूपी के हैं। साइबर सेल की मदद से आरोपियों तक पुलिस पहुंचने का प्रयास कर रही है। वहीं, ट्रांजेक्शन किस खाते में हुआ है। उसके बारे में पड़ताल जारी है। खाते की डिटेल के आधार पर आरोपी यूपी के बताए जा रहे हैं। दमोह एसपी श्रृतकीर्ति सोमवंशी ने बताया परिजनों ने 42 लाख रुपए की ठगी के संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। मामले में एफआइआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। छह लाख रुपए रिकवर हो गए हैं।
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शिकायत में युवती ने बताया कि उसके टेलीग्राम पर ग्रुप में मैसेज आया, जिसमें ट्रेडिंग करना होता है। उसमें सबसे पहले 5 हजार रुपए उसके एकाउंट में डाले, उसके बाद 6776 रुपए डाले गए, जिसमें उसे लाभ दिखाई दिया और उसने 110 रुपए निकालकर देखा तो पैसे निकल भी आए। इसके बाद पीड़िता ने लगातार इंवेस्टमेंट के हिसाब से 5-5 हजार रुपए के लगातार ट्रांजेक्शन किए। जिसमें लाभ और हानि दिखाई दिया।
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करीब एक माह तक पीड़िता से लगातार पेमेंट कराए गए। पेमेंट निकालने के लिए भी राशि की मांग की गई, लेकिन पीड़िता के खाते में रिटर्न पैसा नहीं आया। पीड़िता ने बताया कि उसके खाते में फायदे का पूरा पैसा दिखने लगा तो उसे पूरा पैसा निकालने के लिए तीन प्रतिशत राशि जमा करने पर 90 हजार पुनः जमा करा लिए। हद तो तब हो गई जब 25 दिसंबर को 3 लाख रुपए का पेमेंट जमा कराया गया और 30 लाख रुपए दिलाने की दिलासा दिया गया। पीड़िता से अज्ञात व्यक्ति ने आईसीई सिंगापुर एवं अन्य फर्जी ट्रेडिंग कंपनी के नाम पर करीब 42 लाख 46 हजार 550 रुपए की ठगी की है। जिस पर हटा पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 318 (4), 338,33 319(2), 6(3) 340 (2) बीएनएस के तहत मामला पंजीबद्धकर विवेचना में लिया है।
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छह लाख रुपए हुए रिकवर
युवती द्वारा इन्वेस्ट किए गए 42 लाख रुपए में से छह लाख रुपए ही रिकवर हो पाए हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक युवती के पिता ने एक मकान बेचा था। उसी राशि को युवती ने फर्जी ग्रुप के माध्यम से शेयर में लगा दिया।
ठगी के आरोपियों के यूपी से जुड़े तार
साइबर जांच में सामने आया है कि फर्जी ग्रुप चलाने वाले ठग यूपी के हैं। साइबर सेल की मदद से आरोपियों तक पुलिस पहुंचने का प्रयास कर रही है। वहीं, ट्रांजेक्शन किस खाते में हुआ है। उसके बारे में पड़ताल जारी है। खाते की डिटेल के आधार पर आरोपी यूपी के बताए जा रहे हैं। दमोह एसपी श्रृतकीर्ति सोमवंशी ने बताया परिजनों ने 42 लाख रुपए की ठगी के संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। मामले में एफआइआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। छह लाख रुपए रिकवर हो गए हैं।
