{"_id":"659bebdd3df181e8060b1546","slug":"civil-surgeon-of-damoh-district-hospital-accused-of-harassment-2024-01-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Damoh: सिविल सर्जन पर प्रताड़ना का आरोप, डॉक्टर बोले- टीबी वार्ड में है ड्यूटी भेज देते हैं केज्युल्टी में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Damoh: सिविल सर्जन पर प्रताड़ना का आरोप, डॉक्टर बोले- टीबी वार्ड में है ड्यूटी भेज देते हैं केज्युल्टी में
Mon, 08 Jan 2024 08:54 PM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Mon, 08 Jan 2024 08:54 PM IST
सार
दमोह जिला अस्पताल में इस समय आपसी सामजस्य से काम नहीं हो रहा है। डॉक्टरों में ड्यूटी को लेकर विवाद चल रहा है।
विज्ञापन
दमोह जिला अस्पताल और डॉ. राजीव।
- फोटो : Amar Ujala Digital
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दमोह जिला अस्पताल में इस समय डॉक्टरों और कर्मचारियों के बीच संघर्ष की स्थति बनी हुई है। अस्पताल में पदस्थ मेडिकल ऑफिसर डॉ. राजीव अग्रवाल ने सिविल सर्जन डॉ. राजेश नामदेव और आरएमओ डॉ. विशाल शुक्ला पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। वहीं, सिविल सर्जन डॉ. नामदेव ने डॉ. अग्रवाल को ड्यूटी से अनुपस्थित रहने पर नोटिस जारी किया है। उसके बाद यह बात सामने आ रही है कि जिला अस्पताल में इस समय आपसी सामजस्य से काम नहीं हो रहा है।
विज्ञापन
मेडिकल ऑफिसर के आरोप
मेडिकल ऑफिसर डॉ. राजीव अग्रवाल ने सिविल सर्जन और आरएमओ पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए कलेक्टर को शिकायत की है। साथ ही अपना रिजाइन भी लिख दिया है। उन्होंने कहा कि वह क्लास सेकेंड अधिकारी हैं और भोपाल से जारी आदेश में उनकी ड्यूटी टीबी वार्ड में लगाई गई है। इसके बाद भी यह दोनों अधिकारी जबरदस्ती केज्युल्टी में उनकी ड्यूटी लगा देते हैं, जो गलत है।
विज्ञापन
ड्यूटी टीबी वार्ड में भेज रहे केज्युल्टी में
उन्होंने कहा कि शासन से जारी आदेश में उन्हें टीबी वार्ड में नियुक्त किया गया है, लेकिन इसके बाद भी यह लोग दवाब बनाते हुए केज्युल्टी में ड्यूटी लगा रहे हैं। इसकी सूचना उन्होंने सीएमएचओ को भी दी है और कहा है कि वह केज्युल्टी की ड्यूटी नहीं करेंगे। शासन के आदेश के तहत ही अपनी सेवाएं देंगे। पांच जनवरी को भी उनकी ड्यूटी केज्युल्टी में लगाई गई थी, लेकिन वह टीबी वार्ड में मौजूद रहे। इसके बाद भी उन्हे नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने अपना जवाब भी दे दिया है। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने प्रताड़ना से परेशान होकर अपना रिजाइन लिख दिया है। सीएमएचओ को एक माह पहले सूचित कर दिया है कि वह फरवरी माह से जिला अस्पताल में सेवाएं नहीं देंगे।
विज्ञापन
सिविल सर्जन बोले- वो ड्यूटी से थे अनुपस्थित
वहीं, सिविल सर्जन डॉ. राजेश नामदेव ने जो नोटिस जारी किया है, उसमें लिखा है कि डॉक्टरों की कमी के चलते पांच जनवरी को डॉ. राजीव अग्रवाल की ड्यूटी केज्युल्टी वार्ड में सुबह आठ से दो बजे तक लगाई गई थी, लेकिन वह अपनी ड्यूटी पर उपस्थित नहीं हुए। स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ा महत्वपूर्ण कार्य करीब दो घंटे तक बाधित रहा और वैकल्पिक व्यवस्था बनानी पड़ी। इसलिए नोटिस जारी कर 24 घंटे में जवाब देने के लिए कहा है। समय सीमा में जवाब न देने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस नोटिस के जवाब में डॉ. राजीव अग्रवाल का कहना है कि उन्होंने अपना जवाब दे दिया है और अब वह प्रताड़ित होकर नौकरी नहीं कर सकते। इसलिए अपना रिजाइन भी सीएमएचओ के पास भेज दिया है।
