फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Damoh News ›   Damoh 500 families affected by floods settled in another village they are not getting facilities after 1 year

Damoh: डूब में आए 500 परिवार दूसरे गांव में बसे, रिकॉर्ड में पता न बदलने से 1 साल बाद भी नहीं मिल रही सुविधाएं

Sat, 21 Dec 2024 03:40 PM IST
दमोह ब्यूरो न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह Published by: दमोह ब्यूरो Updated Sat, 21 Dec 2024 03:40 PM IST
सार

नदी के एक तरफ बटियागढ़ ब्लॉक लगता है। डूब क्षेत्र में आने वाले दोनों गांव के लोगों को नदी के दूसरी तरफ कल्याणपुरा में बसाया गया है। यह गांव पथरिया ब्लॉक में आता है। इन लोगों को अभी भी राजस्व रिकॉर्ड में पथरिया ब्लाक में शामिल नहीं किया गया है।

विज्ञापन
Damoh 500 families affected by floods settled in another village they are not getting facilities after 1 year
जलभराव क्षेत्र में अभी भी बने कुछ मकान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दमोह जिले के बटीयागढ़ ब्लॉक स्थित सीतानगर बांध के डूब क्षेत्र में आ रहे चेनपुरा एवं बरखेरा चौपरा गांव के 518 परिवारों को एक साल पहले प्रशासन द्वारा नदी के दूसरी तरफ जगह देकर शिफ्ट कर दिया गया है, लेकिन इन लोगों को एक साल बाद भी यहां पर कोई सुविधाएं नहीं मिल रहीं हैं। राशन सामग्री सहित अन्य शासकीय योजनाओं के लिए नदी पार करके अपने गांव जाना पड़ रहा है।

विज्ञापन


इसकी मुख्य वजह दो ब्लॉक की सीमाएं हैं। नदी के एक तरफ बटियागढ़ ब्लॉक लगता है। यहां के डूब क्षेत्र में आने वाले दोनों गांव के लोगों को नदी के दूसरी तरफ कल्याणपुरा गांव में शिफ्ट किया गया है। यह गांव पथरिया ब्लॉक में आता है, लेकिन इन लोगों को अभी भी राजस्व रिकॉर्ड में पथरिया जनपद में शामिल नहीं किया गया है। जिससे इन लोगों के शासकीय दस्तावेज जैसे निवास प्रमाण पत्र, आधार कार्ड अभी भी बटियागढ़ ब्लॉक में ही दर्ज हैं। साथ ही दोनों ब्लॉक का अनुविभाग एक ही लगता है।
विज्ञापन


चैनपुरा में जल भराव क्षेत्र से 50 मीटर दूर रह रहे लोग
चैनपुरा गांव में छह माह पहले जो दो मंजिला मकान बने थे वह डेम का गेट बंद होने के बाद डूब गए हैं। हालांकि जहां तक पानी पहुंच गया है, वहां के सभी लोग मकान खाली कर चुके हैं। अधिकांश लोग अपने मकानों के दरवाजों व खिड़कियां एवं अन्य सामग्री ले गए हैं। यहां पर बना प्राइमरी व मिडिल स्कूल भवन भी पानी में डूब गया है। केवल आंगनबाड़ी भवन बचा है। यहां अभी भी 50 से अधिक परिवार निवास कर रहे हैं। जो जल भराव क्षेत्र से करीब 50 मीटर दूर हैं। अब यहां के बच्चों के लिए कोई स्कूल की सुविधा नहीं है। केवल आंगनबाड़ी केंद्र में ही छोटे बच्चे पढ़ने जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


100 फीट जल भराव होने पर पुल भी डूब जाएगा
इस बार डेम को 70 फीसदी भर दिया गया है। जिससे यहां पर बने 40 फीट ऊंचे पुल के सभी पिलर पानी में डूब गए है। बताया गया है कि आगामी वर्षों में जब डेम को 100 फीसदी भर दिया जाएगा, तब यह पुल भी डूब जाएगा। यही वजह है कि यहां पर नया पुल भी प्रस्तावित किया गया है, लेकिन उसके बनने में समय लगेगा। दरअसल इसी पुल से दमोह-छतरपुर मार्ग जाता है। ऐसे में जब तक नया पुल नहीं बन जाता तब तक डेम को भी सौ फीसदी नहीं भरा जाएगा।

114 बच्चों को बैठने स्कूल में सिर्फ दो कमरे
कल्याणपुरा गांव में संचालित दोनों स्कूल अभी भी चैनपुरा प्राइमरी व मिडिल स्कूल के नाम से संचालित हैं। प्राइमरी के लिए जो स्कूल भवन बनाया गया है, उसमें कमरों की संख्या केवल दो है, ऐसे में प्राइमरी स्कूल के 114 बच्चों को बैठने के लिए भी पर्याप्त जगह नहीं है।

लोगों ने बताई समस्याएं
ग्रामीण कौशल्याबाई ने बताया कि वह एक साल से कल्याणुपरा में रह रहीं है, लेकिन यहां पर राशन कार्ड नहीं बनाया जा रहा है। पंचायत जाते हैं तो बताया जाता है कि अभी तुम लोगों का निवास स्थान बटियागढ़ ब्लॉक में हैं, इसलिए यहां पर किसी भी योजना का लाभ नहीं मिलेगा। गिरन अहिरवार ने बताया कि दस्तावेजों में अभी भी हम लोग बटियागढ़ में ही रहते हैं। इसलिए लाड़ली लक्ष्मी योजना, वृद्धावस्था पेंशन व राशन के लिए बटियागढ़ भेजा जाता है। जबकि हम लोग एक साल से यहां रह रहे हैं।

रूकमन सौर ने बताया कि सरकार ने यहां पर बसा तो दिया हैं, लेकिन यहां न कोई काम मिल रहा है न कोई योजना का लाभ। गांव में रहते थे तो नदी किनारे रेत निकालकर या गिट्टी फोड़कर जीवन यापन कर लेते थे। यहां कोई सुविधा नहीं है।


कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने कहा मैं एसडीएम से चर्चा कर इस मामले को दिखवा लेता हूं।
सिंचाई विभाग के ईई शुभम अग्रवाल ने कहा कि चैनपुरा व बरखेरा गांव के 518 परिवारों को कल्याणपुरा गांव में विस्थापित किया जा चुका है। इन लोगों को अभी बटियागढ़ ब्लॉक में ही पहले की तरह शासकीय योजनाओं का लाभ मिल रहा है। इन्हें पथरिया ब्लॉक में शामिल करने का काम राजस्व विभाग का है। वहीं के अधिकारी इस बारे में बता पाएंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed