शिवराज ने कराया मानहानि का केस दर्ज
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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज कराया है। जिसमें 26 जून को भोपाल में सुनवाई होनी है।
व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) घोटाले में अपना और अपने परिजनों का नाम घसीटे जाने से नाराज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ये कार्रवाई की।
परिवाद पत्र में उन्होंने कांग्रेस प्रवक्ता के आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है।
26 जून को होगी सुनवाई
मुख्यमंत्री की ओर से लोक अभियोजक आनंद तिवारी ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुषमा खोसला की अदालत में मानहानि को लेकर परिवाद पत्र पेश किया। न्यायाधीश ने इस पर सुनवाई के लिए 26 जून की तारीख निर्धारित की है।
दायर किए गए परिवाद पत्र में कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा की ओर से लगाए गए आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है। साथ ही कहा गया कि परिवहन विभाग में निरीक्षक पद पर सीधी नियुक्ति नहीं की जाती है।
बल्कि परिवहन विभाग की ओर से व्यापम के माध्यम से आरक्षकों की नियुक्ति के लिए परीक्षा आयोजित करवाई गई थी।
कांग्रेस प्रवक्ता अपने बयान पर कायम
यह भी कहा गया कि मिश्रा की ओर से लगाए आरोपों में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मामा का नाम लिया गया है, जबकि उनके मामा रणधीर सिंह का वर्षों पहले निधन हो चुका है।
इसमें यह भी बताया गया कि अगर इस मामले में मुख्यमंत्री या उनके परिजनों का हाथ होता तो इसकी जांच के लिए सरकार विशेष कार्यबल गठित नहीं करती।
दूसरी ओर कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा ने पूरे मामले पर कहा, "वह अपने आरोपों पर कायम हैं और पूरे मामले का अदालत में जवाब देंगे।"
