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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Congress attacker on Guna incident: Kamal Nath raised questions on law and order, Govind Singh sought resignation from Home Minister

Policemen killed in Guna: कमलनाथ ने उठाए कानून व्यवस्था पर सवाल, गोविंद सिंह ने मांगा गृह मंत्री से इस्तीफा

Sat, 14 May 2022 06:00 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Sat, 14 May 2022 06:00 PM IST
सार

मध्य प्रदेश के गुना जिले में पुलिस और शिकारियों की मुठभेड़ में तीन पुलिसकर्मियों की मौत मामले पर कांग्रेस शिवराज सरकार पर हमलावर है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए है, वहीं नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने कहा कि यह शिवराज नहीं गुंडाराज का प्रमाण है। उन्होंने गृहमंत्री से इस्तीफा मांगा।

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Congress attacker on Guna incident: Kamal Nath raised questions on law and order, Govind Singh sought resignation from Home Minister
कमलनाथ ने उठाए कानून व्यवस्था पर सवाल, गोविंद सिंह ने मांगा गृह मंत्री से इस्तीफा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश के गुना जिले में पुलिस और शिकारियों की मुठभेड़ में तीन पुलिसकर्मियों की मौत मामले पर कांग्रेस शिवराज सरकार पर हमलावर है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए है, वहीं नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने कहा कि यह शिवराज नहीं गुंडाराज का प्रमाण है। उन्होंने गृहमंत्री से इस्तीफा मांगा।

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प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि मध्य प्रदेश के गुना में शिकारियों की गोलीबारी से हुई तीन पुलिसकर्मियों की मौत की घटना पीड़ादायक और दुखद है। निश्चित तौर पर अपने कर्तव्य पालन के लिए इन पुलिसकर्मियों ने अपनी शहादत दी है। इनकी शहादत को मैं नमन करता हूं। इनकी शहादत व्यर्थ नही जाएगी, लेकिन हमें यह भी देखना होगा कि आखिर शिवराज सरकार में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद क्यों हैं?

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कमलनाथ ने कहा कि सरेआम अपराधी पुलिसकर्मियों की हत्या कर रहे हैं? जंगल में बेखौफ होकर शिकार कर रहे हैं? प्रदेश की कानून व्यवस्था की स्थिति इतनी लचर क्यों है, ज़िम्मेदार आखिर कहां हैं? हर घटना के बाद जागना सरकार की आदत बन चुका है। आज सभी तरह के माफिया प्रदेश में सक्रिय हैं। चाहे भूमाफिया हों, वन माफिया, शराब माफिया हों, रेत माफिया हों, सभी के हौसले बुलंद हैं। माफियाओं को जमीन में गाड़ने की घोषणा हवा- हवाई साबित हो चुकी है। यदि सरकार का कानून व्यवस्था पर व अपराधियों पर नियंत्रण होता तो इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता था। कमलनाथ ने कहा कि हमारे पुलिसकर्मियों की शहादत बचाई जा सकती थी। इस घटना के दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो और भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति ना हो, इसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं।

गृहमंत्री नैतिकता के नाते इस्तीफा दें 
नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने कहा कि तीन पुलिसकर्मियों की हत्या “शिवराज नहीं-गुंडाराज” का प्रमाण! है। उन्होंने कहा कि जब पुलिस ही असुरक्षित है तो आमजन की सुरक्षा कौन करेगा? जो गृहमंत्री अपने ही कर्मियों की रक्षा नहीं कर सके, वे नैतिकता के नाते दें इस्तीफा।

अपराधियों को कठोर सजा दें 
पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने भी पूरी घटना की निंदा की। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की जांच कर अपराधियों को कठोर से कठोर सजा देने की बात कही। उन्होंने मृतकों के परिवार को पर्याप्त मुआवजा, उनके सेवानिवृत्त होने के समय तक का पूरा वेतन, उनके बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा व एक परिवार जन को शासकीय अनुकंपा नियुक्ति देने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह हमारे गुना जिले के लिए शर्म की बात है।

बता दें गुना जिले के आरोन थाना क्षेत्र के जंगल में शुक्रवार रात पुलिस और शिकारियों के बीच मुठभेड़ हुई। इसमें शिकारियों ने पुलिस को गोलियों से भून दिया। घटना में एक एसआई, एक हेडकांस्टेबल और एक कांस्टेबल की मौत हो गई।
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