फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Man accused of grabbing Rs 16 lakh by showing temple as community building

गजब है एमपी: छिंदवाड़ा में भ्रष्टाचार का बड़ा खेल, चंदे से बन रहे मंदिर को सामुदायिक भवन बताकर निकाले 16 लाख

Thu, 27 Nov 2025 08:06 PM IST
छिंदवाड़ा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा Published by: छिंदवाड़ा ब्यूरो Updated Thu, 27 Nov 2025 08:06 PM IST
सार

Chhindwara: कलेक्टर हरेंद्र नारायण ने जांच रिपोर्ट के आधार पर जनपद पंचायत के CEO, सरपंच, तकनीकी अधिकारी व अन्य कर्मचारियों सहित छह जिम्मेदारों पर वसूली और विभागीय कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। उनका कहना है कि सरकारी धन के दुरुपयोग पर सख्त कार्रवाई होगी।

विज्ञापन
Man accused of grabbing Rs 16 lakh by showing temple as community building
भ्रष्टाचार की इमारत - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

छिंदवाड़ा के जुन्नारदेव जनपद पंचायत में विधायक निधि से स्वीकृत मंगल भवन निर्माण में भारी अनियमितताएं सामने आई हैं। जांच में पाया गया कि ₹24 लाख की राशि स्वीकृत होने के बावजूद स्थल पर भवन मौजूद नहीं है, बल्कि चंदे से बन रहे शिव मंदिर का अधूरा ढांचा मात्र दिखाई दिया। आरोप है कि इसमें लगभग ₹16 लाख कागज़ों पर खर्च दिखाकर राशि निकाल ली गई।

विज्ञापन

साइट निरीक्षण में पाया गया कि जमीन पर केवल 15 खंभों का स्ट्रक्चर है, जिसे ग्रामीणों ने अपनी जेब से चंदा जुटाकर बनाया था। इसके बावजूद रिकॉर्ड में इसे मंगल भवन प्रगति पर बताया जाता रहा, जिससे गड़बड़ी छिपाने की कोशिश साफ दिखाई देती है। कलेक्टर हरेंद्र नारायण ने जांच रिपोर्ट के आधार पर जनपद पंचायत के CEO, सरपंच, तकनीकी अधिकारी व अन्य कर्मचारियों सहित छह जिम्मेदारों पर वसूली और विभागीय कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। उनका कहना है कि सरकारी धन के दुरुपयोग पर सख्त कार्रवाई होगी। 

विज्ञापन


पढ़ें: एसआईआर सर्वे से लौट रहे दो बीएलओ सड़क हादसे में घायल, एक जबलपुर रेफर; जानें

विज्ञापन
विज्ञापन

इसी बीच सोशल मीडिया पर एक दावा वायरल हुआ कि निर्माण में इस्तेमाल एक बोरी सीमेंट की कीमत ₹1.92 लाख दिखाई गई। जिला पंचायत CEO ने इसे भ्रामक बताते हुए स्पष्ट किया कि ₹1.92 लाख 600 बोरी सीमेंट की कुल राशि है, जिसमें जीएसटी शामिल है। साथ ही यह भी स्वीकार किया कि भवन स्वीकृत डिजाइन के अनुसार नहीं बना, जो गंभीर लापरवाही है। ग्रामीणों ने भी मामले पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि मंदिर निर्माण उन्होंने चंदे से किया, जबकि सरकारी फाइलों में इसे भवन निर्माण दिखाकर लाखों रुपए निकाल लिए गए। यह सीधा घोटाला है।


विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed