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Veerangana Tiger Reserve: बाघों की सुरक्षा में लगा हाथी ‘नील’ नदी में फंसा, विश्व हाथी दिवस पर मिला नया जीवन
Tue, 12 Aug 2025 06:12 PM IST
दमोह ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: दमोह ब्यूरो
Updated Tue, 12 Aug 2025 06:12 PM IST
सार
Veerangana Tiger Reserve: टाइगर रिजर्व के एसडीओ बीपी तिवारी ने पुष्टि की कि नील सुरक्षित है और पूरी तरह स्वस्थ है। उन्होंने कहा कि विश्व हाथी दिवस के दिन यह रेस्क्यू अभियान वन विभाग के लिए खास और यादगार बन गया।
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हथिनी चंदा की मदद से बचाया गया हाथी नील
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दमोह जिले के वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में मंगलवार को विश्व हाथी दिवस के मौके पर एक अनोखा और प्रेरणादायक रेस्क्यू अभियान देखने को मिला। यहां बाघों की सुरक्षा में तैनात नर हाथी ‘नील’ बामनेर नदी में फंस गया था। उसके पैर की सांकल नदी में पड़ी लकड़ी में उलझ गई थी, जिससे वह खुद को छुड़ा नहीं पा रहा था। खतरे की स्थिति को देखते हुए वन विभाग की टीम ने हथिनी ‘चंदा’ की मदद से नील को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता पाई।
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सुरक्षा ड्यूटी के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, सोमवार शाम नील हाथी बामनेर नदी के किनारे झाड़ियां खा रहा था। इसी दौरान वह अचानक नदी में उतर गया और उसके पैर में पड़ी सांकल लकड़ी में फंस गई। जब चौकीदारों को नील दिखाई नहीं दिया, तो उन्होंने खोज शुरू की और आखिरकार वह नदी में फंसा मिला। मंगलवार सुबह वन विभाग का अमला मौके पर पहुंचा और हथिनी चंदा के सहयोग से घंटों की मेहनत के बाद नील को नदी से बाहर निकाल लिया।
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तेज बारिश और उफान पर नदियां
इस समय टाइगर रिजर्व के जंगली इलाके में लगातार बारिश हो रही है, जिससे बामनेर नदी उफान पर है। जिस जगह नील फंसा था, उसे मगरऊ घाट कहा जाता है, जो सर्रा रेंज, सिंगपुर और नौरादेही रेंज की सीमा पर स्थित है। हाल ही में ब्यारमा नदी में अचानक पानी आने से तेंदूखेड़ा ब्लॉक के 18 गांवों में बाढ़ आ गई थी और इसी बारिश के कारण बामनेर नदी का बहाव भी तेज हो गया है।
24 से अधिक बाघों की सुरक्षा इन दो हाथियों के भरोसे
वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में फिलहाल 24 से अधिक बाघ मौजूद हैं। इनमें से एक या दो बाघों को ही कॉलर आईडी लगी है, बाकी की निगरानी हाथियों के माध्यम से होती है। नील (नर) और चंदा (मादा) ही इस जिम्मेदारी को निभा रहे हैं। ऐसे में नील का सुरक्षित निकलना वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है।
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टाइगर रिजर्व के एसडीओ बीपी तिवारी ने पुष्टि की कि नील सुरक्षित है और पूरी तरह स्वस्थ है। उन्होंने कहा कि विश्व हाथी दिवस के दिन यह रेस्क्यू अभियान वन विभाग के लिए खास और यादगार बन गया। वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि तेज बारिश से जंगल में भी काफी नुकसान हुआ है और सतधरू का पुल भी मंगलवार सुबह से डूबा हुआ है।
