हत्यारा घूमता रहा खुलेआम क्योंकि दारोगा जी को नहीं आती थी अंग्रेजी
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एक आदमी की अपनी बीवी से लड़ाई हुई, गुस्से में उसने अपनी पत्नी का कत्ल कर दिया, इसके बाद भी वो आराम से खुलेआम घूमता रहा क्योंकि जिस पुलिसवाले को केस की जांच सौंपी गई थी उसे अंग्रेजी नहीं आती थी।
फिलहाल उस पुलिसवाले के खिलाफ जांच चल रही है, उसने मान लिया है उसकी खराब अंग्रेजी के कारण ये पूरा वाकया घटा। गलती उस डॉक्टर की भी रही जिसने लाश का पोस्टमॉर्टम किया। उसकी खराब हैंडराइटिंग के कारण भी पुलिसवाला रिपोर्ट ठीक से नहीं पढ़ पाया।
आखिर क्या था पूरा मामला
10 जुलाई 2012, यही व तारीख थी जब छोटेलाल गौड़ ने अपनी पत्नी पार्वता का कत्ल किया और लाश को पहाडी पर से फेंक दिया। लाश मिलने के बाद जांच अधिकारी सीडी पानेरिया ने उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में लिखा था कि गले की हड्डी टूटने के कारण हार्ट फेल हो गया और यही मौत का कारण है। पानेरिया ने जो अपने बचाव में कहा उसके मुताबिक,"मुझे केवल हार्ट फेल के कारण मौत समझ में आया। उसके पहले के शब्द ना मैंने कभी सुने थे और ना ही मैं उन्हें पढ़ पाया। वो ठीक से लिखे नहीं गए थे।"
इसी वजह से उसने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि पार्वता की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई है और इस मामले में किसी पर शक की कोई गुंजाईश नहीं है।
कैसे खुला मामला
मामले में मोड़ उस वक्त आया जब मृतका का भाई देवी सिंह एएसपी जबलपुर महेश चंद्र जैन के दफ्तर पहुंच गया। उसने बताया कि मरने वाली के शरीर पर चोटों के काफी निशान मौजूद थे जिनको जांच अधिकारी ने अनदेखा कर दिया।
जांच के दौरान पोस्टमार्टम रिपोर्ट बाहर आई और सामना हुआ इस हैरान कर देने वाले सच से। पुलिस ने छोटेलाल के खिलाफ मामला दर्ज किया और उसने पूछताछ में सारा सच उगल दिया।
